नई दिल्ली: में 30 सितंबर 2026 को INDIA गठबंधन के नेताओं की अहम बैठक हुई। बैठक का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग से जुड़े विवाद, मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR और विपक्ष की आगे की संयुक्त रणनीति रहा। करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक के बाद विपक्षी दलों ने कई कार्यक्रमों की घोषणा की।
लेकिन बैठक और उसके बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक अलग ही दृश्य चर्चा में आ गया। ममता बनर्जी जब अपनी बात रख रही थीं, उस दौरान सोनिया गांधी उनके बगल में बैठी नजर आईं। ममता के संबोधन के बीच सोनिया ने सिर हिलाकर समर्थन जताया और मेज भी थपथपाई।
इसके कुछ देर बाद सोनिया गांधी ममता की ओर झुकीं और उनकी पीठ थपथपाई। दोनों नेताओं के बीच इस छोटे से संवाद और गर्मजोशी भरे व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद यह क्षण राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गया।
ममता के संबोधन पर सोनिया का समर्थन
ममता बनर्जी ने बैठक के बाद विपक्षी अभियान को लेकर कहा कि INDIA गठबंधन के नेता अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, नागरिक समाज और पत्रकारों से भी विपक्ष के अभियान में साथ आने की अपील की।
ममता ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही। इसी दौरान सोनिया गांधी का समर्थन करते हुए सिर हिलाना और मेज थपथपाना कैमरों में दर्ज हुआ।
बाद में सोनिया द्वारा ममता की पीठ थपथपाने का दृश्य सामने आया। इस घटना को कांग्रेस की ओर से भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया। हालांकि, इस एक दृश्य से दोनों दलों के बीच सभी राजनीतिक मतभेद समाप्त होने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यह उस बैठक के दौरान दिखी व्यक्तिगत गर्मजोशी और समर्थन का एक दृश्य था।
INDIA गठबंधन की बैठक में SIR पर क्या फैसला हुआ?
बैठक केवल सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच दिखे इस पल तक सीमित नहीं थी। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘Save Democracy March’ आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च निकालेंगे।
विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगेंगे। गठबंधन ने आगे पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना की बात कही, हालांकि उनके स्थान और तारीख बाद में तय किए जाने हैं।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष और आयोग के दावे अलग
INDIA गठबंधन के नेताओं ने SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल और आरोप उठाए हैं। ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है।
इन आरोपों को विपक्ष के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े निर्णयों और अपनी प्रक्रिया को लेकर कहा है कि उसके आदेश कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि संस्थागत विचार-विमर्श में अलग-अलग टिप्पणियां होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम निर्णय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिए जाते हैं।
इसलिए SIR या चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों को अंतिम रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं लिखा जा सकता। इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के दावे अलग-अलग हैं।

सोनिया-ममता का यह पल क्यों रहा चर्चा में?
राजनीतिक बैठकों में जहां अक्सर बयान, रणनीति और आरोप सुर्खियों में रहते हैं, वहीं इस बार सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच दिखा यह छोटा-सा संवाद भी चर्चा में आ गया।
ममता के आक्रामक राजनीतिक संबोधन के दौरान सोनिया गांधी का समर्थन जताना और फिर उनकी पीठ थपथपाना कैमरों में दर्ज हुआ। इस वजह से दोनों नेताओं की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आए।
हालांकि, इस दृश्य को गठबंधन की भविष्य की पूरी राजनीतिक दिशा का प्रमाण मानना जल्दबाजी होगी। INDIA गठबंधन में शामिल दलों के कई मुद्दों पर साझा राजनीतिक कार्यक्रम हैं, लेकिन अलग-अलग राज्यों में इन दलों की अपनी राजनीतिक परिस्थितियां और रणनीतियां भी हैं।
आगे क्या होगा?
अब नजर 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले ‘Save Democracy March’ पर रहेगी। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात की प्रस्तावित योजना भी महत्वपूर्ण होगी।
बैठक में तय कार्यक्रमों से इतना स्पष्ट है कि विपक्ष SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को आगे भी राजनीतिक मुद्दा बनाए रखना चाहता है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग अपनी प्रक्रियाओं और निर्णयों को कानूनी एवं निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिए जाने की बात कह रहा है।
ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ SIR से जुड़े कानूनी और संस्थागत घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

