नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट में संकट का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम और कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव किए, लेकिन अब इसी उथल-पुथल के बीच पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक ने पुरुष चयन समिति के पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी है।
मिस्बाह के इस कदम ने पाकिस्तान क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पीसीबी ने अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बोर्ड आगे इस मामले में क्या फैसला लेता है।
मिस्बाह ने इसके अलावा लाहौर स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में बल्लेबाजी सलाहकार के पद से भी इस्तीफा दिया है।
इंग्लैंड से हार के बाद PCB ने बदली पूरी रणनीति
पाकिस्तान की टेस्ट टीम इस समय बेहद खराब दौर से गुजर रही है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले गंवाने के बाद टीम 0-2 से पिछड़ गई।
पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पारी और 103 रन से करारी शिकस्त दी। इसके बाद लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में भी पाकिस्तान को 194 रन से हार का सामना करना पड़ा।
लगातार दो बड़ी हार के बाद पीसीबी ने तीसरे टेस्ट से पहले टीम में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया।
सात खिलाड़ियों को किया गया रिलीज
पीसीबी ने तीसरे टेस्ट से पहले टेस्ट टीम के सात खिलाड़ियों को स्वदेश वापस बुला लिया।
इन खिलाड़ियों में मोहम्मद रिजवान, इमाम उल हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद अवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल थे।
इनकी जगह सात नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया।
नए खिलाड़ियों में साइम अयूब, अब्दुल्ला फजल, अराफात मिन्हास, साद बेग, मुहम्मद रंधावा, रजाउल्लाह और मुहम्मद इमरान जूनियर का नाम शामिल है।
टीम में अचानक किए गए इतने बड़े बदलाव ने पाकिस्तान क्रिकेट में सवाल खड़े कर दिए।

कोचिंग स्टाफ में भी बड़ा फेरबदल
सिर्फ खिलाड़ियों पर ही गाज नहीं गिरी। पीसीबी ने मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनके पदों से हटा दिया।
उनकी जगह क्रमशः माइक हेसन और एश्ले नॉफ्के को जिम्मेदारी दी गई।
यानी तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान की टीम में खिलाड़ियों से लेकर कोचिंग स्टाफ तक बड़े स्तर पर बदलाव कर दिए गए।
इसी घटनाक्रम के बाद अब मिस्बाह उल हक के इस्तीफे की खबर सामने आई है।
क्या PCB के फैसलों से मिस्बाह नाराज?
मिस्बाह ने आखिर इस्तीफे की पेशकश क्यों की, इसकी आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
हालांकि, उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब पीसीबी ने टेस्ट टीम में बड़े बदलाव किए हैं और कोचिंग स्टाफ में भी फेरबदल किया है। इसलिए पाकिस्तान क्रिकेट में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि क्या बोर्ड के फैसलों और टीम चयन से जुड़े घटनाक्रम ने मिस्बाह के फैसले को प्रभावित किया।
लेकिन जब तक मिस्बाह या पीसीबी की ओर से इस्तीफे की वजह स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती, तब तक इसे लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पीसीबी में पहले भी कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं
मिस्बाह उल हक पाकिस्तान क्रिकेट के सबसे अनुभवी चेहरों में से एक हैं।
2017 में पाकिस्तान के सफल टेस्ट कप्तानों में शामिल मिस्बाह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया।
2019 में उन्हें पाकिस्तान टीम का मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता, दोनों जिम्मेदारियां दी गई थीं।
हालांकि, अक्टूबर 2020 में उन्होंने कोचिंग जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए चयनकर्ता का पद छोड़ दिया था।
इसके बाद 2021 में उन्होंने मुख्य कोच के पद से भी इस्तीफा दे दिया।
वर्ष 2023 में मिस्बाह एक सलाहकार की भूमिका में दोबारा पीसीबी से जुड़े थे। उस समय जका अशरफ की अध्यक्षता वाली तदर्थ समिति काम कर रही थी।
WTC अंक तालिका में भी पाकिस्तान की हालत खराब
पाकिस्तान की परेशानी सिर्फ इंग्लैंड सीरीज तक सीमित नहीं है। टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी निचले पायदान पर है।
इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो हार ने उसकी स्थिति और कमजोर कर दी है।
ऐसे में तीसरे टेस्ट से पहले टीम में किए गए बड़े बदलावों को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से स्थिति सुधारने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
लेकिन इन बदलावों के बीच चयन समिति से जुड़े प्रमुख चेहरे का इस्तीफा देना बोर्ड के लिए एक नई चुनौती बन गया है।
अब PCB के अगले कदम पर नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पीसीबी मिस्बाह उल हक का इस्तीफा स्वीकार करेगा या उन्हें चयन समिति की जिम्मेदारी पर बनाए रखने की कोशिश करेगा?
तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से खेला जाना है। इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम में पहले ही काफी बदलाव हो चुके हैं।
ऐसे में मिस्बाह का इस्तीफा पाकिस्तान क्रिकेट में चल रहे बदलावों की एक और बड़ी कड़ी बन गया है।
अब निगाहें पीसीबी के अगले फैसले और मिस्बाह की भविष्य की भूमिका पर टिकी हैं।

