‘मैं बचपन से महादेव का भक्त हूं…’ गोंडा के हमजा ने बदला धर्म और नाम, बना हेमंत सिंह; परिवार से लेकर पूर्वजों तक किए बड़े दावे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम के बाद एक युवक के धर्म परिवर्तन और नाम बदलने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। गोंडा निवासी युवक, जिसने पहले अपना नाम हमजा अली बताया, ने दावा किया कि उसने स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाया है और अब उसका नया नाम हेमंत सिंह है।

कार्यक्रम गोमतीनगर स्थित एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन के कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां युवक के साथ एक महिला ने भी धर्म परिवर्तन कर हिंदू धर्म अपनाने का दावा किया। घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक इस विषय पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

“बचपन से महादेव में आस्था रही”

कार्यक्रम के दौरान युवक ने कहा कि उसकी बचपन से ही भगवान शिव और सनातन परंपरा में आस्था रही है। उसने दावा किया कि वह लंबे समय से हिंदू रीति-रिवाजों और पूजा-पाठ से जुड़ा रहा है।

युवक ने यह भी दावा किया कि उसके पूर्वज मूल रूप से हिंदू थे और इतिहास के दौरान उनका धर्म परिवर्तन हुआ था। हालांकि इन ऐतिहासिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

उसने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह उसका व्यक्तिगत और स्वैच्छिक फैसला है तथा इस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है।

परिवार ने समझाने की कोशिश की

युवक के अनुसार जब उसने धर्म परिवर्तन का निर्णय लिया तो परिवार के कुछ सदस्यों ने उसे समझाने का प्रयास किया। हालांकि उसने कहा कि वह बालिग है और अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं लेने का अधिकार रखता है।

उसने यह भी दावा किया कि पिछले कई वर्षों से वह नियमित रूप से इस्लामी धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय नहीं था और उसकी धार्मिक आस्था अलग दिशा में विकसित हो चुकी थी।

युवक ने इच्छा जताई कि उसके परिवार के अन्य सदस्य भी उसके फैसले को समझें और उसका सम्मान करें।

बाराबंकी की महिला ने भी बदला धर्म

कार्यक्रम में शामिल एक महिला ने भी दावा किया कि उसने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपनाया है। महिला ने बताया कि पहले उसका नाम शबनम था और अब उसने अपना नाम संजना रख लिया है।

महिला ने कहा कि उसकी धार्मिक आस्था लंबे समय से हिंदू परंपराओं की ओर रही है और वह पूजा-पाठ करती रही है। उसने भी अपने निर्णय को पूरी तरह स्वैच्छिक बताया।

संगठन ने क्या कहा?

कार्यक्रम आयोजित करने वाले संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनके पास देश के विभिन्न हिस्सों से लोग संपर्क करते हैं, जो धार्मिक पहचान से जुड़े मामलों में सहायता मांगते हैं।

संगठन का दावा है कि वे केवल उन लोगों की मदद करते हैं जो अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन या “घर वापसी” करना चाहते हैं। संगठन ने यह भी कहा कि वह विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को सहायता प्रदान करता है।

सामाजिक और कानूनी पहलू

धर्म परिवर्तन और घर वापसी जैसे विषय अक्सर सामाजिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा बनते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति को भारतीय संविधान के तहत अपनी धार्मिक आस्था चुनने और बदलने का अधिकार प्राप्त है, बशर्ते यह निर्णय स्वेच्छा से लिया गया हो और किसी प्रकार का दबाव, लालच या जबरदस्ती शामिल न हो।

ऐसे मामलों में प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है, विशेषकर उन राज्यों में जहां धर्म परिवर्तन संबंधी विशेष कानून लागू हैं।

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसके सामाजिक प्रभावों पर चर्चा कर रहे हैं।

फिलहाल इस मामले को लेकर किसी प्रशासनिक विवाद या कानूनी शिकायत की जानकारी सामने नहीं आई है।

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