Kurukshetra: में साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाने के लिए एक नया और बेहद चालाक तरीका अपनाया है। इस बार ठगों ने ‘कॉकरोच नेशनल पार्टी’ नाम से फर्जी लिंक भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया है।
साइबर विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कोई असली राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि ऑनलाइन ठगी का नया हथकंडा है। लोगों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसे लिंक भेजे जा रहे हैं, जिनमें लिखा होता है— “कॉकरोच नेशनल पार्टी जॉइन करें”, “मेंबर बनें और इनाम पाएं” या “देश बदलने वाले अभियान से जुड़ें”।
पहली नजर में यह लिंक मजाकिया या मनोरंजक लग सकता है, लेकिन इसके पीछे साइबर अपराधियों का खतरनाक जाल छिपा हुआ है।
कैसे काम कर रहा है यह नया साइबर फ्रॉड?
जानकारी के मुताबिक साइबर ठग इंटरनेट मीडिया, व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग एप्स के जरिए लोगों को यह लिंक भेज रहे हैं।
जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, उसे एक वेबसाइट या फॉर्म पर ले जाया जाता है जहां मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल्स, ओटीपी या अन्य निजी जानकारी मांगी जाती है।
कई मामलों में तो सिर्फ लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जिससे साइबर अपराधियों को फोन का एक्सेस मिल सकता है।
इसके बाद बैंक खातों से पैसे गायब होने, सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने और निजी डाटा चोरी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

मजाकिया नाम का उठाया जा रहा फायदा
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि “कॉकरोच नेशनल पार्टी” जैसा नाम जानबूझकर चुना गया है ताकि लोग जिज्ञासा या मजाक में लिंक खोल दें।
विशेषज्ञों के मुताबिक साइबर अपराधी अब लोगों की मानसिकता और ऑनलाइन व्यवहार का अध्ययन करके नए तरीके तैयार कर रहे हैं।
पहले जहां लॉटरी, केवाईसी अपडेट और बैंक अलर्ट के नाम पर ठगी होती थी, अब फर्जी राजनीतिक अभियान, सोशल मीडिया ट्रेंड और वायरल कंटेंट के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
पुलिस ने जारी की चेतावनी
Haryana Police और साइबर सेल ने लोगों को ऐसे संदिग्ध लिंक से दूर रहने की सलाह दी है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।
यदि कोई लिंक मोबाइल नंबर, ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी मांगता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
ऐसे करें खुद को सुरक्षित
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है—
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
- मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट रखें
- ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें
- संदिग्ध वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी दर्ज न करें
- बैंक खाते से जुड़ा अलर्ट तुरंत जांचें
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें
मोबाइल हैकिंग का भी खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे लिंक सिर्फ बैंक फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं।
कई बार इन लिंक्स के जरिए मोबाइल में स्पाइवेयर या रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल कर दिए जाते हैं। इससे साइबर अपराधी मोबाइल का कैमरा, मैसेज, फोटो और यहां तक कि बैंकिंग एप्स तक एक्सेस हासिल कर सकते हैं।
बढ़ रहे हैं डिजिटल फ्रॉड के मामले
देशभर में डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग बढ़ने के साथ साइबर अपराधों के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
Indian Cyber Crime Coordination Centre की रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन फ्रॉड और फिशिंग हमलों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
साइबर अपराधी अब आम लोगों को निशाना बनाने के लिए सोशल इंजीनियरिंग, फर्जी वेबसाइट्स और वायरल कंटेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
युवाओं और बुजुर्गों को बनाया जा रहा टारगेट
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फ्रॉड में खासतौर पर युवा और बुजुर्ग सबसे ज्यादा शिकार बनते हैं।
युवा वायरल ट्रेंड और सोशल मीडिया लिंक पर जल्दी क्लिक कर देते हैं, जबकि बुजुर्ग लोग तकनीकी जानकारी की कमी के कारण आसानी से झांसे में आ जाते हैं।
‘कॉकरोच नेशनल पार्टी’ के नाम पर चल रहा यह साइबर फ्रॉड दिखाता है कि ऑनलाइन ठगी के तरीके कितने तेजी से बदल रहे हैं। एक छोटी सी लापरवाही बैंक खाता खाली कर सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सतर्क रहें और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें।