गुजरात: के औद्योगिक शहर वडोदरा के मकरपुरा इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। महज़ 24 घंटे के भीतर दो प्रवासी दोस्तों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती; इस मामले में सबसे बड़ा और खौफनाक मोड़ तब आया जब पता चला कि इसी ग्रुप के एक तीसरे दोस्त ने दो दिन पहले बिहार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एक ही दोस्त मंडली के तीन युवकों की इस तरह सिलसिलेवार ढंग से हुई मौतों ने इलाके में सनसनी फैला दी है। हर कोई यही पूछ रहा है— आखिर ऐसा क्या हुआ कि तीन दोस्तों ने मौत का रास्ता चुन लिया?
पहला वाकया: मालगाड़ी के आगे कूदा रवि
घटना की शुरुआत मकरपुरा रेलवे स्टेशन से हुई। चश्मदीदों के मुताबिक, कल दोपहर एक अज्ञात युवक रेलवे ट्रैक के पास काफी देर से घूम रहा था। जैसे ही एक तेज रफ्तार मालगाड़ी वहां से गुजरी, उस युवक ने पलक झपकते ही ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस (GRP) की टीम फौरन मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जब तलाशी ली, तो उसकी पहचान रवि कुशवाहा के रूप में हुई। रवि मूल रूप से बिहार के रूह गांव का रहने वाला था और वडोदरा में नौकरी की तलाश में आया था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सयाजी हॉस्पिटल भेज दिया, लेकिन रवि के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे उसकी मौत का कारण साफ हो सके।
दूसरा झटका: रूम पार्टनर विकास ने भी लगा ली फांसी
पुलिस अभी रवि कुशवाहा के सुसाइड की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर ही रही थी कि कुछ ही घंटों बाद मकरपुरा के उसी इलाके से एक और चौंकाने वाली खबर आई। रवि का सबसे अच्छा दोस्त और रूम पार्टनर विकास कुशवाहा, जो उसी किराए के कमरे में रहता था, उसने कमरे के भीतर फंदे से लटककर अपनी जान दे दी।
एक ही कमरे में रहने वाले और साथ काम करने वाले दो दोस्तों की 24 घंटे के भीतर मौत ने मकरपुरा पुलिस को भी हैरान कर दिया। आस-पास के पड़ोसियों का कहना है कि रवि की मौत की खबर सुनने के बाद से ही विकास गहरे सदमे में था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि विकास ने यह कदम दोस्त की मौत के गम में उठाया या फिर वह भी उसी मानसिक तनाव से गुजर रहा था जिससे रवि।
तीसरा मोड़: बिहार में हुई पहली मौत का रहस्य
इस पूरे मामले ने तब एक बेहद पेचीदा और रहस्यमयी रूप ले लिया, जब स्थानीय लोगों और मृतकों के परिचितों के बीच एक नई बात सामने आई। चर्चा है कि वडोदरा में जान गंवाने वाले इन दोनों युवकों के एक तीसरे बेहद करीबी दोस्त ने भी दो दिन पहले ही बिहार में अपने पैतृक गांव में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
यानी, मौतों का यह सिलसिला वडोदरा से नहीं, बल्कि बिहार से शुरू हुआ था। पहले दोस्त की मौत बिहार में होती है, उसके ठीक दो दिन बाद रवि वडोदरा में मालगाड़ी के आगे कूदता है, और फिर उसके कुछ ही घंटों बाद विकास कमरे में फांसी लगा लेता है।
पुलिसिया जांच और उठते गंभीर सवाल
इस ट्रिपल सुसाइड केस ने पुलिस के सामने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं:
-
क्या यह कोई सुसाइड पैक्ट था? क्या तीनों दोस्तों ने किसी बड़ी वजह से एक साथ जान देने का फैसला किया था?
-
ब्लैकमेलिंग या साइबर फ्रॉड? क्या ये युवक ऑनलाइन गेमिंग, कर्ज के जाल (Loan Apps) या किसी ब्लैकमेलिंग का शिकार थे?
-
रोजगार और मानसिक तनाव: क्या नौकरी न मिलने की तंगी और मानसिक अवसाद ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया था?
फिलहाल मकरपुरा पुलिस और रेलवे पुलिस संयुक्त रूप से इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस ने मृतकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उनकी कॉल डिटेल्स (CDR) तथा सोशल मीडिया चैट्स को खंगाला जा रहा है। साथ ही, वडोदरा पुलिस ने बिहार में उनके होमटाउन की पुलिस से भी संपर्क साधा है ताकि तीनों के बीच के आखिरी संवादों का पता लगाया जा सके।