गांधीनगर। गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र के बीच गुरुवार को उस समय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल बढ़ गई, जब विधानसभा भवन को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई। सूचना सामने आते ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई और मामले की जांच शुरू की गई। हालांकि जांच के बाद विधानसभा भवन को लेकर सामने आई धमकी की बात अफवाह साबित हुई।
गुजरात विधानसभा में इन दिनों तीन दिवसीय मानसून सत्र चल रहा है। ऐसे समय में विधानसभा जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण सरकारी परिसर से जुड़ी धमकी की खबर सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लिया। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि परिसर में किसी तरह की सुरक्षा संबंधी चूक न हो और विधानसभा की कार्यवाही भी सामान्य तरीके से जारी रहे।
ईमेल से धमकी की बात, जांच के बाद निकली अफवाह
बताया गया कि विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल सामने आया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की।
सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर की सुरक्षा को लेकर आवश्यक जांच की। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि मानसून सत्र की कार्यवाही पर किसी तरह का अनावश्यक असर न पड़े।
जांच के बाद जब धमकी से संबंधित सूचना की पुष्टि नहीं हुई तो इसे अफवाह बताया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि संवेदनशील सरकारी संस्थानों को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं से किस तरह अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है।
गांधीनगर जिला एवं सत्र न्यायालय में भी जांच
विधानसभा के अलावा गांधीनगर जिला एवं सत्र न्यायालय को लेकर भी बम की धमकी की अफवाह सामने आई। सूचना के बाद अदालत परिसर में मौजूद वकीलों और न्यायाधीशों को बाहर निकाला गया।
इसके बाद डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने न्यायालय परिसर की जांच की। सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों को जांच के दायरे में लिया।
ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी सूचना को हल्के में नहीं लेतीं। भले ही बाद में सूचना अफवाह साबित हो, लेकिन शुरुआती स्तर पर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी होता है।

अहमदाबाद के तीन स्कूलों को लेकर भी फैली अफवाह
इसी तरह अहमदाबाद के तीन प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दिए जाने की खबर भी फैली। इनमें बोपल इलाके का DPS School, वेजलपुर का Zydus School और थलतेज का Udgam School शामिल बताए गए।
स्कूलों को लेकर सूचना सामने आने के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल बन गया। स्कूल प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभिभावकों को बुलाकर बच्चों को उनके सुपुर्द किया।
इसके बाद स्कूल परिसरों को खाली कराया गया और बम निरोधक टीम तथा सुरक्षा कर्मियों की मदद से जांच की गई। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर को खंगाला ताकि किसी भी संभावित खतरे की आशंका को दूर किया जा सके।
एक के बाद एक धमकी की खबरों से बढ़ी चिंता
गुजरात विधानसभा, गांधीनगर जिला एवं सत्र न्यायालय और अहमदाबाद के तीन स्कूलों को लेकर धमकी की खबरें सामने आने के बाद स्वाभाविक रूप से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। हालांकि जांच के बाद इन सूचनाओं के अफवाह होने की बात सामने आई।
लगातार इस तरह की झूठी सूचनाएं सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक अलग चुनौती भी पैदा होती है। उन्हें हर सूचना को गंभीरता से लेकर जांच करनी पड़ती है, क्योंकि शुरुआती स्तर पर यह तय करना मुश्किल होता है कि कोई धमकी वास्तविक है या सिर्फ अफवाह।
इस तरह की घटनाओं में आम लोगों से भी अपील की जाती है कि वे बिना पुष्टि के किसी धमकी या सुरक्षा संबंधी खबर को सोशल मीडिया पर आगे न बढ़ाएं। अपुष्ट जानकारी तेजी से फैलने पर स्कूलों, सरकारी संस्थानों और आम नागरिकों के बीच अनावश्यक डर का माहौल बन सकता है।
विधानसभा सत्र के बीच सुरक्षा पर खास नजर
गुजरात विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है, ऐसे में विधानसभा परिसर की सुरक्षा पहले से ही महत्वपूर्ण है। किसी भी तरह की धमकी की सूचना आने पर सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सक्रिय किया जाना स्वाभाविक है।
इस मामले में भी प्रशासन और पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए जांच की और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित किया। बाद में धमकी की बात अफवाह निकलने से राहत मिली।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि धमकी से जुड़ी सूचनाओं की जांच के बाद किसी वास्तविक विस्फोटक या हमले की पुष्टि नहीं हुई। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से ऐसी सूचनाओं को लेकर सतर्कता बरती गई।

