कानपुर। रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आ रही जानकारियां इस वारदात को एक सामान्य हत्या के बजाय कथित तौर पर लंबे समय से चल रही साजिश की ओर इशारा कर रही हैं। पुलिस ने मामले में कारोबारी की बहू शालू को कथित साजिशकर्ता और विशाल गौतम व राजकिशोर को हत्या को अंजाम देने के आरोपी के तौर पर गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
अब पुलिस के हाथ शालू और मुख्य आरोपी विशाल के बीच हुई WhatsApp चैट लगी है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन बातचीत से संकेत मिलता है कि हत्या की योजना अचानक नहीं बनी थी, बल्कि करीब तीन महीने पहले से दोनों के बीच संपर्क बढ़ने के बाद साजिश आगे बढ़ी।
‘तुम स्मार्ट हो…’ से शुरू हुई बातचीत?
पुलिस के अनुसार, शुरुआत में विशाल शालू को केवल ‘गुड मॉर्निंग’ और ‘गुड नाइट’ जैसे संदेश भेजता था। बताया जा रहा है कि उस समय शालू इन संदेशों का जवाब नहीं देती थी।
लेकिन करीब तीन महीने पहले दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ा। पुलिस द्वारा रिकवर की गई चैट में शालू की ओर से विशाल की तारीफ किए जाने की बात सामने आई है।
एक चैट में शालू ने कथित तौर पर विशाल से कहा कि वह स्मार्ट है। इसके बाद बातचीत व्यक्तिगत सवालों तक पहुंची और उससे उसकी गर्लफ्रेंड तथा शादी नहीं होने को लेकर भी सवाल पूछे गए।
पुलिस का अनुमान है कि इसी तरह धीरे-धीरे बातचीत बढ़ाकर शालू ने विशाल का विश्वास हासिल किया और कथित तौर पर उसे हत्या की साजिश में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ी।
हालांकि, इन चैट्स की कानूनी अहमियत का अंतिम निर्धारण जांच और अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।
सड़क हादसे से तकिए तक… कई बार बदली साजिश
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कारोबारी की हत्या के लिए शुरुआत में सड़क हादसे का सहारा लेने की योजना बनाई थी।
लेकिन व्यस्त ट्रैफिक और वारदात के बाद पकड़े जाने की आशंका के चलते कथित तौर पर इस योजना को बदल दिया गया।
इसके बाद कारोबारी को सोते समय तकिए से मुंह दबाकर मारने का प्लान बनाया गया।
लेकिन घटनाक्रम उस योजना के मुताबिक भी नहीं चला। पुलिस के अनुसार, शनिवार रात जब विनीत मिनोचा अपने कमरे को लॉक करने की तैयारी कर रहे थे, तभी आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।
धारदार हथियार से हमला किया गया और पुलिस के मुताबिक कारोबारी पर डेढ़ दर्जन से अधिक वार किए गए। हमले में उनकी मौत हो गई।

पार्टी से लौटे तो कमरे में पड़ा था शव
पूरी वारदात का खुलासा तब हुआ जब कारोबारी का बेटा सुब्रत और बहू शालू पार्टी से वापस लौटे।
बताया गया है कि तड़के करीब 4:13 बजे घर पहुंचने के बाद कमरे में विनीत मिनोचा का खून से लथपथ शव मिला।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
CCTV में दो संदिग्धों के फ्लैट में आने-जाने की गतिविधियां दिखाई दीं। इनमें एक व्यक्ति की पहचान कथित तौर पर कारोबारी के पूर्व कर्मचारी विशाल के रूप में हुई।
इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कथित साजिश की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
हत्या के बाद चैट डिलीट करने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद विशाल ने शालू के साथ हुई WhatsApp बातचीत को डिलीट करने की कोशिश की।
लेकिन पुलिस का दावा है कि WhatsApp कॉल लिस्ट पूरी तरह डिलीट नहीं हो सकी। इसके बाद जांच टीम ने उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर बातचीत से जुड़े रिकॉर्ड हासिल किए।
पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों को मामले की जांच में महत्वपूर्ण मान रही है। इन्हें अदालत में पेश किए जाने की स्थिति में इनकी प्रामाणिकता और स्वीकार्यता का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
हत्या वाले दिन कारोबारी के बेटे से भी फोन पर बात
मामले में एक और तथ्य पुलिस की जांच के दायरे में है। बताया गया है कि जिस दिन विनीत मिनोचा की हत्या हुई, उसी दिन मुख्य आरोपी विशाल की कारोबारी के बेटे से भी फोन पर बातचीत हुई थी।
इस कॉल की परिस्थितियों और उद्देश्य को लेकर पुलिस जांच कर रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हत्या से पहले और बाद में आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ और किसने किससे क्या बात की।
डुप्लीकेट चाबी की तलाश
पुलिस अब उस डुप्लीकेट चाबी को बरामद करने की कोशिश कर रही है, जिसके जरिए आरोपियों के कथित तौर पर फ्लैट में प्रवेश करने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि हत्या के बाद विशाल ने यह चाबी अपार्टमेंट से कुछ दूरी पर फेंक दी थी। पुलिस इसके लिए आरोपी की कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि पूछताछ के साथ-साथ वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य बरामद किए जा सकें।
तीन महीने की बातचीत ने बदल दी पूरी कहानी?
इस हत्याकांड में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी कौन-सी वजह थी, जिसके चलते कथित तौर पर एक पूर्व कर्मचारी को कारोबारी की हत्या के लिए तैयार किया गया।
पुलिस की जांच में सामने आई WhatsApp बातचीत इस सवाल का एक संभावित जवाब तलाशने में मदद कर रही है। शुरुआती सामान्य संदेशों से शुरू हुई बातचीत कथित तौर पर निजी सवालों और नजदीकी तक पहुंची और फिर हत्या की साजिश से जुड़ गई।
हालांकि, पुलिस जांच अभी जारी है और अदालत में साक्ष्यों की जांच के बाद ही आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष निकलेगा।
फिलहाल WhatsApp चैट, CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और डुप्लीकेट चाबी इस मामले की जांच में अहम कड़ियां मानी जा रही हैं। पुलिस इन सभी साक्ष्यों को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि विनीत मिनोचा की हत्या की पूरी साजिश कैसे तैयार हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।

