हरियाणा: में हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण हजारों बिजली के खंभे गिर गए, जिससे सैकड़ों गांवों और लाखों उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, आंधी के कारण प्रदेशभर में कुल 13,277 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके चलते 842 बिजली फीडर प्रभावित हुए और 233 गांव पूरी तरह अंधेरे में डूब गए।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने लिया संज्ञान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने तत्काल अधिकारियों की बैठक बुलाई और बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश जारी किए।
अनिल विज ने स्पष्ट कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम करने और प्रभावित उपभोक्ताओं को जल्द राहत पहुंचाने के आदेश दिए।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रत्येक जिले से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है।
1552 कर्मचारी दिन-रात कर रहे काम
बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाने के लिए विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की संयुक्त टीमों को फील्ड में उतारा गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार:
- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 620 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
- दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 932 कर्मचारी मरम्मत कार्य में लगे हुए हैं।
- कुल 1552 कर्मचारी और तकनीकी विशेषज्ञ चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
ये टीमें बिजली लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों और टूटे हुए खंभों को बदलने तथा क्षतिग्रस्त ढांचे को दुरुस्त करने में जुटी हैं।
किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर?
बिजली विभाग के मुताबिक उत्तर हरियाणा के 32 गांव और दक्षिण हरियाणा के 201 गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
इसी तरह:
- उत्तर हरियाणा के 458 फीडर प्रभावित हुए।
- दक्षिण हरियाणा के 384 फीडर बाधित हुए।
इन फीडरों के बंद होने से बड़ी संख्या में घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ी परेशानी
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। कई गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है क्योंकि अधिकांश जल आपूर्ति योजनाएं बिजली पर निर्भर हैं।
किसानों को भी सिंचाई कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में बिजली नहीं होने के कारण ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
- मरम्मत कार्यों की लगातार निगरानी की जाए।
- अतिरिक्त संसाधन जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।
- संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए।
- बिजली बहाली की प्रगति की नियमित रिपोर्ट तैयार की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां अधिक नुकसान हुआ है वहां अतिरिक्त तकनीकी टीमों को भेजा जाए।
लोगों से की गई अपील
सरकार ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे टूटे हुए बिजली खंभों और लटकती बिजली लाइनों से दूर रहें।
किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही किसी भी समस्या की सूचना तत्काल स्थानीय बिजली कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर देने को कहा गया है।
मौसम विभाग ने भी जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में तेज हवाएं और बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में बिजली विभाग को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है।