Lucknow Congress Protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को भारी बारिश के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है।
यह विरोध ऐसे समय हुआ है जब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक बहस तेज है। कांग्रेस लगातार चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठा रही है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग राय और टिप्पणियों को सामान्य प्रक्रिया बताया है।
बारिश के बीच सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
News24 की रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान मौसम भी खराब था और भारी बारिश हो रही थी। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया है। लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के बाहर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने की खबर भी सामने आई थी, जिसमें उनके इस्तीफे की मांग की गई थी।
SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
इस प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा अहम है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पारदर्शिता जरूरी है। पार्टी ने इस मुद्दे को व्यापक राजनीतिक अभियान के रूप में उठाया है।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को अपने देशव्यापी विरोध अभियान का हिस्सा बनाया है। इससे पहले पार्टी ने 25 सितंबर और 28 सितंबर को राज्य तथा जिला स्तर पर विरोध कार्यक्रमों का ऐलान किया था।
राजेंद्र पाल गौतम ने क्या कहा?
लखनऊ प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। News24 के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है।
गौतम ने केंद्र सरकार पर भी चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी। ये कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को बनाया आधार
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ‘वोट चोरी’ और ‘चुनाव चोरी’ जैसे नारों के जरिए अपने अभियान को धार देने की कोशिश की। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
कांग्रेस ने यह भी कहा है कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े सवालों को लेकर वह अपना विरोध जारी रखेगी। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से आंतरिक निर्णय प्रक्रिया में अलग-अलग राय और सुझावों को सामान्य प्रक्रिया बताया गया है।
लखनऊ के प्रदर्शन से आगे क्या?
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का विरोध केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। 25 सितंबर को देश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए। देहरादून में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सचिवालय कूच किया, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की।
इससे साफ है कि SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस का राजनीतिक अभियान फिलहाल जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है, खासकर तब जब कांग्रेस ने आगे भी विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।

