राजकोट। भारतीय क्रिकेट के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने भी अब इंटरनेशनल जूनियर क्रिकेट की ओर अपना पहला बड़ा कदम बढ़ा दिया है। आर्यवीर ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ इंडिया अंडर-19 टीम के लिए अपना डेब्यू किया। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में उन्हें भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।
आर्यवीर का यह डेब्यू इसलिए भी खास रहा क्योंकि वह अपने पिता की तरह ही सलामी बल्लेबाज की भूमिका में मैदान पर उतरे। उनके डेब्यू मुकाबले को देखने के लिए वीरेंद्र सहवाग भी स्टेडियम पहुंचे। मैच के दौरान सहवाग की मौजूदगी ने इस मुकाबले को और खास बना दिया।
बारिश के कारण 20-20 ओवर का हुआ मुकाबला
भारत और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीमों के बीच वनडे सीरीज की शुरुआत 18 सितंबर से हुई। पहला मुकाबला राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेला गया। हालांकि बारिश ने मैच का रोमांच प्रभावित किया और मुकाबले को घटाकर 20-20 ओवर का कर दिया गया।
ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। ऐसे में भारतीय पारी की शुरुआत करने के लिए आर्यवीर सहवाग मैदान पर उतरे। उनके साथ पारी की शुरुआत की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए बड़ा मौका था, क्योंकि सामने ऑस्ट्रेलिया की मजबूत जूनियर टीम थी।
26 गेंदों पर बनाए 28 रन
आर्यवीर ने अपने डेब्यू मुकाबले में अच्छी शुरुआत की। उन्होंने 26 गेंदों पर 28 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से पांच चौके निकले। शुरुआत में उन्होंने आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजने में कोई झिझक नहीं दिखाई।
आर्यवीर की बल्लेबाजी में उनके पिता वीरेंद्र सहवाग की आक्रामक शैली की झलक भी दिखाई दी। उन्होंने अपने रन मुख्य रूप से चौकों के जरिए बनाए। हालांकि वह अपनी पारी को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके।

मुश्किल समय में आउट हुए आर्यवीर
आर्यवीर ने शुरुआत में कुछ अच्छे शॉट लगाए और क्रीज पर समय बिताने के बाद पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने धीरे-धीरे दबाव बनाना शुरू किया।
इसके बाद स्पेंसर ग्रीन की गेंद पर आर्यवीर ने अपना विकेट गंवा दिया। वह केसी बार्टन के हाथों कैच आउट हुए। इस तरह इंडिया U19 के लिए उनका पहला मुकाबला 28 रन पर समाप्त हुआ।
भले ही वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन डेब्यू मैच में 26 गेंदों पर 28 रन और पांच चौकों की पारी ने उन्हें अच्छी शुरुआत जरूर दी।
घरेलू क्रिकेट में किया है प्रभावित
आर्यवीर सहवाग को इंडिया अंडर-19 टीम तक पहुंचने के लिए घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करना पड़ा है। उन्होंने दिल्ली अंडर-19 क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया और इसके बाद उन्हें जूनियर भारतीय टीम में जगह मिली।
इसके अलावा दिल्ली प्रीमियर लीग में भी आर्यवीर को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। इसी दौरान उन्होंने अपने पसंदीदा बल्लेबाज के रूप में विराट कोहली का नाम लिया था।
आर्यवीर की बल्लेबाजी को लेकर क्रिकेट फैंस की नजर इसलिए भी है क्योंकि उनके पिता वीरेंद्र सहवाग अपने दौर के सबसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। हालांकि आर्यवीर की अपनी क्रिकेट यात्रा अभी शुरुआती दौर में है और उनके खेल का आकलन एक लंबी अवधि में ही किया जा सकेगा।
बेटे का डेब्यू देखने राजकोट पहुंचे वीरेंद्र सहवाग
आर्यवीर के इंडिया U19 डेब्यू का सबसे भावुक पहलू उनके पिता वीरेंद्र सहवाग की मौजूदगी रही। सहवाग अपने बेटे को भारतीय जूनियर टीम की जर्सी में खेलते देखने के लिए राजकोट पहुंचे।
स्टेडियम से उनकी तस्वीरें भी सामने आईं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह दृश्य खास था, क्योंकि भारतीय क्रिकेट के एक दिग्गज बल्लेबाज का बेटा अब उसी रास्ते पर अपना पहला बड़ा कदम रख रहा है।
हालांकि आर्यवीर के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पिता की पहचान से अलग अपनी खुद की पहचान बनाना होगी।
अब अगले मुकाबले पर नजर
भारत और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के बीच सीरीज का अगला मुकाबला 21 सितंबर को खेला जाना है। यदि मौसम ने साथ दिया तो मुकाबला निर्धारित 50 ओवर के प्रारूप में खेला जा सकता है।
आर्यवीर के लिए यह मैच खुद को और बेहतर तरीके से साबित करने का मौका होगा। डेब्यू मैच में 28 रन बनाने के बाद उनकी कोशिश अगले मुकाबले में अपनी पारी को बड़ी पारी में बदलने की होगी।
फैंस की नजर खास तौर पर इस बात पर रहेगी कि क्या आर्यवीर अगले मैच में लंबी पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का और बड़ा प्रदर्शन कर पाते हैं।
पिता की तरह आक्रामक बल्लेबाजी की झलक
वीरेंद्र सहवाग अपने बेखौफ और आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज के लिए जाने जाते रहे हैं। आर्यवीर की शुरुआती बल्लेबाजी में भी बाउंड्री लगाने का आत्मविश्वास नजर आया है। हालांकि अभी उनके करियर की शुरुआत है और उन्हें लंबा रास्ता तय करना है।
आर्यवीर का लक्ष्य भी भविष्य में भारतीय टीम का हिस्सा बनना होगा, लेकिन उससे पहले उन्हें अंडर-19 स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। डेब्यू के बाद अब उनकी बल्लेबाजी पर क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस की नजरें और ज्यादा रहने वाली हैं।

