नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम आने वाले कुछ हफ्तों में अलग-अलग फॉर्मेट और प्रतियोगिताओं में व्यस्त रहने वाली है। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के अलावा एशियन गेम्स, ईरानी कप और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ मुकाबलों के लिए अलग-अलग भारतीय स्क्वॉड घोषित किए गए हैं। इन टीमों पर गौर करें तो सिर्फ मौजूदा सीरीज ही नहीं, बल्कि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी को लेकर भी कई संकेत दिखाई देते हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा हार्दिक पांड्या के बैकअप, रवींद्र जडेजा की वनडे वापसी और मोहम्मद शमी तथा भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी तेज गेंदबाजों को लेकर हो रही है।
हार्दिक के बैकअप के तौर पर नीतीश रेड्डी पर नजर
हार्दिक पांड्या 2026 आईपीएल के बाद से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेले हैं। उन्हें ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए की अनौपचारिक वनडे टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनका खेलना मेडिकल मंजूरी पर निर्भर बताया गया है।
इसी बीच चयनकर्ताओं ने नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स की टीम से हटाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में शामिल किया। इससे यह संकेत मिलता है कि टीम मैनेजमेंट उन्हें वनडे में सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के विकल्प के रूप में अधिक परखना चाहता है।
2027 वनडे विश्व कप को लगभग एक साल बाकी होने के कारण यह भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हार्दिक की उपलब्धता या फिटनेस में किसी तरह की समस्या होने पर टीम के पास समान भूमिका निभाने वाला विकल्प तैयार रखना उपयोगी होगा।
जडेजा की वापसी, लेकिन क्या यह स्थायी है?
रवींद्र जडेजा की वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में वापसी ने भी ध्यान खींचा है। उन्होंने 18 जनवरी के बाद कोई वनडे नहीं खेला था। इस बार उनकी वापसी ऐसे समय हुई है जब अक्षर पटेल एशियन गेम्स में व्यस्त होंगे।
जडेजा का अनुभव उन्हें टीम के लिए उपयोगी बनाता है, लेकिन मौजूदा वनडे संयोजन में अक्षर पटेल बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडरों में आगे दिखाई देते हैं। इसलिए जडेजा की यह वापसी लंबे समय के लिए तय है, ऐसा अभी कहना जल्दबाजी होगी।
हालांकि अगर भविष्य में अक्षर उपलब्ध नहीं होते हैं, तो जडेजा का अनुभव और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड उनके पक्ष में महत्वपूर्ण हो सकता है।

नमन धीर को पहली बार मिला बड़ा मौका
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में नमन धीर को पहली बार भारतीय अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। उन्हें पंजाब की शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में शानदार प्रदर्शन का फायदा मिला, जहां उन्होंने नौ पारियों में 626 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 217 रहा।
नमन पहले भी इंडिया ए के साथ जुड़े रहे हैं। अब वनडे टीम में जगह मिलने के बाद उनके पास खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार साबित करने का अवसर होगा।
आकिब नबी और विप्रज निगम पर भी नजर
ऑलराउंडर आकिब नबी को भी वनडे टीम में जगह मिली है। 2025-26 विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने 14 विकेट लेने के साथ 221 रन बनाए थे। इससे पता चलता है कि चयनकर्ता निचले क्रम में बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी का विकल्प देने वाले खिलाड़ियों को भी देख रहे हैं।
वहीं विप्रज निगम को एशियन गेम्स और जापान टी20 अभियान के लिए टीम में शामिल किया गया है। वह लेग-ब्रेक गेंदबाजी के साथ तेज रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं। इससे भारत के पास स्पिन विभाग में एक अलग तरह का विकल्प मौजूद रहेगा।
सरफराज खान को नेतृत्व की जिम्मेदारी
ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया टीम में सरफराज खान को उपकप्तान बनाया गया है, जबकि ऋषभ पंत टीम की कप्तानी करेंगे। सरफराज नवंबर 2024 के बाद से टेस्ट क्रिकेट नहीं खेले हैं, हालांकि अगस्त 2026 में उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए टीम में वापस बुलाया गया था।
उपकप्तानी को उनके लिए चयनकर्ताओं के भविष्य के भरोसे का निश्चित प्रमाण कहना उचित नहीं होगा, लेकिन यह उन्हें घरेलू क्रिकेट में नेतृत्व और प्रदर्शन के जरिए अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर जरूर देता है।
शमी और भुवनेश्वर की राह अब कितनी खुली?
सबसे बड़ा सवाल अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार को लेकर है।
शमी को वेस्टइंडीज वनडे, ईरानी कप और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट तथा वनडे से जुड़े घोषित स्क्वॉड में जगह नहीं मिली। इन लगातार चयन फैसलों के आधार पर उनके अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। लेकिन केवल किसी एक या कई स्क्वॉड में चयन न होने से आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा जा सकता कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया है।
भुवनेश्वर कुमार भी मौजूदा भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने आईपीएल में लंबा योगदान दिया है, लेकिन वर्तमान राष्ट्रीय टीम संयोजन में उनकी वापसी को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इसलिए दोनों खिलाड़ियों के मामले में चयन से मिले संकेत और आधिकारिक निर्णय के बीच अंतर रखना जरूरी है।
भारतीय टीम में चल रही है अगली पीढ़ी की तैयारी
भारत आने वाले समय में अलग-अलग टीमों के जरिए खिलाड़ियों को परख रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में शुभमन गिल कप्तान और केएल राहुल उपकप्तान हैं, जबकि रोहित शर्मा और विराट कोहली भी टीम में हैं। टी20 में श्रेयस अय्यर कप्तानी करेंगे।
एक ही समय में अलग-अलग प्रतियोगिताओं में अलग स्क्वॉड भेजे जाने से खिलाड़ियों को अपनी भूमिका साबित करने का मौका मिल रहा है। खासकर 2027 विश्व कप को देखते हुए सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर, स्पिन ऑलराउंडर और निचले क्रम की बल्लेबाजी जैसे क्षेत्रों में विकल्प तैयार करना टीम मैनेजमेंट के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

