लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो गया है और कई जिलों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ के साथ प्रभाव में आने के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। खासकर तराई, पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों में अति भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इनमें श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर शामिल हैं। इन जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने और संभावित जलभराव, बाढ़ तथा अन्य मौसमी परिस्थितियों से निपटने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
स्कूलों पर भी पड़ा बारिश का असर
लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। लखनऊ में 26 सितंबर को प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश अलग-अलग बोर्डों से संचालित सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों पर लागू है।
इसी तरह बलरामपुर, सीतापुर, बाराबंकी और श्रावस्ती में भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवकाश घोषित किया गया है। कई अन्य जिलों में भी कक्षा 12 तक के स्कूलों को बंद रखने के आदेश सामने आए हैं। इनमें कानपुर, कानपुर देहात, इटावा, फतेहपुर, जालौन, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, उन्नाव, कन्नौज, गोरखपुर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीर नगर और सिद्धार्थनगर समेत कई जिले शामिल हैं।

59 जिलों में आंधी और बिजली गिरने का खतरा
बारिश के साथ-साथ प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की भी चेतावनी है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों के दौरान इसकी गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने की आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
अचानक बाढ़ का भी खतरा
लगातार बारिश के कारण कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का खतरा भी बताया गया है। आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, लखनऊ, कानपुर नगर और फतेहपुर समेत कई क्षेत्रों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले इलाकों में जल निकासी और राहत-बचाव व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
27 सितंबर तक मौसम रहेगा प्रभावित
मौसम संबंधी पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और इसके बाद भी बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

