लखनऊ: में नीट पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब साधु की वेशभूषा में एक रहस्यमयी व्यक्ति अचानक प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गया। खुद को “योगी टू” बताने वाले इस शख्स की मौजूदगी ने प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए अलग ही माहौल बना दिया।
राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा शामिल हुए थे। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया, जिसके लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति ली गई थी।
अचानक पहुंचा ‘योगी टू’, मीडिया के सामने दिया बयान
प्रदर्शन के दौरान साधु के वेश में पहुंचे व्यक्ति ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह बच्चों और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए आया है। उसने कहा, “मैं योगी जी नहीं हूं, मैं योगी टू हूं। मैं बच्चों के न्याय और उनके अधिकारों के लिए लड़ने आया हूं।”
हालांकि, प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने उस व्यक्ति की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। छात्रों का कहना था कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता है, इसलिए किसी भी तरह का राजनीतिक या धार्मिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रों ने विनम्रता से उस व्यक्ति को प्रदर्शन से दूरी बनाए रखने की सलाह दी और मंच के पास जाने से रोक दिया।
नीट पेपर लीक को लेकर फिर गरमाई बहस
कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से नीट परीक्षा पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्रों का कहना था कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त किया जाए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि देशभर में आयोजित कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं, लेकिन अब तक जवाबदेही तय नहीं की गई है। दीपके ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है और लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
20 जून को दिल्ली कूच की चेतावनी
अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 20 जून को एक बार फिर दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुणे, दिल्ली और अब लखनऊ में हुए प्रदर्शनों के बाद आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा। विभिन्न राज्यों के छात्र संगठनों से भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की गई है।
दीपके का दावा है कि यह केवल किसी एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में सुधार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए इको गार्डन में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए थे।
हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। लेकिन ‘योगी टू’ नामक व्यक्ति की मौजूदगी ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच अब इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि आंदोलन को किस दिशा में ले जाया जाएगा और सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
लखनऊ में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा पारदर्शिता के मुद्दे पर केंद्रित रहा, लेकिन साधु वेश में पहुंचे “योगी टू” नामक व्यक्ति ने पूरे आयोजन को अतिरिक्त चर्चा का विषय बना दिया। वहीं अभिजीत दीपके ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों की मांगें पूरी न होने पर आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर और तेज होगा।
