जयपुर: राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी RPSC की SI भर्ती परीक्षा-2021 की पुनर्परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने कुछ समय के लिए परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। वीडियो में परीक्षा कक्ष जैसा माहौल, व्हाइट बोर्ड पर परीक्षा से जुड़ी जानकारी, प्रश्नपत्र और OMR शीट दिखाई दे रही थी। मोबाइल से रिकॉर्डिंग किए जाने के कारण इसे SI री-एग्जाम से जोड़कर देखा गया और मामले में FIR तक दर्ज हुई।
लेकिन जयपुर पुलिस की जांच में अब सामने आया है कि वायरल वीडियो 20 सितंबर को हुई SI पुनर्परीक्षा के दौरान रिकॉर्ड नहीं किया गया था। पुलिस के मुताबिक यह वीडियो उसी परीक्षा केंद्र पर अगले दिन आयोजित किए गए एक RAS मॉक टेस्ट के दौरान बनाया गया था।
20 सितंबर को हुई थी SI भर्ती परीक्षा की पुनर्परीक्षा
SI भर्ती परीक्षा-2021 पहले पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के विवाद में रही थी। इसके बाद RPSC ने परीक्षा की पुनर्परीक्षा कराई। 20 सितंबर 2026 को राज्यभर में SI/Platoon Commander Combined Competitive Re-Examination 2021 आयोजित हुई।
पुनर्परीक्षा के दौरान सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे। इससे पहले परीक्षा के दिन पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी की थी और तीन वांछित संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया था।
इसी पृष्ठभूमि में जयपुर के महेश नगर क्षेत्र स्थित एक परीक्षा केंद्र का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में मोबाइल से परीक्षा कक्ष के अंदर रिकॉर्डिंग होती दिखाई दी। इसमें व्हाइट बोर्ड, प्रश्नपत्र और OMR शीट नजर आने की बात सामने आई। इससे यह आशंका पैदा हुई कि कहीं SI परीक्षा के दौरान मोबाइल अंदर तो नहीं पहुंचा था।
वायरल वीडियो के बाद RPSC ने दर्ज कराई FIR
वीडियो सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। RPSC के एक अधिकारी की ओर से महेश नगर थाने में FIR दर्ज कराई गई। मामले की जांच पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई और वायरल वीडियो की वास्तविक तारीख तथा उसे रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति की पहचान की जांच शुरू हुई।
यहीं से मामले की जांच ने नया मोड़ लिया।
पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रही परीक्षा संबंधी जानकारी और परीक्षा केंद्र की परिस्थितियों की जांच की। जांच में पाया गया कि वीडियो में दिख रहा केंद्र वही स्थान था जहां 20 सितंबर को SI पुनर्परीक्षा आयोजित हुई थी, लेकिन वीडियो उस दिन का नहीं था।

21 सितंबर को हुआ था RAS का मॉक टेस्ट
जयपुर पुलिस के अनुसार महेश नगर स्थित कल्याण पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में SI पुनर्परीक्षा के अगले दिन यानी 21 सितंबर को एक निजी कोचिंग संस्थान की ओर से RAS का मॉक टेस्ट आयोजित किया गया था।
इस मॉक टेस्ट के लिए कोचिंग संस्थान ने अलग-अलग स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया था। महेश नगर का यही स्कूल भी उन केंद्रों में शामिल था।
जांच में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक 20 सितंबर की SI परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षा कक्ष के व्हाइट बोर्ड पर लिखी गई पुरानी जानकारी हटाई नहीं गई थी। इसमें परीक्षा केंद्र से जुड़ा कोड, परीक्षा का नाम और रोल नंबर सीरीज जैसी जानकारी मौजूद थी।
अगले दिन जब उसी कमरे में RAS का मॉक टेस्ट हुआ, तब वहां मौजूद एक अभ्यर्थी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। कैमरे में व्हाइट बोर्ड पर पहले से मौजूद SI परीक्षा की जानकारी भी रिकॉर्ड हो गई।
वीडियो बनाने वाला SI परीक्षा का अभ्यर्थी नहीं था
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वीडियो रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति 20 सितंबर को उसी केंद्र पर हुई SI पुनर्परीक्षा में शामिल नहीं हुआ था। पुलिस के अनुसार वह 21 सितंबर को आयोजित RAS मॉक टेस्ट में शामिल हुआ था।
यानी सोशल मीडिया पर वीडियो को SI री-एग्जाम के दौरान की रिकॉर्डिंग के रूप में देखा गया, जबकि पुलिस जांच के मुताबिक उसकी रिकॉर्डिंग अगले दिन हुए मॉक टेस्ट के दौरान हुई थी।
पुलिस ने SI री-एग्जाम में गोपनीयता भंग से इनकार किया
जयपुर पुलिस की जांच के आधार पर वायरल वीडियो को SI परीक्षा के दौरान हुई सुरक्षा चूक का प्रमाण नहीं माना गया है। पुलिस के अनुसार 20 सितंबर की SI पुनर्परीक्षा में इस वीडियो के आधार पर किसी तरह की गोपनीयता भंग सामने नहीं आई।
हालांकि, वीडियो को सोशल मीडिया पर किसने अपलोड किया और किस संदर्भ में इसे SI परीक्षा से जोड़कर प्रसारित किया गया, इसकी जांच भी की गई। पुलिस ने वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति तक पहुंचने के लिए टीम गठित की थी।
पहले से विवादों में रही है SI भर्ती परीक्षा-2021
SI भर्ती परीक्षा-2021 पहले ही पेपर लीक मामले के कारण रद्द की जा चुकी थी। इसी वजह से 2026 में आयोजित पुनर्परीक्षा पर अभ्यर्थियों और प्रशासन की विशेष नजर थी।
ऐसे में परीक्षा केंद्र का कोई भी वीडियो सामने आने पर सवाल उठना स्वाभाविक था। लेकिन इस मामले में पुलिस जांच ने वायरल वीडियो और वास्तविक परीक्षा के बीच का अंतर स्पष्ट किया है।
अभी क्या स्थिति है?
फिलहाल उपलब्ध पुलिस जांच के अनुसार वायरल वीडियो SI री-एग्जाम का नहीं, बल्कि 21 सितंबर को उसी परिसर में हुए RAS मॉक टेस्ट का है। 20 सितंबर की SI पुनर्परीक्षा के दौरान परीक्षा की गोपनीयता भंग होने की पुष्टि इस वीडियो से नहीं हुई है।
मामले में FIR दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ी और वायरल वीडियो के स्रोत की पड़ताल की गई। इसलिए सोशल मीडिया पर इस वीडियो को SI परीक्षा में हुई कथित पेपर लीक या परीक्षा के दौरान मोबाइल पहुंचने का प्रमाण बताने से पहले पुलिस जांच के निष्कर्ष को ध्यान में रखना जरूरी है।

