अयोध्या: में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा प्रकरण के बीच अब एक ऐसा कार्यक्रम होने जा रहा है, जिस पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव और विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय शुक्रवार को अयोध्या के कारसेवकपुरम में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि चढ़ावा प्रकरण की जांच के बाद यह अयोध्या में उनका प्रमुख सार्वजनिक संबोधन होगा। कार्यक्रम में उन्हें मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल किया गया है।
कार्यक्रम का आयोजन अशोक सिंहल फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है। यह समारोह विहिप के दिवंगत पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू होने की जानकारी सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना है।
चंपत राय के संबोधन को लेकर क्यों बढ़ी उत्सुकता?
चंपत राय का नाम राम जन्मभूमि आंदोलन और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहा है। ऐसे में चढ़ावा प्रकरण के बाद उनका सार्वजनिक मंच से संबोधन स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि विशेष जांच टीम यानी SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय को आपराधिक भूमिका से मुक्त किया गया था। अगस्त 2026 में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ चढ़ावा चोरी में आपराधिक संलिप्तता नहीं पाई। इसके बाद उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने SIT की अंतिम रिपोर्ट संबंधित ट्रस्ट को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी थी।
चढ़ावा प्रकरण सामने आने के बाद चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिया था। जांच के दौरान उनसे भी पूछताछ की गई थी। जांच में उनकी भूमिका को लेकर सामने आए निष्कर्ष के बाद उनका नाम आरोपी के तौर पर आगे नहीं बढ़ा।
जांच में क्या सामने आया था?
मामला मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले नकद चढ़ावे की गिनती और उसे बैंकिंग प्रक्रिया में जमा कराने की व्यवस्था से जुड़ा था।
जांच में कथित तौर पर चढ़ावे की रकम को गिनती के दौरान अनधिकृत तरीके से हटाने या छिपाने के कई मामलों की पड़ताल की गई। SIT ने CCTV फुटेज, बैंक खातों, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के साथ वित्तीय लेनदेन की भी जांच की। बाद में मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया।
सितंबर में दाखिल चार्जशीट में चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्र को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई। यानी वर्तमान कानूनी स्थिति को केवल “मामला खत्म हो गया” के तौर पर देखना सही नहीं होगा। आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया अलग है और चंपत राय की स्थिति उससे अलग बताई गई है।
चंपत राय क्या बोलेंगे, इस पर निगाहें
अब शुक्रवार को कारसेवकपुरम में होने वाला कार्यक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चंपत राय लंबे समय बाद अयोध्या में किसी सार्वजनिक आयोजन में मुख्य वक्ता की भूमिका में दिखाई देंगे।
कार्यक्रम का मूल केंद्र अशोक सिंहल की विरासत और उनके योगदान को याद करना है। अशोक सिंहल राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे थे और विश्व हिंदू परिषद से लंबे समय तक जुड़े रहे।
ऐसे में चंपत राय अपने संबोधन में अशोक सिंहल के योगदान, राम मंदिर आंदोलन और संगठन से जुड़े विषयों पर क्या कहते हैं, इस पर लोगों की नजर रहेगी।
चढ़ावा मामले में अभी कौन-सा पहलू बाकी है?
चंपत राय को SIT की जांच में क्लीन चिट मिलने के बावजूद राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण से जुड़े सभी कानूनी पहलू समाप्त नहीं हुए हैं।
सितंबर में दाखिल चार्जशीट में मामले के आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। दूसरी ओर, चढ़ावा प्रकरण और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर अलग-अलग याचिकाएं भी सामने आई हैं। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर 2 नवंबर को सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें ट्रस्ट के गठन और कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। यह याचिका अपने आप में चंपत राय की दोषसिद्धि का निष्कर्ष नहीं है और इसके आरोपों का न्यायिक परीक्षण अलग प्रक्रिया का विषय है।
यही वजह है कि शुक्रवार का कार्यक्रम सिर्फ एक सामान्य धार्मिक-सामाजिक आयोजन तक सीमित नहीं रह गया है। चंपत राय की सार्वजनिक भूमिका, जांच में मिली क्लीन चिट और मामले से जुड़े आगे के कानूनी घटनाक्रम—इन सभी के बीच उनका संबोधन चर्चा में है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कारसेवकपुरम के मंच से चंपत राय किन मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं और क्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर भी कोई टिप्पणी करते हैं।
फिलहाल कार्यक्रम के घोषित एजेंडे में अशोक सिंहल जन्म शताब्दी वर्ष और उनके योगदान पर केंद्रित गतिविधियां शामिल हैं। इसलिए चंपत राय के संबोधन में क्या कहा जाएगा, इसे लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उनके वास्तविक वक्तव्य का इंतजार करना ही उचित होगा।

