नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में INDIA ब्लॉक के दलों की 30 सितंबर को नई दिल्ली में बैठक होने की संभावना जताई गई है। बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, बैठक का अंतिम एजेंडा और स्वरूप आधिकारिक रूप से सामने आना बाकी है।
इस पूरे घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ा एक नया पहलू भी सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और CPM महासचिव एमए बेबी के बीच फोन पर बातचीत हुई है। दोनों दल पश्चिम बंगाल में लंबे समय से एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दे पर दोनों के बीच संवाद हुआ है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत में विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर समन्वित कार्रवाई की जरूरत पर चर्चा हुई।
बताया गया है कि एमए बेबी ने 23 सितंबर को विपक्षी दलों के नेताओं को पत्र भेजकर चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रम पर संयुक्त बैठक और आगे की रणनीति पर विचार करने का आग्रह किया था। इसके बाद ममता बनर्जी की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई। ममता ने INDIA ब्लॉक की बैठक जल्द बुलाने की जरूरत पर जोर दिया और इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय की बात कही।
इस बीच विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी उठाई गई है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच और SIR प्रक्रिया को रोकने जैसी मांगें रखी हैं। कुछ विपक्षी दल संसद में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नया नोटिस देने की तैयारी की बात भी कह चुके हैं।
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसे लेकर विपक्षी दलों ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल उठाए हैं। विपक्ष के आरोपों के केंद्र में चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और कुछ फैसलों को लेकर कथित मतभेद हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर कहा है कि आयोग के सदस्यों के बीच अलग-अलग विचार और टिप्पणियां संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती हैं तथा उसके आदेश कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी किए जाते हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—की ओर से SIR से जुड़े कुछ निर्णयों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की रिपोर्टें सामने आई हैं। विपक्ष ने इन्हें आयोग के भीतर गंभीर मतभेद के तौर पर उठाया है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने लिखित टिप्पणियों को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। इसलिए इस पूरे मुद्दे में राजनीतिक आरोपों और संस्थागत पक्ष के आधिकारिक स्पष्टीकरण को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण है।

ममता बनर्जी और एमए बेबी की बातचीत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दोनों दल बंगाल में लंबे समय से आमने-सामने रहे हैं। दोनों पार्टियां INDIA ब्लॉक का हिस्सा हैं, लेकिन राज्य की राजनीति में उनके बीच प्रत्यक्ष राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है। अब चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर बातचीत होने से विपक्षी समन्वय का एक नया पहलू सामने आया है।
इसके अलावा ममता बनर्जी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी बातचीत कर INDIA ब्लॉक की बैठक जल्द बुलाने की बात कही है। विपक्षी दलों के बीच अन्य गैर-भाजपा दलों से संपर्क बढ़ाने की कोशिशों की भी जानकारी सामने आई है। इस संभावित बैठक में आगे की संयुक्त राजनीतिक और संसदीय रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
आने वाले दिनों में 29 सितंबर को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक और उसके बाद 30 सितंबर को प्रस्तावित विपक्षी बैठक पर राजनीतिक नजरें रहेंगी। हालांकि, अंतिम रूप से कौन-कौन से दल बैठक में शामिल होंगे और संयुक्त रणनीति क्या होगी, इसकी तस्वीर बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।

