एशियन गेम्स 2026: आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के अभियान का आखिरी चरण रोमांचक हो चुका है। 3 अक्टूबर को भारत के सामने कई अहम मुकाबले हैं और अलग-अलग खेलों में पदक जीतने के अवसर मौजूद हैं। सबसे ज्यादा नजर पुरुष क्रिकेट और पुरुष हॉकी के गोल्ड मेडल मुकाबलों पर रहेगी। क्रिकेट में भारत का सामना पाकिस्तान से होगा, जबकि हॉकी में भारतीय टीम मलेशिया के खिलाफ स्वर्ण पदक के लिए मैदान में उतरेगी।
इसके अलावा तीरंदाजी, कुश्ती, गोल्फ, ताइक्वांडो, सेलिंग, रग्बी और अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ी अपना दम दिखाएंगे। ऐसे में आज का दिन भारतीय दल के लिए पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का महत्वपूर्ण मौका है।
भारत की मेडल टैली पर नजर
2 अक्टूबर के मुकाबलों के बाद उपलब्ध पदक तालिका में भारत पांचवें स्थान पर था। एक उपलब्ध अपडेट के अनुसार भारत के खाते में 16 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य सहित 76 पदक थे।
हालांकि लाइव प्रतियोगिता के दौरान पदक तालिका लगातार बदलती रहती है। इसलिए 3 अक्टूबर के मुकाबलों के बाद भारत की कुल संख्या और रैंक में बदलाव संभव है।
2 अक्टूबर भारत के लिए खास दिन रहा था। उस दिन भारतीय खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती और हॉकी सहित विभिन्न खेलों में छह स्वर्ण पदक हासिल किए। महिला हॉकी टीम ने भी लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता।
क्रिकेट में पाकिस्तान के खिलाफ गोल्ड मुकाबला
3 अक्टूबर का सबसे बड़ा मुकाबला पुरुष क्रिकेट का है। भारत और पाकिस्तान की टीमें गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने होंगी। मुकाबला सुबह 10 बजे भारतीय समयानुसार निर्धारित है।
एशियन गेम्स में भारत-पाकिस्तान मुकाबले हमेशा दर्शकों के बीच खास दिलचस्पी पैदा करते हैं। इस बार मुकाबला सीधे स्वर्ण पदक से जुड़ा है, इसलिए दोनों टीमों के लिए यह मैच टूर्नामेंट के सबसे महत्वपूर्ण मुकाबलों में शामिल है।
भारत की कोशिश होगी कि पूरे टूर्नामेंट में किए गए प्रदर्शन को गोल्ड मेडल में बदला जाए। दूसरी ओर पाकिस्तान भी स्वर्ण पदक के लिए पूरी ताकत लगाएगा।

हॉकी में भी गोल्ड की जंग
क्रिकेट के बाद भारतीय खेल प्रशंसकों की नजर पुरुष हॉकी टीम पर रहेगी। भारतीय टीम मलेशिया के खिलाफ गोल्ड मेडल मुकाबला खेलेगी। यह मैच दोपहर 3:30 बजे शुरू होने वाला है।
इस मुकाबले का महत्व सिर्फ पदक तक सीमित नहीं है। पुरुष हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का अवसर भी मिलेगा।
इसलिए भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला पदक और ओलंपिक टिकट—दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है।
तीरंदाजी में भी बड़ी उम्मीद
तीरंदाजी में भारत के कई खिलाड़ी व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे। महिला रिकर्व में कुमकुम अनिल मोहोड़ की स्पर्धा पर भी नजर रहेगी। पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में धीरज बोम्मदेवरा और नीरज चौहान भी मुकाबले में उतरेंगे।
कुमकुम ने टीम स्पर्धाओं में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और अब व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पदक की दौड़ में हैं। तीरंदाजी में भारत पहले ही इस एशियन गेम्स में महत्वपूर्ण पदक हासिल कर चुका है।
कुश्ती में भारतीय पहलवानों की चुनौती
कुश्ती में भी 3 अक्टूबर को कई भारतीय पहलवान एक्शन में दिखाई देंगे। सागर जगलान, दीपक पूनिया, मनीषा, अंतिम पंघाल और अमन सहरावत जैसे नाम अपनी-अपनी श्रेणियों में मुकाबले करेंगे।
इन मुकाबलों में शुरुआती दौर से आगे बढ़ने के साथ भारतीय पहलवानों के पास पदक मुकाबलों तक पहुंचने का अवसर रहेगा।
2 अक्टूबर को सुजीत कलकल ने कुश्ती में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। उनके प्रदर्शन ने भारतीय कुश्ती अभियान को भी मजबूती दी।
गोल्फ में भी भारतीय खिलाड़ी मैदान में
गोल्फ में पुरुष और महिला दोनों वर्गों की अंतिम राउंड की स्पर्धाएं होनी हैं। पुरुष वर्ग में वीर अहलावत, सप्तक तलवार और युवराज संधू भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
महिला वर्ग में प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर व्यक्तिगत तथा टीम स्पर्धाओं में उतरेंगी।
गोल्फ में व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ-साथ खिलाड़ियों के स्कोर का असर टीम पदक की स्थिति पर भी पड़ता है, इसलिए अंतिम राउंड महत्वपूर्ण रहेगा।
3 अक्टूबर को भारत के प्रमुख मुकाबले
भारत के लिए दिन की शुरुआत तीरंदाजी और ताइक्वांडो से होगी। इसके बाद कुश्ती और गोल्फ में मुकाबले होंगे। सुबह 10 बजे क्रिकेट का गोल्ड मेडल मैच और दोपहर 3:30 बजे हॉकी का फाइनल भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए सबसे बड़े आकर्षण होंगे।
इसके अलावा रग्बी सेवन्स और वॉलीबॉल में भी भारतीय टीमें मैदान में रहेंगी।
भारत की नजर शानदार समापन पर
एशियन गेम्स के अंतिम चरण में भारत ने अपनी पदक संख्या में तेजी से इजाफा किया है। 2 अक्टूबर के छह स्वर्ण पदकों के प्रदर्शन के बाद अब 3 अक्टूबर को भी कई बड़े फाइनल और पदक मुकाबले हैं।
क्रिकेट और हॉकी के गोल्ड मुकाबले भारत के अभियान को खास तरीके से प्रभावित कर सकते हैं। वहीं तीरंदाजी और कुश्ती जैसे खेलों में भी अतिरिक्त पदक की उम्मीद बनी हुई है।
भारत के लिए आज का दिन केवल पदक संख्या बढ़ाने का अवसर नहीं है, बल्कि कई खिलाड़ियों के लिए एशियन गेम्स अभियान को स्वर्णिम अंत देने का मौका भी है।

