वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में गुरुवार को निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। लालगंज थाना क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के तहत बनाए जा रहे एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन पर निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम लॉन्चर अचानक नीचे गिर गया। लॉन्चर के गिरते ही निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और वहां काम कर रहे कई कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।
हादसे में कुल छह कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल दोनों कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है।
अचानक नीचे गिरा पुल का भारी लॉन्चर
जानकारी के मुताबिक, लालगंज थाना क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के तहत एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी परियोजना के तहत पुल का निर्माण भी कराया जा रहा है।
गुरुवार को निर्माण कार्य के दौरान पुल से संबंधित भारी लॉन्चिंग उपकरण अचानक नीचे गिर गया। उस समय निर्माण स्थल पर कर्मचारी काम कर रहे थे। लॉन्चर की चपेट में आने के कारण छह कर्मचारी घायल हो गए।
भारी उपकरण के गिरने की आवाज के बाद मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव का प्रयास शुरू किया।
छह घायलों को लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया
हादसे के बाद घायलों को आनन-फानन में लालगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने सभी घायल कर्मचारियों का प्राथमिक उपचार किया।
इलाज के दौरान दो कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई गई। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए दोनों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल में घायलों के परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी। परिजन अपने घायल रिश्तेदारों की स्थिति जानने के लिए अस्पताल पहुंचे।

हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
निर्माणाधीन पुल का भारी लॉन्चर गिरने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों और घायलों के परिजनों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपकरणों और तकनीकी सावधानियों को लेकर भी सवाल उठाए।
कुछ ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि हादसे के बाद परियोजना से जुड़े कुछ वरिष्ठ अधिकारी और ठेकेदार मौके से चले गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
हादसे के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और घटनास्थल पर हंगामे की स्थिति बन गई।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आक्रोशित लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
अधिकारियों की ओर से हादसे के कारणों की जांच शुरू किए जाने की जानकारी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर पुल निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा भारी लॉन्चर अचानक क्यों गिरा।
हादसे के पीछे तकनीकी खराबी, उपकरण में समस्या, निर्माण प्रक्रिया में चूक या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की कोई भूमिका थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
निर्माण स्थल की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बड़े सड़क और पुल प्रोजेक्ट देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इन परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
वैशाली की इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट, उपकरणों की जांच और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारी मशीनरी के इस्तेमाल वाले निर्माण कार्यों में छोटी सी तकनीकी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
ऐसे में जांच के दौरान यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लॉन्चर को संचालन में लेने से पहले उसकी तकनीकी जांच हुई थी या नहीं और निर्माण स्थल पर निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था या नहीं।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लॉन्चर गिरने की वास्तविक वजह क्या थी। साथ ही यह भी सामने आएगा कि हादसे के लिए किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी या यह तकनीकी कारणों से हुआ।
प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और यदि किसी व्यक्ति या एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल छह घायल कर्मचारियों का इलाज कराया गया है और दो गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और परियोजना में इस्तेमाल हो रही भारी मशीनरी की जांच का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है।

