मुंबई: देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शामिल IIT बॉम्बे के हॉस्टलों में अब एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है। संस्थान के छात्रावासों में कमरों के सीलिंग फैन हटाकर उनकी जगह वॉल-माउंटेड फैन यानी दीवार पर लगने वाले पंखे लगाए जा रहे हैं। नए पंखों की पहली खेप कैंपस पहुंच चुकी है और उन्हें लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
पंखों में यह बदलाव ऐसे समय में चर्चा में आया है, जब IIT बॉम्बे समेत देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में IIT बॉम्बे में एक छात्र की मौत के बाद हॉस्टल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हुई थी। हालांकि, संस्थान के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंखे बदलने का फैसला किसी एक हालिया घटना के बाद नहीं लिया गया, बल्कि यह पहले से निर्धारित हॉस्टल रेनोवेशन प्रक्रिया का हिस्सा है।
हॉस्टल के कमरों में क्या बदलेगा?
IIT बॉम्बे के हॉस्टल कमरों में लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे सीलिंग फैन की जगह अब दीवार पर लगाए जाने वाले पंखे लगाए जाएंगे। इस तरह के पंखे कमरे की दीवार पर लगाए जाते हैं और छत से जुड़े नहीं होते।
रिपोर्टों के मुताबिक पंखों को बदलने पर करीब दो महीने से विचार चल रहा था, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया गया। छात्रों के अनुसार नए वॉल-माउंटेड पंखों की पहली खेप कैंपस पहुंच चुकी है।
यह कदम छात्रावासों में सुरक्षा से जुड़े उपायों के बीच महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, IIT बॉम्बे प्रशासन इसे व्यापक रेनोवेशन योजना का हिस्सा बता रहा है।
हाल की छात्र मौत के बाद क्यों चर्चा में आया फैसला?
पंखों को बदलने की खबर ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि IIT बॉम्बे में सितंबर 2026 में एक छात्र की मौत के बाद कैंपस सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। रिपोर्ट के अनुसार 20 वर्षीय बीटेक सेकंड ईयर छात्र साहिल वाकोड़े 18 सितंबर को अपने हॉस्टल कमरे में मृत पाए गए थे।
ऐसे मामलों के बाद कई शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर अलग-अलग उपायों पर विचार किया जाता रहा है। इनमें ऐसे बदलाव भी शामिल हैं जिनका उद्देश्य आत्महत्या के कुछ तरीकों तक पहुंच को मुश्किल बनाना होता है।
इसी वजह से IIT बॉम्बे में सीलिंग फैन की जगह वॉल-माउंटेड फैन लगाने की खबर सामने आने के बाद इसे छात्र सुरक्षा के नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि, संस्थान ने इस बदलाव को सीधे हाल की मौत से जोड़ने से इनकार किया है।
IIT बॉम्बे प्रशासन ने क्या कहा?
संस्थान के अधिकारियों के मुताबिक हॉस्टल में कई तरह के रेनोवेशन कार्य पहले से निर्धारित थे। सीलिंग फैन को हटाकर वॉल-माउंटेड फैन लगाना भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
प्रशासन का कहना है कि पंखे बदलने का फैसला हाल की छात्र मौतों के कारण अचानक नहीं लिया गया था। यानी इस बदलाव की योजना पहले से चल रही थी और इसका क्रियान्वयन अब सामने आया है।
हालांकि, इस कदम का समय ऐसा है कि इसे छात्र सुरक्षा से जुड़ी चर्चाओं के संदर्भ में देखा जा रहा है। यही वजह है कि हॉस्टल में पंखे बदलने की प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।
जुलाई में भी दिया गया था सुरक्षा उपायों का आश्वासन
रिपोर्टों के मुताबिक IIT बॉम्बे प्रशासन ने जुलाई में छात्रों के सामने हॉस्टल सुरक्षा से जुड़े कुछ उपायों को लागू करने का आश्वासन दिया था। पंखों को बदलना भी उन उपायों में शामिल था। अब नए पंखों की पहली खेप कैंपस पहुंचने के बाद इस दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ी है।
इससे यह भी संकेत मिलता है कि हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच पहले से चर्चा चल रही थी।
सिर्फ पंखा बदलने से खत्म होगी समस्या?
IIT बॉम्बे में पंखों का डिजाइन बदलना सुरक्षा व्यवस्था में एक भौतिक बदलाव है, लेकिन छात्र कल्याण से जुड़े विशेषज्ञों की चर्चा केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है।
जून 2026 में सार्वजनिक की गई सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त National Task Force on Student Suicides की अंतरिम रिपोर्ट में उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र आत्महत्याओं से जुड़े कई कारकों का उल्लेख किया गया था। इनमें अकादमिक दबाव, सामाजिक भेदभाव, आर्थिक तनाव, यौन उत्पीड़न और परीक्षा से जुड़े तनाव जैसे मुद्दे शामिल थे। रिपोर्ट ने संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और स्टाफ प्रशिक्षण की जरूरत पर भी ध्यान दिया।
रिपोर्ट के अनुसार 31 केंद्रीय वित्त पोषित संस्थानों से मिले जवाबों में 90 प्रतिशत फैकल्टी सदस्यों ने बताया कि उन्हें छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला था।
इससे साफ है कि छात्र सुरक्षा का मुद्दा केवल हॉस्टल के ढांचे तक सीमित नहीं है। मानसिक स्वास्थ्य सहायता, काउंसलिंग, पीयर सपोर्ट और संस्थागत प्रतिक्रिया भी इसका हिस्सा हैं।
कैंपस में अब आगे क्या होगा?
फिलहाल IIT बॉम्बे में सीलिंग फैन हटाने और वॉल-माउंटेड फैन लगाने की प्रक्रिया चर्चा में है। नए पंखों की पहली खेप कैंपस पहुंच चुकी है और हॉस्टल रेनोवेशन के तहत बदलाव आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस कदम को लेकर दो बातें अलग-अलग समझना जरूरी है। पहली, पंखे बदलने का निर्णय संस्थान के अनुसार पहले से नियोजित रेनोवेशन का हिस्सा है। दूसरी, इसका क्रियान्वयन हाल की छात्र मौतों के बाद सामने आने के कारण इसे सुरक्षा के नजरिए से भी देखा जा रहा है।
आने वाले समय में हॉस्टल के अन्य सुरक्षा उपायों और छात्र कल्याण से जुड़े कदमों पर भी ध्यान रहेगा।

