देवरिया/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के देवरिया और गोरखपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने और जलनिकासी की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से शासन ने 24 लघु सेतुओं के निर्माण को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 29 करोड़ 77 लाख 53 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
राज्य योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत इन परियोजनाओं में पुराने और क्षतिग्रस्त पुलों एवं पुलियों को हटाकर उनकी जगह नए लघु सेतु, आरसीसी पुलिया और बॉक्स कल्वर्ट बनाए जाने हैं। परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य ऐसे ग्रामीण संपर्क मार्गों को बेहतर करना है, जहां बरसात के मौसम में नालों और जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित होता है।
पहली किस्त के रूप में करीब 6 करोड़ रुपये जारी
वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए शासन की ओर से पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ 95 लाख 54 हजार रुपये अवमुक्त किए गए हैं। इससे निर्माण कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से संबंधित संपर्क मार्गों पर निर्माण कार्य कराया जाएगा। जहां पुराने पुल या पुलिया जर्जर हो चुके हैं, वहां उनकी जगह नए ढांचे बनाए जाएंगे। इसके अलावा बरसाती नालों और जलनिकासी वाले स्थानों पर बॉक्स कल्वर्ट तथा जरूरत के अनुसार पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी किए जाएंगे।
देवरिया में 10 परियोजनाओं पर होगा काम
देवरिया जिले में कुल 10 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनकी कुल लागत करीब 13 करोड़ 73 लाख रुपये बताई गई है। चालू वित्तीय वर्ष में इनके लिए करीब 2 करोड़ 74 लाख 67 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इन परियोजनाओं में नरसिंहडाड़-चक्कीमुसादोही के बीच जमुआर नाले पर बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण शामिल है। भलुअनी क्षेत्र में मुसैला-भागलपुर मार्ग से लखना संपर्क मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया की जगह बॉक्स कल्वर्ट बनाया जाएगा।
इसी तरह बेलही-उधोपुर संपर्क मार्ग पर केरही नाले में क्षतिग्रस्त लघु सेतु के स्थान पर नया बॉक्स कल्वर्ट बनाया जाएगा। इसके साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी प्रस्तावित हैं।
बैतालपुर ब्लॉक के गुदरी संपर्क मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया की जगह आरसीसी कल्वर्ट का निर्माण कराया जाएगा। देसही देवरिया के रामपुर हिरामन चौराहा-मदरापाली भरतराय वाया शामी पट्टी मार्ग पर पुराने क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नया लघु सेतु बनाया जाएगा।
इसके अलावा पकड़ी वीरभद्र-गोपालपुर-नौतन हथियागढ़ मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर नया लघु सेतु और नोनिया छापर-विशुनपुर खुर्द के बीच बरसाती नाले पर भी नया लघु सेतु प्रस्तावित है।
कमरिया से भरौली संपर्क मार्ग पर जर्जर आरसीसी पुलिया की जगह नया लघु सेतु बनाया जाएगा। वहीं पिपरा बांध-पिपरा पाठक संपर्क मार्ग के बीच जमुआर नाले पर लघु सेतु के साथ पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा।

गोरखपुर में 14 स्थानों पर बनेंगे नए सेतु
देवरिया के साथ ही गोरखपुर में 14 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के तहत अलग-अलग ग्रामीण संपर्क मार्गों पर बॉक्स कल्वर्ट, आरसीसी पुलिया और लघु सेतु का निर्माण कराया जाएगा।
प्रस्तावित कार्यों में कल्याणपुर, चिलवा दलित बस्ती-धौसहर बेलवाबारी, घोबौली-आशापुर, पिड़रा-बेलपार मठिया, उसरैन-इन्नाडीह-भरहिया-हुडरी और बिस्मिलहा-चकरामपुर समेत कई संपर्क मार्ग शामिल हैं।
इसके अलावा बजहा, छामूस्थान-घिराऊटोला शीतलपुर और भट्ठा चौराहा-छोटी रेतवईया सहित अन्य स्थानों पर भी पुलिया और कल्वर्ट निर्माण की योजना है।
पिपरौली विकासखंड के महुआडाबर-गोपालपुर-पड़रिया-सेवई, बुदहट बैजलपुर-सहिया प्रानपुर-चांदपुर और जिगिना फरसाडाड़ संपर्क मार्ग पर भी बॉक्स कल्वर्ट और पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा।
बारिश के मौसम में मिलेगी राहत
इन परियोजनाओं का सबसे बड़ा फायदा उन ग्रामीण इलाकों को मिलने की उम्मीद है, जहां बरसात के दौरान नाले और जलभराव के कारण रास्ते बाधित हो जाते हैं। नए सेतु और कल्वर्ट बनने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही जलनिकासी व्यवस्था में भी सुधार की संभावना है।
शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभाग निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। देवरिया में लघु सेतु निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बाद चयनित एजेंसी के माध्यम से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
कुल मिलाकर देवरिया और गोरखपुर में स्वीकृत ये 24 परियोजनाएं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। खासकर पुराने और क्षतिग्रस्त पुलों की जगह नए ढांचे बनने से संपर्क मार्गों की उपयोगिता बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।

