‘नरक में जाएगी ऐसी सरकार!’ शंकराचार्य का बड़ा हमला, CM योगी को लेकर भी कह दी चौंकाने वाली बात

उत्तर प्रदेश: के मैनपुरी जिले के करहल क्षेत्र में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा सरकार और गोरक्षा के मुद्दे पर तीखा हमला बोलते हुए कई बड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि जो सरकार गाय की रक्षा नहीं करती, उसे जनता के साथ-साथ इतिहास भी माफ नहीं करेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसी सरकार नरक में जाएगी।

शंकराचार्य का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में गोरक्षा, धार्मिक आस्था और राजनीति को लेकर बहस तेज है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की दोहराई मांग

करहल के मीठेपुर स्थित एक कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं में गाय का विशेष स्थान है। इसलिए गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्षों से वे इस मांग को लेकर अभियान चला रहे हैं और समाज के विभिन्न वर्गों का उन्हें समर्थन भी मिल रहा है। उनका मानना है कि केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और कार्यों से गोरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

भाजपा पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने भाजपा पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने वर्षों तक गाय के नाम पर राजनीति की और जनता का समर्थन हासिल किया, लेकिन सत्ता में आने के बाद गोरक्षा को लेकर अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि गाय के नाम पर वोट मांगने वालों ने गायों के संरक्षण, उनके आश्रय और देखभाल के लिए पर्याप्त कार्य नहीं किया। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों और सड़कों पर बड़ी संख्या में बेसहारा पशु दिखाई देते हैं।

'नरक में जाएगी ऐसी सरकार!' शंकराचार्य का बड़ा हमला, CM योगी को लेकर भी कह दी चौंकाने वाली बात
‘नरक में जाएगी ऐसी सरकार!’ शंकराचार्य का बड़ा हमला, CM योगी को लेकर भी कह दी चौंकाने वाली बात

“योगी अब योगी नहीं, मुख्यमंत्री हैं”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि वे अब केवल योगी नहीं बल्कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री हैं। इसलिए उनसे जनता और संत समाज की अपेक्षाएं भी अधिक हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2016 में योगी आदित्यनाथ ने स्वयं गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की बात कही थी। ऐसे में अब सरकार को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।

उनका यह बयान राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि योगी आदित्यनाथ की पहचान एक हिंदुत्ववादी नेता और गोरक्षा समर्थक के रूप में भी रही है।

राजनीति में आने से किया इनकार

शंकराचार्य ने राजनीति में प्रवेश की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक व्यक्तियों को सत्ता और राजनीतिक पदों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

उनके अनुसार, संत समाज का काम समाज को दिशा देना और नैतिक मूल्यों की रक्षा करना है, न कि राजनीतिक सत्ता हासिल करना।

कन्नौज प्रकरण पर भी जताई नाराजगी

कन्नौज में रुकने की अनुमति नहीं मिलने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति “अतिथि देवो भव” का संदेश देती है। यदि किसी अतिथि के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं होता तो यह हमारी सांस्कृतिक परंपराओं के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं भारतीय सभ्यता और संस्कारों को कमजोर करती हैं।

समर्थकों और श्रद्धालुओं की रही भारी मौजूदगी

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूर्व एमएलसी अरविंद प्रताप यादव सहित कई प्रमुख लोगों ने शंकराचार्य का स्वागत किया।

श्रद्धालुओं ने उनके प्रवचनों को ध्यानपूर्वक सुना और गोरक्षा, संस्कृति तथा धार्मिक मूल्यों पर उनके विचारों का समर्थन किया।

मैनपुरी के करहल में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बयान ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों क्षेत्रों में नई बहस को जन्म दे दिया है। गोरक्षा, गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर उनकी टिप्पणी आने वाले दिनों में चर्चा का विषय बनी रह सकती है। फिलहाल उनके बयान ने भाजपा और संत समाज के संबंधों को लेकर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *