जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के मतदान के दौरान शुक्रवार को कई जिलों से हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और झड़प की घटनाएं सामने आईं। अजमेर, दौसा, जयपुर, सीकर, हनुमानगढ़ और चिड़ावा में मतदान केंद्रों पर अलग-अलग विवाद हुए। कहीं फर्जी मतदान के आरोप लगे तो कहीं प्रत्याशियों और समर्थकों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई।
वहीं इन विवादों के बीच बहरोड़ से लोकतंत्र के प्रति जागरूकता की एक प्रेरणादायक तस्वीर भी सामने आई। यहां 85 वर्षीय पक्षाघात पीड़ित बुजुर्ग अस्पताल से एंबुलेंस के जरिए मतदान केंद्र पहुंचे और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
सीकर में फर्जी मतदान के आरोप, दो महिलाएं हिरासत में
सीकर नगर परिषद समेत जिले की चार नगरीय निकायों में शुक्रवार को मतदान जारी रहा। दोपहर 1 बजे तक जिले में 55.14 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
सीकर नगर परिषद में 45.48 प्रतिशत, लोसल नगर पालिका में 57.62 प्रतिशत, रामगढ़ शेखावाटी में 56.78 प्रतिशत और धोद नगर पालिका में 60.70 प्रतिशत मतदान हुआ।
इसी बीच सीकर नगर परिषद के वार्ड नंबर 18 में फर्जी मतदान के आरोप को लेकर हंगामा हो गया। जानकारी के अनुसार पुलिस ने फर्जी मतदान के आरोप में दो महिलाओं को हिरासत में लिया और उन्हें थाने ले जाया गया।
इसी वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी साबिर के बेटे पर भी तीन बार फर्जी वोटिंग करने का आरोप लगाया गया। बताया गया कि वह मतदान केंद्र के पास एक घर में छिपा हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। हालांकि आरोपों की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
हनुमानगढ़ में समर्थकों के बीच हाथापाई
हनुमानगढ़ के सुरेशिया इलाके में मतदान केंद्र संख्या 129 और 130 के बाहर दो प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच विवाद हो गया। पहले तीखी बहस हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
एक प्रत्याशी ने दूसरे पर थप्पड़ मारने और ईंट से हमला करने का आरोप लगाया। सूचना मिलते ही डीएसपी मीनाक्षी और सीआई रामचंद्र कस्वा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
भाजपा नेता अमित साहू ने निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों पर मारपीट और दादागिरी का आरोप लगाया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
गहलोत के पैर छूने पर जोधपुर में विवाद
जोधपुर के वार्ड नंबर 82 में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर छूने की घटना को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया।
बताया गया कि मतदान ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी कर्मचारी ने गहलोत के पैर छू लिए। इसके बाद मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। इस घटना को लेकर भाजपा की ओर से निर्वाचन विभाग में शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।
मामले ने मतदान केंद्र पर सरकारी कर्मचारियों की निष्पक्षता और आचार-संहिता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए।
जयपुर में एजेंट को लेकर हंगामा, EVM भी हुई खराब
जयपुर में भी मतदान के दौरान कई घटनाएं सामने आईं। वार्ड 26 के मंगलम सिटी स्थित सरकारी स्कूल बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी अनिता देवी ने कांग्रेस एजेंट को बूथ पर नहीं बैठाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
पुलिस के पहुंचने के बाद स्थिति संभाली गई और एजेंट को बैठाकर मतदान प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
वार्ड 114 की कसेरियों की धर्मशाला में एक निर्दलीय प्रत्याशी ने कांग्रेस उम्मीदवार के अंदर मौजूद रहने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ।
इसके अलावा वार्ड 113 की अग्रवाल धर्मशाला में सुबह करीब 7:15 बजे EVM में खराबी आने से लगभग आधे घंटे तक मतदान प्रभावित रहा। वार्ड 141 के बूथ संख्या 11 पर भी कुछ समय के लिए EVM बंद रही, जिसे बाद में ठीक कर दिया गया।
दौसा में सांसद और भाजपा प्रत्याशी आमने-सामने
दौसा में सांसद मुरारी लाल मीणा परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे। इसी दौरान उनके मीडिया प्रभारी उमाशंकर की बेटी पर भाजपा प्रत्याशी योगेश शर्मा के बूथ एजेंट ने फर्जी मतदाता बनकर वोट डालने का आरोप लगा दिया।
आरोप के बाद बूथ के अंदर ही हंगामा शुरू हो गया। भाजपा प्रत्याशी योगेश शर्मा और सांसद मुरारी लाल मीणा के बीच तीखी बहस हुई। योगेश शर्मा ने फर्जी मतदान रोकने की बात कही।
बाद में पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को शांत कराया और मतदान प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
चिड़ावा में निर्दलीय प्रत्याशी पर हमला
झुंझुनूं के चिड़ावा में वार्ड 28 से निर्दलीय प्रत्याशी अशोक शर्मा ने तीन अज्ञात बाइक सवारों पर हमला करने का आरोप लगाया।
प्रत्याशी के मुताबिक, आरोपियों ने अचानक उन पर हमला किया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले के आरोपों की पुष्टि की जा रही है।
अजमेर में मोबाइल और समर्थकों को लेकर विवाद
अजमेर नगर निगम के वार्ड 12 के पट्टी कटला स्थित ओसवाल स्कूल मतदान केंद्र पर भाजपा शहर जिला अध्यक्ष रमेश सोनी के कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होने को लेकर लोगों ने विरोध किया। बाद में उन्हें वहां से हटाया गया।
वहीं डीएवी स्कूल मतदान केंद्र पर एक मतदाता मोबाइल फोन में मौजूद वोटर आईडी दिखाकर मोबाइल अंदर ले जाने की जिद करने लगा। मतदान दल ने नियमों का हवाला देते हुए मोबाइल अंदर ले जाने से रोक दिया। विवाद बढ़ने पर पुलिस पहुंची और समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
बहरोड़ में 85 साल के बुजुर्ग ने पेश की मिसाल
इन विवादों के बीच बहरोड़ से लोकतंत्र के प्रति समर्पण की तस्वीर सामने आई। 85 वर्षीय पक्षाघात पीड़ित बुजुर्ग पिछले करीब 15 वर्षों से गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं।
अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने मतदान करने की इच्छा जताई। परिजनों और चिकित्सकों की मदद से उन्हें एंबुलेंस से मतदान केंद्र पहुंचाया गया।
मतदान केंद्र पर अधिकारियों ने उन्हें व्हीलचेयर से बूथ तक पहुंचाया और उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के बाद बुजुर्ग ने अन्य नागरिकों से भी चुनाव में मतदान करने की अपील की।
कोटा में ओम बिरला ने डाला वोट
कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने मतदान केंद्र पर मौजूद मतदाताओं से बातचीत की।
चुनाव के दौरान अलग-अलग जगहों से सामने आई घटनाओं के बीच प्रशासन और पुलिस के सामने शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की चुनौती बनी हुई है।

