टेलीग्राम-व्हाट्सएप से रचा करोड़ों का खेल! सोशल मीडिया टिप्स देकर ₹20 करोड़ कमाने वाला परिवार SEBI के शिकंजे में

सोशल मीडिया: के दौर में जहां लोग निवेश की सलाह लेने के लिए टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर तेजी से भरोसा कर रहे हैं, वहीं अब इसी डिजिटल दुनिया का एक खतरनाक चेहरा सामने आया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक ऐसे परिवार के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है, जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर शेयर बाजार में करोड़ों का खेल खेला।

सेबी के मुताबिक एक ही परिवार के सात लोगों ने मिलकर छोटे निवेशकों को प्रभावित करने और शेयरों की कीमतों में कृत्रिम उछाल पैदा करने की साजिश रची। आरोप है कि इन लोगों ने पहले खुद सस्ते दामों में शेयर खरीदे और फिर सोशल मीडिया पर उन शेयरों को “मल्टीबैगर”, “रॉकेट स्टॉक” और “अगला बड़ा मौका” बताकर बड़े पैमाने पर प्रचार किया। जैसे ही आम निवेशकों ने खरीदारी शुरू की, शेयरों की कीमतें तेजी से बढ़ीं और आरोपी भारी मुनाफा कमाकर बाहर निकल गए।

सोशल मीडिया बना ‘मायाजाल’

सेबी की जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क टेलीग्राम चैनल, व्हाट्सएप ग्रुप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट्स के जरिए संचालित किया जा रहा था। इन प्लेटफॉर्म्स पर हजारों फॉलोअर्स और निवेशकों को लगातार शेयर बाजार से जुड़े टिप्स दिए जाते थे।

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों को निशाना बनाते थे क्योंकि इन शेयरों में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम होने के कारण कीमतों को प्रभावित करना आसान होता है। पहले आरोपी खुद बड़ी मात्रा में शेयर खरीद लेते थे और फिर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को खरीदारी के लिए उकसाते थे।

ऐसे चलता था पूरा खेल

सेबी के आदेश के मुताबिक आरोपी पहले चुनिंदा शेयरों में चुपचाप निवेश करते थे। इसके बाद सोशल मीडिया पोस्ट, फॉरवर्ड मैसेज, टिप्स और “इनसाइड जानकारी” के नाम पर शेयरों की सिफारिशें की जाती थीं। इन संदेशों में दावा किया जाता था कि संबंधित शेयर जल्द कई गुना रिटर्न देंगे।

छोटे निवेशक इन टिप्स पर भरोसा कर शेयर खरीदना शुरू कर देते थे। अचानक बढ़ती मांग के कारण शेयरों की कीमतें ऊपर चली जाती थीं। जैसे ही भाव ऊंचे स्तर पर पहुंचते, आरोपी अपने शेयर बेचकर भारी मुनाफा कमा लेते थे।

सेबी के अनुसार, इस तरीके से परिवार ने करीब 20.25 करोड़ रुपए का अवैध लाभ कमाया। जांच में यह भी सामने आया कि जांच अवधि के दौरान कुल 82 शेयरों में इस तरह की गतिविधियां की गईं।

SEBI ने लगाए गंभीर आरोप

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि पहली नजर में यह मामला धोखाधड़ी, बाजार में हेरफेर और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों का प्रतीत होता है। नियामक संस्था का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर शेयरों की कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए निवेशकों को गुमराह किया।

सेबी ने इन लोगों के खिलाफ कई प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। साथ ही अवैध तरीके से कमाए गए मुनाफे को वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

छोटे निवेशकों के लिए बड़ा सबक

यह मामला उन लाखों छोटे निवेशकों के लिए चेतावनी है जो सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले स्टॉक टिप्स पर आंख बंद करके भरोसा कर लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार “गुरु”, “स्टॉक एक्सपर्ट” या “इनसाइडर टिप्स” के नाम पर निवेशकों को फंसाया जाता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, बिजनेस मॉडल और बाजार जोखिमों की जांच जरूर करनी चाहिए। केवल सोशल मीडिया पोस्ट देखकर निवेश करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन निवेश फ्रॉड

बीते कुछ वर्षों में ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही फर्जी स्टॉक टिप्स, पंप एंड डंप स्कीम और सोशल मीडिया आधारित शेयर फ्रॉड के मामले भी बढ़े हैं। सेबी लगातार ऐसे मामलों पर नजर रख रही है और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है।

SEBI की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सोशल मीडिया के जरिए शेयर बाजार में हेरफेर करने वालों पर अब सख्त नजर रखी जा रही है। निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे किसी भी वायरल टिप या “गारंटीड रिटर्न” वाले दावों से सावधान रहें और सोच-समझकर निवेश करें।

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