सूरत: में रविवार को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 89वें संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने नेतृत्व किया। दोनों नेताओं ने प्रतिभागियों के साथ साइकिल चलाकर लोगों को नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
यह आयोजन केवल साइकिलिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में विकसित भारत संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा-मुक्त युवा के आह्वान को भी मजबूती देने पर जोर दिया गया।
देशभर में 25 हजार से ज्यादा स्थानों पर अभियान
आयोजकों के अनुसार, फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल अभियान में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़े पैमाने पर लोगों ने भाग लिया। अभियान के तहत 25,000 से अधिक स्थानों पर 50 लाख से ज्यादा लोगों के जुड़ने की बात कही गई है।
इसमें खिलाड़ियों, फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों, छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना रहा कि फिट रहने के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना जरूरी है।
साइकिलिंग को इस अभियान का प्रमुख माध्यम बनाया गया, क्योंकि यह ऐसी गतिविधि है जिसे अलग-अलग आयु वर्ग के लोग अपनी क्षमता के अनुसार अपना सकते हैं। नियमित साइकिलिंग से शरीर को सक्रिय रखने के साथ-साथ फिटनेस रूटीन को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
मांडविया और संघवी ने ली नशा-मुक्ति की शपथ
सूरत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने प्रतिभागियों के साथ नशा-मुक्ति की शपथ ली। इस दौरान स्वस्थ, सुरक्षित और नशा-मुक्त भारत बनाने के सामूहिक संकल्प को दोहराया गया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी नशे से दूर रहने और अपने आसपास के युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। आयोजन का फोकस खास तौर पर युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर रहा।
साइकिलिंग के फायदे गिनाए
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने साइकिलिंग के महत्व पर बात करते हुए कहा कि साइकिल चलाना व्यायाम का एक प्रभावी तरीका है। इसे नियमित जीवन का हिस्सा बनाकर व्यक्ति अपनी शारीरिक सक्रियता बढ़ा सकता है।
फिटनेस को लेकर चल रहे अभियानों में साइकिलिंग को इसलिए भी महत्व दिया जा रहा है क्योंकि इसके लिए बड़े स्तर के संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। लोग अपने आसपास के क्षेत्र में ही साइकिल चलाकर शारीरिक गतिविधि कर सकते हैं।
युवाओं को फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश
फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल जैसे आयोजनों का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवाओं को फिटनेस से जोड़ना है। आज की व्यस्त जीवनशैली में लंबे समय तक बैठे रहना और शारीरिक गतिविधियों में कमी कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में साइकिलिंग, पैदल चलना और अन्य खेल गतिविधियां लोगों को सक्रिय रखने में मदद कर सकती हैं।
सूरत के कार्यक्रम में खेल, फिटनेस और नशा-मुक्ति को एक साथ जोड़कर संदेश देने की कोशिश की गई। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

फिट इंडिया अभियान का व्यापक उद्देश्य
फिट इंडिया अभियान का व्यापक उद्देश्य देश में फिटनेस को जन-आंदोलन के रूप में बढ़ावा देना है। इसके तहत अलग-अलग खेल और शारीरिक गतिविधियों को आम लोगों की दिनचर्या से जोड़ने पर जोर दिया जाता है।
सूरत में हुआ 89वां संस्करण इसी कड़ी का हिस्सा रहा। केंद्रीय खेल मंत्री और गुजरात के डिप्टी सीएम की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी प्रमुखता दी। देशभर से लाखों लोगों के जुड़ने का दावा इस अभियान के व्यापक जनसंपर्क को दर्शाता है।
साइकिलिंग के साथ नशा-मुक्ति का संदेश जोड़ने से कार्यक्रम का दायरा केवल फिटनेस तक सीमित नहीं रहा। इसके जरिए युवाओं को स्वस्थ शरीर के साथ सकारात्मक और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

