जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार को युवाओं और Gen-Z के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने युवाओं से सीधे बातचीत की। बिड़ला ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम में राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों से युवा और विद्यार्थी शामिल हुए। बातचीत का केंद्र युवाओं का भविष्य, सामाजिक जिम्मेदारी, राजनीति में भागीदारी और राष्ट्र निर्माण जैसे विषय रहे।
कार्यक्रम नितिन नबीन के जयपुर दौरे का शाम का प्रमुख हिस्सा था। इससे पहले उन्होंने संगठन से जुड़े कार्यक्रमों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकों में हिस्सा लिया। इसके बाद युवा संवाद के दौरान उन्होंने युवाओं से सवाल-जवाब के जरिए बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ाया।
राजनीति में कौन आना चाहता है?
युवा संवाद के दौरान नितिन नबीन ने सभागार में मौजूद युवाओं से सीधे पूछा कि उनमें से कितने लोग राजनीति में आना चाहते हैं। सवाल के जवाब में कुछ युवाओं ने हाथ उठाए। इस बातचीत का उद्देश्य युवाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को लेकर उनकी रुचि को समझना था।
कार्यक्रम में युवाओं से उनके अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बातचीत हुई। युवा किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं और देश के विकास में किस तरह योगदान देना चाहते हैं, इस तरह के विषय संवाद का हिस्सा रहे।
‘दाल-बाटी-चूरमा’ से शुरू हुआ हल्का-फुल्का संवाद
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान की पहचान से जुड़े लोकप्रिय वाक्य ‘दाल-बाटी-चूरमा’ का भी जिक्र हुआ। नितिन नबीन ने इसे मंच से कहा और आगे का जवाब युवाओं से मांगा। इसके बाद सभागार में मौजूद युवाओं ने ‘हम राजस्थान के सूरमा’ के नारे के साथ प्रतिक्रिया दी।
इस दौरान माहौल कुछ देर के लिए हल्का-फुल्का हो गया और युवाओं ने उत्साह के साथ संवाद में भाग लिया। कार्यक्रम में नारे और बातचीत के जरिए मंच तथा दर्शकों के बीच सीधा जुड़ाव देखने को मिला।

युवाओं को दिया जिम्मेदारी का संदेश
नितिन नबीन ने युवाओं से कहा कि जीवन में सफलता का अर्थ केवल किसी पेशे में आगे बढ़ना नहीं है। उन्होंने एक अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार इंजीनियर, डॉक्टर या उद्यमी बनना उपलब्धि हो सकती है, लेकिन समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से मेहनत को प्राथमिकता देने और शॉर्टकट से बचने की बात कही। साथ ही राष्ट्रहित को महत्व देने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में युवाओं को सामाजिक संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ने और अपने भविष्य को जिम्मेदारी से आकार देने की बात कही गई।
‘Perform, Reform और Transform’ पर जोर
युवा संवाद में युवाओं के भविष्य को लेकर Perform, Reform और Transform की अवधारणा का भी उल्लेख किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार काम करने, सुधार की प्रक्रिया से जुड़ने और सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने भी अपने अनुभव और भविष्य से जुड़ी योजनाएं साझा कीं। सरकारी योजनाओं और युवाओं से संबंधित पहल को लेकर कुछ प्रतिभागियों ने अपनी बात रखी।
जयपुर दौरे में संगठनात्मक बैठक भी हुई
नितिन नबीन के जयपुर दौरे में युवा संवाद के अलावा संगठन से जुड़ी बैठक भी हुई। उन्होंने सांसदों, विधायकों, संभाग प्रभारियों और सह-प्रभारियों के साथ बैठक की। आगामी पंचायती राज चुनाव से संबंधित संगठनात्मक तैयारियों और समन्वय पर चर्चा कार्यक्रम का हिस्सा रही।
दौरे के दौरान स्थानीय निकाय से जुड़े जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन में भी भागीदारी हुई। इसके बाद शाम को युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस तरह पूरे दौरे में संगठनात्मक गतिविधियों के साथ युवा संपर्क को भी स्थान दिया गया।
Gen-Z संवाद क्यों रहा चर्चा में?
जयपुर का यह कार्यक्रम इसलिए भी उल्लेखनीय रहा क्योंकि इसमें युवाओं से एकतरफा भाषण के बजाय सवाल-जवाब और बातचीत के जरिए संपर्क स्थापित करने की कोशिश की गई। राजनीति में युवाओं की भूमिका, करियर, सामाजिक जिम्मेदारी और देश के विकास जैसे विषयों पर बातचीत हुई।
Gen-Z के बीच राजनीतिक संवाद का यह तरीका वर्तमान समय में बदलते संचार माध्यमों और युवा भागीदारी के संदर्भ में देखा जा सकता है। अलग-अलग राजनीतिक दल और नेता भी युवाओं तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया और प्रत्यक्ष संवाद कार्यक्रमों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

