गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम स्थित कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर शनिवार देर रात एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार कंटेनर के आगे चल रहे कैंटर से टकराने के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि कंटेनर चालक केबिन में ही फंस गया और बाहर निकलने का मौका नहीं मिलने के कारण जिंदा जल गया।
हादसा रात करीब 1:30 बजे पटौदी टोल से फर्रुखनगर टोल की ओर जाने वाले मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही सेकंड में दोनों वाहनों से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते पूरा कंटेनर आग के गोले में तब्दील हो गया।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के अनुसार एक कैंटर एक्सप्रेसवे पर फर्रुखनगर की दिशा में जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहा एक कंटेनर अनियंत्रित होकर कैंटर से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
बताया गया है कि कैंटर में प्लास्टिक और कपड़े का कबाड़ भरा हुआ था। ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में दोनों वाहन उसकी चपेट में आ गए।
केबिन में फंस गया चालक
हादसे के बाद कंटेनर का चालक केबिन में फंस गया। टक्कर के कारण वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे चालक बाहर नहीं निकल सका। आग तेजी से फैलती चली गई और चालक को बचने का कोई मौका नहीं मिला।
स्थानीय लोगों ने चालक को निकालने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोई भी वाहन के पास नहीं पहुंच सका।

उन्नाव के दीपू की दर्दनाक मौत
पुलिस जांच में मृत चालक की पहचान उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के करजोरा गांव निवासी दीपू के रूप में हुई है। हादसे के समय वह कंटेनर चला रहा था।
आग इतनी भयानक थी कि चालक का पूरा शरीर जल गया और शव कंकाल जैसी स्थिति में पहुंच गया। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि मौके पर मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और दमकल
हादसे की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और फर्रुखनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
करीब कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वाहन पूरी तरह ठंडे हुए, जिसके बाद पुलिस ने चालक के अवशेषों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए गुरुग्राम की मोर्चरी भेज दिया।
परिवार को दी गई सूचना
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। परिवार के गुरुग्राम पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
इस दुखद खबर के बाद मृतक के गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है।
जांच में जुटी पुलिस
फर्रुखनगर थाना पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
फर्रुखनगर थाना के एएसआई संजय ने बताया कि हादसे के संबंध में जांच जारी है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की सुरक्षा और रात्रिकालीन यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी के वाहन चालकों के लिए नियमित विश्राम, वाहन फिटनेस और गति नियंत्रण जैसे उपायों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
गुरुग्राम के केएमपी एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा सड़क दुर्घटनाओं के भयावह परिणामों की एक दर्दनाक मिसाल बन गया। एक मामूली टक्कर कुछ ही क्षणों में आग के भीषण हादसे में बदल गई और उन्नाव निवासी चालक दीपू की जान चली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।