‘काम हो गया…’ बेटे की हत्या के 10 मिनट बाद प्रेमी को मां का मैसेज! मेरठ कांड में सामने आई दिल दहला देने वाली चैट

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सामने आए छह वर्षीय मासूम अंगदवीर हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में अब एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मासूम की हत्या की साजिश में उसकी अपनी मां गुरप्रीत कौर भी शामिल थी। जांच के दौरान बरामद हुई व्हाट्सएप चैट और डिजिटल साक्ष्यों ने इस सनसनीखेज मामले की कई परतें खोल दी हैं।

पुलिस ने शुक्रवार को गुरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी महिला ने पूछताछ के दौरान साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की है।

हत्या के बाद हुआ चौंकाने वाला मैसेज

जांच के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर ने कथित रूप से अंगदवीर की हत्या के लगभग दस मिनट बाद गुरप्रीत कौर को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा था।

पुलिस के अनुसार संदेश में लिखा गया था कि “काम हो गया है।” इसके जवाब में गुरप्रीत ने पूछा कि “किसी ने देखा तो नहीं?” बाद में उसने कथित तौर पर यह भी लिखा कि पुलिस को फुटेज मिल गई है और अब बचना मुश्किल होगा।

जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों आरोपियों ने बाद में अपनी चैट डिलीट कर दी थी, लेकिन तकनीकी जांच के जरिए डिलीट किए गए संदेशों को रिकवर कर लिया गया। इन्हीं चैट रिकॉर्ड्स को पुलिस इस मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही है।

मां और प्रेमी के बीच लगातार संपर्क

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरप्रीत कौर वारदात से पहले और बाद में लगातार अपने प्रेमी अर्पित पाराशर के संपर्क में थी।

सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया कि मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी महिला को पूरी योजना की जानकारी थी। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।

कैसे रची गई कथित साजिश?

जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन गुरप्रीत कौर ने अर्पित पाराशर को व्हाट्सएप कॉल कर अपने घर के पास बुलाया था।

पुलिस के अनुसार अर्पित कार लेकर घर से कुछ दूरी पर खड़ा था। इसके बाद गुरप्रीत अपने बेटे अंगदवीर को लेकर घर से बाहर निकली। आरोप है कि उसने बच्चे को कार की ओर इशारा करते हुए कहा कि वहां बैठे अंकल उसे घड़ी और चॉकलेट दिलाने ले जाएंगे।

मासूम अपनी मां की बात पर भरोसा करके कार की ओर चला गया। इसके बाद कथित तौर पर अर्पित उसे अपने साथ ले गया। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान अपहरण और हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया।

खुद मायके चली गई थी मां

जांच एजेंसियों के अनुसार बेटे को आरोपी के साथ भेजने के बाद गुरप्रीत कौर अपने मायके नजीबाबाद चली गई थी। पुलिस को शक है कि यह कदम जांच को भ्रमित करने और खुद को संदेह से दूर रखने के लिए उठाया गया था।

हालांकि बाद में मोबाइल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और डिजिटल साक्ष्यों ने पूरे घटनाक्रम को जोड़ दिया।

डिलीट चैट बनी अहम सबूत

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक अपराध जांच में डिजिटल साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मामले में भी डिलीट की गई व्हाट्सएप चैट पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुई।

अधिकारियों का कहना है कि चैट रिकवरी के बाद मां की कथित भूमिका को लेकर मजबूत साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

पूरे क्षेत्र में आक्रोश

मासूम बच्चे की हत्या और उसमें मां की कथित संलिप्तता की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर गहरी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मेरठ का अंगदवीर हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि रिश्तों के विश्वास को झकझोर देने वाला मामला बन गया है। पुलिस जांच में सामने आए डिजिटल साक्ष्य और कथित व्हाट्सएप चैट ने इस केस को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले का अंतिम फैसला होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *