पटना। बिहार के चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक फैजल खान उर्फ खान सर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में हुए चर्चित फायरिंग मामले में नाम सामने आने के बाद उनकी गिरफ्तारी की अटकलें तेज थीं। शनिवार को यह चर्चा जोरों पर थी कि खान सर पटना सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचे हैं, लेकिन कुछ ही देर बाद उनके वकील ने स्थिति स्पष्ट कर दी।
खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने साफ शब्दों में कहा कि उनके मुवक्किल आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। इसके बजाय वे अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर करेंगे। इस बयान के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
कोर्ट परिसर में हाई अलर्ट
शनिवार सुबह से ही पटना सिविल कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस को आशंका थी कि खान सर अदालत पहुंच सकते हैं। इसी कारण कोर्ट के सभी प्रवेश द्वारों पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस टीम को निर्देश दिए गए थे कि यदि खान सर अदालत परिसर में दिखाई दें तो स्थिति पर तत्काल नजर रखी जाए। हालांकि दिनभर चली चर्चाओं के बावजूद खान सर ने आत्मसमर्पण नहीं किया।
वकील ने बताया साजिश
खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पूरा मामला उनके मुवक्किल को फंसाने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की जाएगी।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सोमवार को अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। कानूनी टीम इस संबंध में आवश्यक दस्तावेज तैयार कर रही है।

क्या है पूरा मामला?
पूरा विवाद 2 जून की रात पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र स्थित मुसल्लहपुर हाट इलाके से जुड़ा है। यहां स्थित एक कोचिंग संस्थान में विवाद के बाद कथित फायरिंग की घटना हुई थी।
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और प्रारंभिक कार्रवाई में ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के संचालक रौशन आनंद तथा उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
बाद में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कुछ वीडियो सामने आए। पुलिस का दावा है कि इन वीडियो के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया और खान सर के दो सुरक्षा कर्मियों की भूमिका सामने आई।
दो गार्ड पहले ही जा चुके हैं जेल
जांच के दौरान खान सर के दो सुरक्षा कर्मियों प्रदीप और तारकेश्वर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने दावा किया कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर फायरिंग की थी।
इसी बयान के आधार पर पुलिस ने एफआईआर में खान सर का नाम भी जोड़ दिया। हालांकि खान सर की ओर से इन आरोपों को लेकर अभी तक कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
कोचिंग सेंटर पर पहुंची थी पुलिस
एफआईआर में नाम जुड़ने के बाद शुक्रवार रात पुलिस की कई टीमें खान ग्लोबल स्टडीज परिसर भी पहुंची थीं। उस समय बड़ी संख्या में छात्र भी वहां मौजूद थे।
हालांकि पुलिस को खान सर नहीं मिले और गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बाद से ही उनके सरेंडर और गिरफ्तारी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था।
छात्रों में चिंता, समर्थकों में नाराजगी
मामले के बाद खान सर के छात्रों और समर्थकों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस केस का कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि खान सर बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में लाखों छात्रों के बीच लोकप्रिय शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं।
अब आगे क्या?
फिलहाल सभी की नजर सोमवार पर टिकी हुई है, जब अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल किए जाने की संभावना है। यदि अदालत से राहत नहीं मिलती तो पुलिस की कार्रवाई और तेज हो सकती है। वहीं यदि जमानत मिल जाती है तो खान सर को बड़ी कानूनी राहत मिल सकती है।
इस बीच पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।