वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन में देर रात बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी CEO विश्वभूषण मिश्र का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उप सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्वभूषण मिश्र ने 2 फरवरी 2024 को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO का पदभार संभाला था और करीब ढाई साल से अधिक समय तक मंदिर प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
तबादले की खबर सामने आने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अगले मुख्य कार्यपालक अधिकारी की जिम्मेदारी किस अधिकारी को दी जाएगी। काशी विश्वनाथ धाम में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और बड़े स्तर पर संचालित व्यवस्थाओं को देखते हुए CEO का पद बेहद अहम माना जाता है।
फरवरी 2024 में संभाली थी जिम्मेदारी
विश्वभूषण मिश्र ने 2 फरवरी 2024 को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पदभार ग्रहण किया था। उनके कार्यकाल में मंदिर प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना रहा।
काशी विश्वनाथ धाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में दर्शन व्यवस्था, परिसर की सुविधाएं, स्वच्छता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों पर लगातार ध्यान देना मंदिर प्रशासन की प्राथमिकताओं में रहा।
विश्वभूषण मिश्र के कार्यकाल में भी इन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किए जाने की बात सामने आई।
एयर फिल्टर लगाने की पहल बनी चर्चा में
विश्वभूषण मिश्र के कार्यकाल की प्रमुख पहलों में काशी विश्वनाथ धाम परिसर में एयर फिल्टर लगाने का निर्णय भी शामिल रहा।
धाम परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। ऐसे में वायु गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एयर फिल्टर लगाने की पहल की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्तमान में धाम परिसर में लगाए गए एयर फिल्टर काम कर रहे हैं।
यह पहल खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण मानी गई क्योंकि धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी का हिस्सा है।
श्रद्धालु सुविधाओं पर रहा जोर
CEO के रूप में विश्वभूषण मिश्र के कार्यकाल में श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
काशी विश्वनाथ धाम में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर यह संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था, परिसर में सुविधाएं और प्रशासनिक समन्वय जैसे विषय लगातार महत्वपूर्ण बने रहते हैं।
मंदिर प्रशासन के स्तर पर इन व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए समय-समय पर विभिन्न पहल की जाती रही हैं।
अब उप सचिव की संभालेंगे जिम्मेदारी
तबादले के बाद विश्वभूषण मिश्र को अब उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
इस नई तैनाती के साथ ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन में उनके कार्यकाल का अंत हो गया है। हालांकि, उनके अगले पद पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां किस प्रकार की होंगी, यह उनकी नई तैनाती के बाद स्पष्ट होगा।
बरखा सिंह को भी मिली नई जिम्मेदारी
इसी तबादला सूची में पीसीएस अधिकारी बरखा सिंह की भी नई तैनाती की गई है। उन्हें वाराणसी का अपर नगर आयुक्त बनाया गया है।
बरखा सिंह इससे पहले उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में प्रधान प्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं। अब उनकी नई जिम्मेदारी वाराणसी नगर निगम से जुड़ी होगी।
वाराणसी जैसे बड़े धार्मिक और पर्यटन शहर में नगर प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। शहर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के बीच स्वच्छता, यातायात, नागरिक सुविधाओं और शहरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती रहती है।
नए CEO के सामने होंगी बड़ी चुनौतियां
विश्वभूषण मिश्र के तबादले के बाद अब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के नए CEO की नियुक्ति पर नजर है। मंदिर प्रशासन में मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि उनके स्तर पर मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं और श्रद्धालु सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का समन्वय होता है।
नए अधिकारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती धाम में बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना होगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और चल रहे विकास कार्यों को आगे बढ़ाना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

