नई दिल्ली: में बुधवार, 30 सितंबर 2026 को INDIA ब्लॉक की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक का केंद्र चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की रणनीति और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर आगे की कार्रवाई है। इसके अलावा EVM और VVPAT से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
बैठक ऐसे समय हो रही है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी की भी चर्चा है। बैठक में इसी मुद्दे पर समर्थन जुटाने और आगे की रणनीति पर विचार किया जाना है।
AAP और DMK ने बैठक से बनाई दूरी
इस बैठक की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आम आदमी पार्टी और DMK इसमें शामिल नहीं होंगी। दोनों दल पिछले कुछ समय से कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA ब्लॉक से दूरी बनाए हुए हैं।
AAP की ओर से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने 29 सितंबर को स्पष्ट किया कि पार्टी बैठक में शामिल नहीं होगी। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार AAP CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रस्तावित कार्रवाई का समर्थन कर सकती है। यानी बैठक से दूरी के बावजूद चुनाव आयोग से जुड़े इस मुद्दे पर पार्टी का रुख विपक्षी दलों के साथ कुछ हद तक समान है।
DMK ने भी बैठक में शामिल होने से इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि वह अब कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। DMK और कांग्रेस के बीच तमिलनाडु की राजनीति को लेकर मतभेद बढ़ने के बाद दोनों दलों के संबंधों में दूरी आई है।
CEC ज्ञानेश कुमार का मुद्दा सबसे अहम
बैठक के एजेंडे में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ा मुद्दा प्रमुख रहने वाला है। विपक्षी दल उनके खिलाफ हटाने का प्रस्ताव आगे बढ़ाने के लिए सांसदों के समर्थन और हस्ताक्षरों पर चर्चा कर सकते हैं।
विपक्षी दल SIR प्रक्रिया को लेकर भी अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नामों के सत्यापन और हटाए गए नामों से जुड़ी शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने SIR और अन्य निर्णयों को अपने वैधानिक ढांचे के तहत लिया गया बताया है और संस्थागत विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय को प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

कौन-कौन से नेता बैठक में रहेंगे?
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के शामिल होने की उम्मीद है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, RJD की ओर से तेजस्वी यादव तथा नेशनल कॉन्फ्रेंस से उमर अब्दुल्ला के शामिल होने की संभावना है।
वाम दलों और कई क्षेत्रीय पार्टियों के प्रतिनिधि भी बैठक में भाग लेने वाले हैं। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के वर्चुअली जुड़ने की संभावना बताई गई है। वहीं समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे और पार्टी की ओर से प्रतिनिधि भेजे जाने की बात सामने आई है।
बैठक से पहले AAP-DMK का अलग रुख क्यों अहम?
AAP और DMK की गैर-भागीदारी इसलिए चर्चा में है क्योंकि दोनों दल कुछ चुनावी और संस्थागत मुद्दों पर विपक्षी दलों के साथ समन्वय करते दिखाई दे रहे हैं। 29 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, AAP और DMK दोनों CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने संबंधी विपक्ष के प्रस्ताव का समर्थन करने पर सहमत बताए गए हैं।
इससे यह तस्वीर सामने आती है कि विपक्षी दल हर मुद्दे पर एक ही राजनीतिक मंच पर नहीं हैं, लेकिन चुनाव आयोग और SIR जैसे कुछ विषयों पर अलग-अलग स्तर पर सहयोग की संभावना बनी हुई है।
आगे क्या होगा?
INDIA Bloc Meeting में चर्चा के बाद विपक्षी दल CEC के खिलाफ प्रस्ताव, SIR को लेकर अभियान और संसद के साथ-साथ सार्वजनिक स्तर पर आंदोलन की रणनीति पर फैसला कर सकते हैं। बैठक का एक बड़ा उद्देश्य अलग-अलग दलों के बीच इन मुद्दों पर साझा रुख तैयार करना भी है।
हालांकि AAP और DMK की अनुपस्थिति यह भी दिखाती है कि विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक दूरी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसे में बैठक के बाद सामने आने वाले फैसले यह स्पष्ट करेंगे कि अलग-अलग दल चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर किस सीमा तक संयुक्त कार्रवाई करते हैं।

