अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा में बुधवार को पेश हुए बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार ने बड़ा दांव खेला है। राज्य के वित्त मंत्री कनु देसाई ने 4.08 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया, जिसमें किसी नए कर की घोषणा नहीं की गई।
बजट का 65 प्रतिशत हिस्सा विकास कार्यों पर खर्च करने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस बजट को राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला बताया है।
क्या है ‘गर्वी गुजरात हाईस्पीड कॉरिडोर’?
बजट में ‘गर्वी गुजरात हाईस्पीड कॉरिडोर’ के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगभग 1,155 किलोमीटर लंबी सड़कों को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
इन सड़कों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर चौड़ीकरण और ट्रैफिक प्रबंधन तकनीक के साथ अपग्रेड किया जाएगा, ताकि यात्रा समय कम हो और क्षेत्रीय विकास को गति मिले।
सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा ट्रैफिक वाली सड़कों को तेज और सुरक्षित मार्गों में बदला जाए।
नमो शक्ति एक्सप्रेसवे को मिला अतिरिक्त प्रावधान
महत्वाकांक्षी नमो शक्ति एक्सप्रेसवे के लिए भी बजट में अतिरिक्त 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
यह एक्सप्रेसवे बनासकांठा के डीसा से अमरेली के पीपलाव बंदरगाह तक बनाया जाएगा। करीब 430 किलोमीटर लंबा यह प्रोजेक्ट उत्तरी गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ेगा।
इसके पूरा होने से औद्योगिक परिवहन, बंदरगाह कनेक्टिविटी और पर्यटन को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सोमनाथ-द्वारका ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 680 किलोमीटर लंबे सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे को भी प्राथमिकता दी गई है।
करीब 57,120 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राज्य के प्रमुख मंदिर शहरों को जोड़ेगा। सरकार का दावा है कि इससे संस्कृति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

रोड और बिल्डिंग विभाग को बड़ा आवंटन
बजट में रोड और बिल्डिंग विभाग को कुल 29,709 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों और दूरदराज़ बस्तियों को जोड़ने के लिए 5,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी पहुंचे और कॉज़वे को ऊंचे पुलों में बदला जाए।
2026 बना पर्यटन वर्ष
वित्त मंत्री ने 2026 को ‘पर्यटन ईयर’ घोषित किया है। हाई-स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के जरिए राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा देने की योजना है।
गुजरात बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की रीढ़ मानते हुए सरकार ने हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेसवे और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर बड़ा दांव लगाया है। ‘गर्वी गुजरात हाईस्पीड कॉरिडोर’ और नमो शक्ति एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट राज्य की आर्थिक और पर्यटन संभावनाओं को नई रफ्तार दे सकते हैं। अब देखना होगा कि इन महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीन पर कितनी तेजी से उतारा जाता है।