नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान लगातार रोमांचक होता जा रहा है। 29 सितंबर का दिन भारत के लिए पदकों के लिहाज से बेहद अहम रहा, जब भारतीय दल ने आठ पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही भारत की कुल पदक संख्या 52 तक पहुंच गई और टीम पदक तालिका में शीर्ष-10 में लौट आई। अब 30 सितंबर को एक बार फिर कई ऐसे मुकाबले हैं, जहां भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक जीतने और फाइनल में जगह बनाने का मौका है।
52 पदकों के साथ टॉप-10 में भारत
29 सितंबर तक भारत के खाते में 6 स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य समेत कुल 52 पदक थे। भारत पदक तालिका में 10वें स्थान पर था। चीन 143 स्वर्ण समेत 254 पदकों के साथ शीर्ष पर था, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया उसके पीछे थे।
भारत के लिए 29 सितंबर का दिन खास तौर पर शूटिंग और एथलेटिक्स में यादगार रहा। नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने भी स्वर्ण अपने नाम किया। गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में कांस्य जीता और एक ही एशियन गेम्स में अपना तीसरा व्यक्तिगत पदक हासिल किया।
आर्चरी में सुबह-सुबह बड़ा मुकाबला
30 सितंबर का दिन भारतीय आर्चरी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। महिला कंपाउंड टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप ने दक्षिण कोरिया को सेमीफाइनल में 234-233 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। अब भारतीय टीम का सामना स्वर्ण पदक मुकाबले में चीन से होगा।
इसके अलावा पुरुष और मिश्रित कंपाउंड टीम के मुकाबले भी निर्धारित हैं। पुरुष टीम में साहिल जाधव, गणेश मणि रत्नम और कुशल दलाल शामिल हैं। मिश्रित टीम में चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कंपाउंड आर्चरी के कुछ टीम मुकाबलों का महत्व केवल पदक तक सीमित नहीं है। मिश्रित टीम स्पर्धा से जुड़े परिणाम 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक कोटा के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण बताए गए हैं।

बॉक्सिंग में तीन भारतीयों की सेमीफाइनल परीक्षा
बॉक्सिंग रिंग में भी भारत की नजरें बड़ी उपलब्धि पर हैं। महिला 60 किग्रा वर्ग में प्रिया का सामना चीन की यांग चेंग्यू से होगा। महिला 75 किग्रा वर्ग में लवलीना बोरगोहेन नताल्या बोगदानोवा के खिलाफ सेमीफाइनल में उतरेंगी।
पुरुष 90 किग्रा वर्ग में कपिल पोखरिया का सामना उज्बेकिस्तान के तुराबेक खबीबुल्लाएव से होगा। इन मुकाबलों में जीत भारतीय मुक्केबाजों को स्वर्ण पदक मुकाबले की ओर ले जाएगी।
शूटिंग में नीरू फिर मैदान में
एक दिन पहले महिला ट्रैप में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली नीरू ढांडा 30 सितंबर को भी भारत के लिए अहम भूमिका में होंगी। वह ट्रैप मिक्स्ड टीम प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी। उनके साथ भारत की मिश्रित टीम से जुड़े मुकाबले पर भी नजर रहेगी।
इसके अलावा अनिश भानवाला पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में उतरेंगे। शूटिंग में भारत ने इस एशियन गेम्स में पहले ही कई पदक जीते हैं, इसलिए 30 सितंबर को भी इस खेल से पदक की उम्मीदें बनी रहेंगी।
कुश्ती में निखरेंगे नए मौके
कुश्ती का अभियान भी 30 सितंबर से महत्वपूर्ण चरण में पहुंच रहा है। निशा दहिया 68 किग्रा वर्ग में और सुनील कुमार 87 किग्रा ग्रीको-रोमन वर्ग में भारत की चुनौती पेश करेंगे। सुनील के मुकाबले क्वार्टरफाइनल से आगे बढ़ने पर सेमीफाइनल और फाइनल तक पहुंच सकते हैं।
कुश्ती में भारत की कोशिश होगी कि शुरुआती दौर में मजबूत प्रदर्शन करते हुए पदक मुकाबलों तक पहुंच बनाई जाए।
महिला हॉकी में दक्षिण कोरिया से सेमीफाइनल
30 सितंबर का सबसे अहम टीम मुकाबला भारतीय महिला हॉकी टीम और दक्षिण कोरिया के बीच सेमीफाइनल है। मुकाबला दोपहर बाद खेला जाना है। इस मैच का परिणाम भारत के लिए टूर्नामेंट के अगले चरण की दिशा तय करेगा।
हॉकी के अलावा स्क्वैश, टेनिस, साइकिलिंग, जूडो, कैनो स्लैलम और गोल्फ में भी भारतीय खिलाड़ी मैदान पर होंगे। यानी 30 सितंबर भारतीय दल के लिए कई खेलों में एक साथ सक्रिय रहने वाला दिन है।
29 सितंबर ने बढ़ाई उम्मीदें
पिछले दिन भारत ने कुल आठ पदक हासिल किए। नीरू ढांडा के स्वर्ण और महिला 4×400 मीटर रिले के स्वर्ण ने भारत के अभियान को खास मजबूती दी। पुरुष 4×400 मीटर रिले में कांस्य और गुलवीर सिंह के 5000 मीटर कांस्य ने भी पदक संख्या बढ़ाई।
अब 30 सितंबर को आर्चरी के फाइनल, बॉक्सिंग सेमीफाइनल, शूटिंग के मुकाबले और महिला हॉकी से भारत की नजरें एक साथ कई पदकों पर टिकी हैं। हालांकि कौन खिलाड़ी पदक जीतता है, इसका फैसला मुकाबलों के परिणाम के बाद ही होगा।
भारत की नजर पदक संख्या बढ़ाने पर
एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची-नागोया, जापान में हो रहा है।
भारत ने 29 सितंबर तक 52 पदक जीतकर शीर्ष-10 में जगह बनाई है। अब प्रतियोगिता के अंतिम चरण की ओर बढ़ते हुए हर पदक भारत की कुल स्थिति को प्रभावित करेगा। 30 सितंबर का कार्यक्रम इसी वजह से भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए खास है—कहीं तीरंदाज स्वर्ण के लिए निशाना साधेंगे, कहीं मुक्केबाज फाइनल का टिकट हासिल करने उतरेंगे और हॉकी टीम फाइनल की राह तलाशेगी।

