नई दिल्ली: अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदलना शुरू कर दिया है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। वहीं पहाड़ी राज्यों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है, जहां बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रह सकता है।
दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 7 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि पूरे क्षेत्र में लगातार भारी बारिश की स्थिति नहीं बताई गई है, लेकिन कुछ इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है।
पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 33 से 35 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। दिन के दौरान हवा की गति करीब 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है।
यानी दिन में उमस और गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा, लेकिन बादलों और हवाओं के कारण मौसम में बदलाव साफ महसूस किया जा सकता है।
यूपी के इन इलाकों में सतर्क रहने की जरूरत
उत्तर प्रदेश के लिए भी मौसम विभाग ने 7 और 8 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़ी चेतावनी जारी की है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों उत्तर प्रदेश के लिए इन दिनों Thunderstorm और Lightning का अलर्ट दर्ज किया गया है। 9 अक्टूबर के बाद फिलहाल इस स्तर की चेतावनी नहीं है।
इसका मतलब है कि बारिश हर जगह एक समान नहीं होगी। कुछ स्थानों पर अचानक बादल घिरने, बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है।

पहाड़ों पर बारिश के साथ बर्फबारी के आसार
मौसम में सबसे बड़ा बदलाव पहाड़ी क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में पहले ही बारिश और ओलावृष्टि हो चुकी है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचने की भी खबर है।
उत्तराखंड के लिए भी 7 से 10 अक्टूबर तक मौसम संबंधी चेतावनी बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
यही वजह है कि पहाड़ी इलाकों में मौसम का यह बदलाव आने वाले दिनों में तापमान पर भी असर डाल सकता है।
क्या समय से पहले दस्तक देगी सर्दी?
बारिश और पहाड़ों पर संभावित बर्फबारी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उत्तर भारत में सर्दियों की शुरुआत इस बार जल्दी हो सकती है?
अभी इसे सर्दी की आधिकारिक शुरुआत कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव और पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली समेत मैदानी इलाकों में फिलहाल दिन का तापमान 30 डिग्री से ऊपर रहने का अनुमान है। इसलिए अगले कुछ दिनों में मौसम ठंडा होने के बजाय गर्मी और ठंडी हवाओं के बीच झूलता हुआ नजर आ सकता है।
कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर
मौसम का असर केवल दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
बिहार में कुछ इलाकों में तेज हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों में यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
इसलिए मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को खासकर शाम और रात के समय मौसम में अचानक बदलाव के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
बारिश से किन लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है?
बारिश और तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर खुले में काम करने वाले लोगों, किसानों, वाहन चालकों और यात्रा करने वालों पर पड़ सकता है। अचानक बारिश होने पर सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है और तेज हवाओं के दौरान पेड़ या कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं।
किसानों के लिए ओलावृष्टि और तेज बारिश विशेष चिंता का विषय हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को भी स्थानीय मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।
8 अक्टूबर के बाद क्या बदलेगा?
मौसम विभाग के मौजूदा चेतावनी अपडेट में दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के लिए 7 से 9 अक्टूबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा बताया गया है। इसके बाद 10 अक्टूबर से इन क्षेत्रों के लिए फिलहाल कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। उत्तर प्रदेश में भी 9 अक्टूबर के बाद कोई चेतावनी नहीं है।
हालांकि मौसम तेजी से बदलने वाली प्रक्रिया है, इसलिए अगले अपडेट पर नजर रखना जरूरी रहेगा।

