नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 का क्रिकेट गोल्ड मेडल मुकाबला जिस रोमांच की उम्मीद के साथ खेला गया था, वह आखिर तक बरकरार रहा। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 211/6 का मजबूत स्कोर खड़ा किया और पाकिस्तान को 212 रन का लक्ष्य दिया। जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 192/6 तक ही पहुंच सकी और भारत ने मुकाबला 19 रन से जीतकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स क्रिकेट का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
इस जीत में भारत की बल्लेबाजी के साथ-साथ दबाव के समय गेंदबाजों के प्रदर्शन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खास तौर पर अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ऐसे खिलाड़ी रहे जिनका योगदान मुकाबले के अलग-अलग चरणों में नजर आया।
अभिषेक शर्मा ने शुरुआत में ही बदल दिया मैच का रुख
भारत की पारी की शुरुआत से ही पाकिस्तान के गेंदबाज दबाव में दिखाई दिए। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
अभिषेक ने कुल 28 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और सात छक्के शामिल रहे। उनकी विस्फोटक पारी ने भारत को पावरप्ले में तेज शुरुआत दी और टीम का स्कोर तेजी से आगे बढ़ा।
भारत ने पावरप्ले में 81 रन बनाए, जो पाकिस्तान के खिलाफ टी20 क्रिकेट में भारत का सर्वोच्च पावरप्ले स्कोर बताया गया है। अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाजी ने इस शुरुआत में बड़ी भूमिका निभाई।
तिलक वर्मा ने अंत में संभाली पारी
भारत की पारी के आखिरी हिस्से में तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए। उनकी पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल रहे।
तिलक ने तेजी से रन बनाते हुए भारत को 200 रन के पार पहुंचाने में मदद की। भारत पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 200 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहा।
तिलक और शिवम दुबे के बीच हुई साझेदारी ने भारतीय पारी को अंतिम ओवरों में जरूरी गति दी। यही रन अंतर बाद में पाकिस्तान की चुनौती के दौरान बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

शिवम दुबे ने बल्ले और गेंद दोनों से दिया योगदान
शिवम दुबे ने भी फाइनल में ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्होंने बल्ले से 27 रन बनाए और तिलक वर्मा के साथ मिलकर भारत के स्कोर को 211 रन तक पहुंचाने में योगदान दिया।
इसके बाद गेंदबाजी में भी दुबे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पाकिस्तान की पारी में दो विकेट हासिल किए। अंतिम ओवरों में उनकी गेंदबाजी ने भारत को पाकिस्तान के लक्ष्य का पीछा करने से रोकने में मदद की।
अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने रोकी रफ्तार
पाकिस्तान जब 212 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरा तो उसके बल्लेबाजों ने शुरुआत में भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की। लेकिन अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने पाकिस्तान के रन रेट पर लगाम लगाने का काम किया।
दोनों गेंदबाजों ने दो-दो विकेट लिए। पावरप्ले में पाकिस्तान को लगातार झटके मिलने से लक्ष्य का दबाव बढ़ता गया।
पाकिस्तान की ओर से हसन नवाज ने शानदार 96 रन की पारी खेलकर मुकाबले को काफी रोमांचक बना दिया। एक समय पाकिस्तान की टीम लक्ष्य के करीब पहुंचती दिखाई दे रही थी, लेकिन भारत ने अंतिम ओवरों में वापसी की।
जसप्रीत बुमराह का निर्णायक ओवर
मुकाबले का एक महत्वपूर्ण मोड़ उस समय आया जब पाकिस्तान को आखिरी तीन ओवरों में तेजी से रन बनाने थे। जसप्रीत बुमराह ने अपने महत्वपूर्ण ओवर में पाकिस्तान की रफ्तार को कम किया।
उनके ओवर के बाद पाकिस्तान के सामने आखिरी ओवर में बेहद मुश्किल लक्ष्य रह गया। इससे भारत के लिए मैच पर पकड़ मजबूत हो गई।
भारत ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड
पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 192/6 तक पहुंच सकी और भारत ने 19 रन से फाइनल जीत लिया। इसके साथ ही भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा।
भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में श्रीलंका को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को मात देकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था।
फाइनल में बने कई रिकॉर्ड
इस मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी के दौरान कई रिकॉर्ड भी बने। 211/6 का स्कोर भारत का पाकिस्तान के खिलाफ टी20 में पहली पारी का सबसे बड़ा स्कोर बताया गया है।
अभिषेक शर्मा ने 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर पाकिस्तान के खिलाफ भारत की ओर से सबसे तेज फिफ्टी के रिकॉर्ड की बराबरी की। तिलक वर्मा ने भी 21 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
अभिषेक की सात छक्कों वाली पारी ने उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ एक टी20 पारी में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में युवराज सिंह के बराबर पहुंचा दिया।
फाइनल में भारत की जीत की पूरी तस्वीर
इस मुकाबले में भारत की जीत केवल किसी एक बल्लेबाज के दम पर नहीं आई। अभिषेक ने तेज शुरुआत दी, तिलक ने पारी को विस्फोटक अंदाज में खत्म किया, शिवम दुबे ने दोनों विभागों में योगदान दिया और गेंदबाजी में अक्षर पटेल तथा वॉशिंगटन सुंदर ने पाकिस्तान के मध्यक्रम पर दबाव बनाया।
इसके बाद बुमराह और अन्य गेंदबाजों ने डेथ ओवरों में लक्ष्य का बचाव किया। पाकिस्तान के हसन नवाज ने 96 रन बनाकर मुकाबले को आखिरी चरण तक पहुंचाया, लेकिन भारतीय गेंदबाज लक्ष्य का बचाव करने में सफल रहे।

