दुबई: से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए खौफनाक कॉकपिट हमले के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर लगातार चर्चा में हैं। उड़ान के दौरान हुए हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके द्वारा उठाए गए कदमों ने विमान में सवार यात्रियों और क्रू को स्थिति संभालने का मौका दिया। अब गुजरात सरकार ने उनके साहस और मानवता के सम्मान में ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड’ देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 1 अक्टूबर 2026 को इस सम्मान की घोषणा करते हुए कहा कि कैप्टन स्मित के साहस ने गुजरात और देश का नाम रोशन किया है। राज्य सरकार के मुताबिक यह सम्मान उनकी असाधारण बहादुरी और मानवीय प्रयास के लिए दिया जाएगा।
फ्लाइट में अचानक बिगड़े हालात
घटना फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट में हुई थी। यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छर और उनके सह-पायलट के बीच गंभीर घटना हुई।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित पर हमला किया। इस दौरान भारतीय पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए। विमान की स्थिति भी कुछ समय के लिए बेहद तनावपूर्ण हो गई और उसे बाद में सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया।
घटना की पूरी परिस्थितियों और हमले के उद्देश्य की जांच अभी जारी है। इसलिए हमले के पीछे की अंतिम वजह को लेकर जांच पूरी होने से पहले कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
गंभीर चोट के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खुलवाया
इस घटना में कैप्टन स्मित की भूमिका का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह रहा, जब घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों को अंदर पहुंचने का अवसर मिला और कथित हमलावर को काबू किया जा सका।
इसके बाद विमान को तबुक, सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया। रिपोर्टों के मुताबिक कैप्टन स्मित को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और वह उपचाराधीन हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने विमान में मौजूद यात्रियों के लिए कुछ ही मिनटों में स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया था। ऐसे में कॉकपिट तक यात्रियों और क्रू की पहुंच बनना घटना के दौरान महत्वपूर्ण मोड़ माना गया।
गुजरात सरकार ने किया सम्मान का ऐलान
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कैप्टन स्मित को विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने उनके साहस और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्मित मच्छर की जड़ें गुजरात से जुड़ी हैं। उनका परिवार मूल रूप से राजकोट जिले से बताया जाता है, जबकि उनका पालन-पोषण मुंबई में हुआ और वह वर्तमान में दुबई में रहते हैं।
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक गुजरात सरकार ने सम्मान के साथ 25 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की भी घोषणा की है। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी की तारीफ
कैप्टन स्मित की भूमिका की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक मोदी ने उनकी बहादुरी और दूसरों की जान बचाने के लिए दिखाई गई दृढ़ता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्मित के साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। साथ ही उन्होंने पायलट के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित के साहस की प्रशंसा की है। इस घटना के बाद भारतीय पायलट की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई।

पायलट के करियर की कहानी भी चर्चा में
कैप्टन स्मित मच्छर का विमानन करियर भी अब लोगों की दिलचस्पी का विषय बन गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने 19 वर्ष की उम्र में विमानन क्षेत्र में जाने का फैसला किया था। उन्होंने न्यूजीलैंड में प्रशिक्षण लिया और बाद में स्पाइसजेट में एक दशक से अधिक समय तक काम किया। वर्ष 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े।
रिपोर्टों के अनुसार उनके पास हजारों घंटे का उड़ान अनुभव है। हालांकि, मौजूदा चर्चा उनके करियर से ज्यादा उस घटना पर केंद्रित है, जिसमें घायल होने के बाद भी उन्होंने विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया।
अब आगे क्या?
फिलहाल कैप्टन स्मित का उपचार जारी है। गुजरात सरकार की ओर से घोषित सम्मान उन्हें कब और किस समारोह में प्रदान किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी बाद में सामने आ सकती है।
दूसरी ओर, फ्लाइट में हुए कॉकपिट हमले की जांच भी जारी है। हमलावर की पहचान और घटना के पीछे के संभावित उद्देश्य को लेकर जांच एजेंसियां तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। इसलिए घटना के इस हिस्से से जुड़ी शुरुआती रिपोर्टों को अंतिम निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

