मुंबई: गणपति उत्सव के अंतिम दिन यानी अनंत चतुर्दशी पर मुंबई में शुक्रवार को भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। लाखों श्रद्धालुओं के सड़कों पर उतरने और अलग-अलग विसर्जन स्थलों पर बड़ी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC ने व्यापक इंतजाम किए हैं। शहर में 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि BMC ने 25 हजार से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को विसर्जन व्यवस्था के लिए लगाया है।
सुरक्षा के लिए 24 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
मुंबई पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती विसर्जन जुलूसों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है। पुलिस की तैनाती में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में जवान शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, तैनाती में छह संयुक्त पुलिस आयुक्त, नौ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 38 पुलिस उपायुक्त और 66 सहायक पुलिस आयुक्त भी शामिल हैं।
इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स, स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स, फोर्स वन, क्विक रिस्पॉन्स टीम, दंगा नियंत्रण दल और एंटी-ड्रोन दस्ते भी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने लोगों से भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने और ड्यूटी पर तैनात जवानों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। संदिग्ध या लावारिस वस्तु दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।
BMC ने भी संभाली बड़ी जिम्मेदारी
विसर्जन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए BMC ने 25 हजार से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी हैं। विसर्जन स्थलों पर 1,132 लाइफगार्ड तैनात किए गए हैं। रात और कम रोशनी वाले क्षेत्रों में निगरानी के लिए 6,052 फ्लडलाइट और सर्चलाइट की व्यवस्था की गई है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग स्थानों पर 85 एंबुलेंस और 10 मोटरबोट भी तैयार रखी गई हैं। भीड़ के प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय के लिए 261 रिसेप्शन सेंटर, 228 कंट्रोल रूम और 75 ऑब्जर्वेशन टावर बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 489 अस्थायी शौचालय भी उपलब्ध कराए गए हैं।
67 प्राकृतिक स्थल और 383 कृत्रिम तालाब
BMC ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्राकृतिक विसर्जन स्थलों के साथ कृत्रिम तालाबों की भी व्यवस्था की है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार शहर में 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थल और 383 कृत्रिम तालाब तैयार किए गए हैं। BMC ने श्रद्धालुओं से निर्धारित स्थानों का इस्तेमाल करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार छह फीट तक ऊंची गणेश प्रतिमाओं के लिए कृत्रिम तालाबों में विसर्जन की व्यवस्था की गई है। BMC ने नागरिकों से इन निर्धारित स्थानों का उपयोग करने को कहा है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए किसी को पैसे देने की जरूरत नहीं है।
जेवीएलआर, लालबाग और कालाचौकी में ट्रैफिक प्रतिबंध
गणपति विसर्जन के दौरान मुंबई की सड़कों पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कई महत्वपूर्ण मार्गों पर प्रतिबंध लगाए हैं। जोगेश्वरी-विखरोली लिंक रोड यानी JVLR के कुछ हिस्सों में नो-पार्किंग लागू की गई है। एलएंडटी फ्लाईओवर से आईआईटी मार्केट गेट तक दोनों दिशाओं में वाहनों के लिए पार्किंग प्रतिबंध की जानकारी दी गई है। भारी वाहनों के आवागमन को लेकर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
इसके अलावा मध्य मुंबई के लालबाग और कालाचौकी जैसे इलाकों में भीड़ को देखते हुए प्रमुख सड़कों पर पार्किंग प्रतिबंध लागू किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से एडवाइजरी का पालन करने और अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर न जाने की अपील की है।
समुद्र में विसर्जन को लेकर विशेष सावधानी
BMC ने समुद्र में प्रतिमा विसर्जन करने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। नगर निकाय के मुताबिक मुंबई के तटीय क्षेत्रों में ब्लू-बटन जेलीफिश और स्टिंगरे की मौजूदगी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। समुद्र में उतरते समय प्रशासन और लाइफगार्ड के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
BMC के अनुसार, गणेश उत्सव के पहले चरणों में डेढ़ दिन, पांच दिन, छह दिन और सात दिन की अवधि वाली प्रतिमाओं समेत 1,63,386 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन पहले ही किया जा चुका था। अब अनंत चतुर्दशी के साथ 12 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन हो रहा है।

