नई दिल्ली/एची-नागोया: एशियन गेम्स 2026 के अंतिम दौर में पहुंचते ही भारत की मेडल रेस और तेज हो गई है। 29 सितंबर का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए कई अहम मुकाबलों से भरा रहा। शूटिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक की उम्मीदों को मजबूत किया, जबकि स्क्वैश में अनाहत सिंह की सिल्वर उपलब्धि ने भारत की झोली में एक और बड़ा पदक जोड़ा।
एची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक हो रहा है। जैसे-जैसे प्रतियोगिता अंतिम सप्ताह में पहुंच रही है, भारत की नजर उन खेलों पर है जहां अभी और पदक मिलने की संभावना बनी हुई है।
अनाहत सिंह ने स्क्वैश में जीता सिल्वर
भारत के लिए स्क्वैश से बड़ी खबर अनाहत सिंह की रही। महिला सिंगल्स में अनाहत ने सिल्वर मेडल हासिल किया। इससे पहले पुरुष सिंगल्स में अभय सिंह ने भी रजत पदक अपने नाम किया था। इस तरह स्क्वैश में भारत को व्यक्तिगत मुकाबलों में दो सिल्वर मिले।
अनाहत की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि भारतीय स्क्वैश टीम से इस प्रतियोगिता में काफी उम्मीदें थीं। उनके सिल्वर के साथ भारत के स्क्वैश पदकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। उपलब्ध मेडल रिकॉर्ड में भारत के खाते में स्क्वैश से दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज दर्ज है।

शूटिंग फिर बनी भारत की बड़ी ताकत
एशियन गेम्स में शूटिंग लगातार भारत के लिए महत्वपूर्ण पदक स्रोत बनी हुई है। 29 सितंबर को महिलाओं की ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू धांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके बाद नीरू धांडा ने महिला व्यक्तिगत ट्रैप में गोल्ड जीतकर भारत के खाते में एक और स्वर्ण जोड़ दिया।
इस प्रदर्शन के साथ शूटिंग में भारत के पदकों की संख्या और बढ़ गई। उपलब्ध आंकड़ों में शूटिंग भारत का सबसे ज्यादा पदक देने वाला खेल बना हुआ है।
पुरुषों की ट्रैप टीम स्पर्धा में हालांकि भारत पदक से चूक गया। भारतीय टीम छठे स्थान पर रही, जबकि कुवैत ने गोल्ड, कतर ने सिल्वर और कजाकिस्तान ने ब्रॉन्ज जीता।
मेडल टैली में भारत की स्थिति बदली
29 सितंबर को शूटिंग के गोल्ड और सिल्वर तथा बॉक्सिंग के एक ब्रॉन्ज के बाद भारत की कुल पदक संख्या 48 तक पहुंच गई थी। इसमें 5 गोल्ड, 21 सिल्वर और 22 ब्रॉन्ज शामिल थे। उपलब्ध अपडेट में भारत पदक तालिका में 11वें-12वें स्थान के आसपास दिखाई दे रहा था, हालांकि अलग-अलग समय पर अपडेट होने के कारण रैंकिंग में बदलाव संभव है।
यहां यह समझना जरूरी है कि एशियन गेम्स की मेडल टैली लगातार बदलती रहती है। किसी देश की रैंकिंग सिर्फ कुल पदकों से तय नहीं होती, बल्कि सामान्य तौर पर पहले गोल्ड, फिर सिल्वर और उसके बाद ब्रॉन्ज की संख्या देखी जाती है।
बॉक्सिंग और दूसरे खेलों पर भी नजर
शूटिंग के अलावा भारतीय बॉक्सरों के मुकाबले भी 29 सितंबर को चर्चा में रहे। बॉक्सिंग में नारेंदर के सेमीफाइनल में हारने के बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इससे भारत की कुल पदक संख्या में एक और इजाफा हुआ।
इसके साथ ही एथलेटिक्स, तीरंदाजी, टेनिस और अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों के मुकाबले जारी रहे। प्रतियोगिता के अंतिम दिनों में भारत की कोशिश होगी कि मौजूदा पदकों के साथ कुछ और स्वर्ण और रजत पदक खाते में जोड़े जाएं।
भारत के लिए अंतिम सप्ताह क्यों अहम?
एशियन गेम्स 2026 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में हर मुकाबला पदक तालिका में बड़ा बदलाव ला सकता है। भारत की चुनौती सिर्फ ज्यादा पदक जीतने की नहीं है, बल्कि गोल्ड मेडल की संख्या बढ़ाकर पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने की भी है।
शूटिंग में लगातार मिल रहे पदक इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं। वहीं स्क्वैश, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भी पदक की उम्मीद बनाए रखी है।
29 सितंबर के अपडेट ने एक बात साफ कर दी है कि भारत की मेडल रेस अभी खत्म नहीं हुई है। आने वाले दिनों में कई ऐसे मुकाबले बाकी हैं, जिनके नतीजे भारत की अंतिम पदक संख्या को और बदल सकते हैं।

