अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं और चढ़ावा चोरी मामले में एक ही दिन दो अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। एक तरफ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO जितेंद्र मिश्र ने मंदिर की व्यवस्थाओं की कमान संभालते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाते को अनफ्रीज करने का अदालत ने आदेश दिया है।
नए CEO ने कार्यभार संभालते ही मंदिर की मौजूदा व्यवस्था, कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा की। करीब एक हजार कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में अनुशासन और श्रद्धालुओं के साथ बेहतर व्यवहार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
नए CEO जितेंद्र मिश्र ने संभाली कमान
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्र मंगलवार सुबह अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचे। इसके बाद वह रामघाट स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कार्यालय गए।
यहां उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मंदिर की मौजूदा कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।
बैठक में कर्मचारियों की संख्या, उनकी जिम्मेदारियां और अलग-अलग व्यवस्थाओं में उनकी भूमिका को लेकर भी जानकारी हासिल की गई। इसके साथ ही ट्रस्ट की लेखा व्यवस्था यानी अकाउंटिंग सिस्टम के बारे में भी CEO ने जानकारी ली।
करीब एक हजार कर्मचारियों को दिए निर्देश
अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जितेंद्र मिश्र ने मंदिर की व्यवस्थाओं में तैनात करीब एक हजार कर्मचारियों के साथ बैठक की।
इस बैठक का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना रहा। CEO ने कर्मचारियों से कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं।
उन्होंने अनुशासन के साथ काम करने और श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार रखने की विशेष हिदायत दी।
‘श्रद्धालु बेहतर अनुभव लेकर लौटें’
CEO ने कर्मचारियों से कहा कि राम मंदिर आने वाला हर श्रद्धालु अयोध्या से बेहतर अनुभव लेकर लौटे, यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
दर्शन व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। साथ ही कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी के दौरान अनुशासन बनाए रखने और जिम्मेदारी के अनुरूप काम करने पर जोर दिया गया।
यह संदेश ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और मंदिर की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

भविष्य की कार्ययोजना पर जल्द सामने आएंगे CEO
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में जितेंद्र मिश्र ने कहा कि फिलहाल उनकी परिचयात्मक बैठकें चल रही हैं। CEO पद की घोषणा को अभी कुछ ही दिन हुए हैं, इसलिए व्यवस्थाओं को समझने के लिए उन्हें कुछ समय चाहिए।
उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में वह मीडिया के सामने राम मंदिर की भविष्य की कार्ययोजना और रणनीति को विस्तार से रखेंगे।
इससे साफ है कि आने वाले दिनों में मंदिर की दर्शन व्यवस्था, प्रशासनिक कामकाज और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर कुछ नए बदलाव या योजनाएं सामने आ सकती हैं।
चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी का पेंशन खाता अनफ्रीज
इसी बीच राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अदालत से भी महत्वपूर्ण आदेश सामने आया है।
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट रजत वर्मा ने आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के केनरा बैंक स्थित पेंशन खाते को अनफ्रीज करने का आदेश दिया है।
यह आदेश मामले के विवेचक की सहमति और बैंक स्टेटमेंट के आधार पर पारित किया गया।
जांच में नहीं मिली संदिग्ध रकम
अदालत के समक्ष 5 सितंबर को मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें बताया गया कि आरोपी के पेंशन खाते में जमा हुई रकम की जांच के दौरान कोई संदिग्ध धनराशि नहीं मिली।
जांच अधिकारी की ओर से खाते को अनफ्रीज किए जाने पर आपत्ति नहीं जताई गई।
अदालत ने बैंक स्टेटमेंट का उल्लेख करते हुए कहा कि आरोपी के पेंशन खाते में पिछले कुछ महीनों के दौरान कैश के रूप में कोई असामान्य या अधिक धनराशि जमा होने की बात सामने नहीं आई है। इसके अलावा किसी दूसरे खाते से संदिग्ध क्रेडिट भी बैंक स्टेटमेंट में नहीं दिखाई दिया।
इसी आधार पर अदालत ने पेंशन खाते को अनफ्रीज करने का आदेश दिया।
आरोपी ने जुलाई में लगाई थी गुहार
पेंशन खाते से लगी रोक हटाने के लिए आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की ओर से पहले ही अदालत का रुख किया गया था।
18 जुलाई को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि चढ़ावा धनराशि चोरी के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उसके सभी बैंक खातों की जमा-निकासी पर रोक लगा दी है।
आरोपी ने अदालत को बताया था कि वह बैंक का सेवानिवृत्त कर्मचारी है और उसकी मासिक पेंशन ही परिवार के जीवनयापन का मुख्य सहारा है। पेंशन खाता भी पुलिस की ओर से फ्रीज कर दिया गया था।
अब अदालत के आदेश के बाद उस खाते से लगी रोक हटाने का रास्ता साफ हो गया है।
एक तरफ नई व्यवस्था, दूसरी तरफ जांच का मामला
अयोध्या में एक तरफ राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को नए CEO के नेतृत्व में आगे बढ़ाने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ चढ़ावा चोरी मामले की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
नए CEO की पहली बैठकों में अनुशासन, श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर दर्शन व्यवस्था पर जोर दिया गया है। वहीं अदालत के आदेश से यह भी स्पष्ट हुआ है कि चढ़ावा चोरी मामले में बैंक खातों से जुड़े पहलुओं की जांच दस्तावेजों और बैंक स्टेटमेंट के आधार पर आगे बढ़ रही है।
फिलहाल मंदिर प्रशासन की भविष्य की कार्ययोजना और चढ़ावा चोरी मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी रहेगी।

