नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी बुधवार, 7 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से देश को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह करीब 9 बजे ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करेंगे। इस दौरान 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को लेकर सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर देश के कई हिस्सों में विशेष तैयारियां की गई हैं।
प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय हो रहा है, जब उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का अवसर भी सामने है। 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर निर्वाचित कार्यपालिका में अपनी लंबी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी। अब 25 वर्षों के इस सफर को लेकर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सुबह 9 बजे वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे प्रधानमंत्री
आज होने वाली ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ में प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। उनके संबोधन का सीधा प्रसारण यात्रा के निर्धारित शुरुआती स्थलों पर किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और लोग कार्यक्रम से जुड़ेंगे।
प्रधानमंत्री अपने संबोधन के दौरान ‘विकसित भारत @ 2047’ के निर्माण को लेकर सामूहिक संकल्प भी दिलाएंगे। इसका उद्देश्य विकास के लक्ष्य को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए आम नागरिकों की भागीदारी से जोड़ना बताया गया है।
संबोधन के बाद शुरू होगी सेवा ज्योति कलश यात्रा
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद स्थानीय नेताओं की ओर से ‘सेवा ज्योति’ प्रज्वलित की जाएगी। इसके साथ ही अलग-अलग जिलों से सेवा ज्योति कलश यात्रा शुरू होगी।
गुजरात में इस आयोजन को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की गई है। राज्य के सभी जिलों और महानगर क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों के जरिए प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को भी रेखांकित किया जा रहा है।

25 साल की राजनीतिक यात्रा पर देश की नजर
नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर पिछले कुछ समय से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा की शुरुआत 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के रूप में हुई थी।
केंद्र सरकार के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेश को लोगों तक पहुंचाना है। इस दौरान कई स्थानों पर सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे करने पर बधाई प्रस्ताव पारित किया। इसमें उनके गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरुआती कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में मौजूदा कार्यकाल तक की यात्रा का उल्लेख किया गया।
गुजरात में विशेष तैयारियां
प्रधानमंत्री के आज के कार्यक्रम को लेकर गुजरात में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। राज्य के अलग-अलग जिलों और महानगर क्षेत्रों में ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ निकाली जाएगी।
अहमदाबाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी गांधीनगर जिले के रूपाल गांव में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद स्थानीय स्तर पर सेवा ज्योति प्रज्वलित कर यात्राओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
वडनगर और वाराणसी में होगा यात्रा का समापन
‘सेवा संकल्प यात्रा’ का समापन भी आज ही किया जाना है। सरकार के अनुसार, 17 सितंबर से शुरू हुई राष्ट्रव्यापी यात्रा का समापन गुजरात के वडनगर और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में होगा।
वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। वडनगर में ऐतिहासिक हाटकेश्वर महादेव मंदिर में जल अर्पण सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन दोनों स्थानों का चयन अभियान के प्रतीकात्मक महत्व को भी दर्शाता है। एक ओर वडनगर प्रधानमंत्री के शुरुआती जीवन से जुड़ा है, वहीं वाराणसी उनके मौजूदा राजनीतिक सफर का प्रमुख क्षेत्र है।
दिल्ली में भी कार्यक्रम को लेकर हलचल
प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन से जुड़े कार्यक्रमों का असर राजधानी दिल्ली में भी दिखाई दे रहा है। 7 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रमों के मद्देनजर दिल्ली के कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। कुछ सड़कों पर सुबह के समय यातायात को नियंत्रित या डायवर्ट किए जाने की सूचना है।
ऐसे में दिल्ली में सफर करने वाले लोगों को सुबह के समय वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
‘विकसित भारत 2047’ पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री के आज के संबोधन में सबसे अहम विषय ‘विकसित भारत 2047’ रहने की संभावना है। यह लक्ष्य भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक देश को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दीर्घकालिक सोच से जुड़ा है।
सरकार लगातार इस लक्ष्य को आर्थिक विकास, तकनीक, बुनियादी ढांचे, रोजगार, सामाजिक सशक्तीकरण और नागरिक भागीदारी से जोड़कर प्रस्तुत करती रही है।
आज के संबोधन में प्रधानमंत्री इस लक्ष्य को लेकर जनता से सामूहिक भागीदारी का आह्वान करेंगे। कार्यक्रम के बाद निकलने वाली सेवा ज्योति यात्राओं को भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल क्या?
प्रधानमंत्री का आज का संबोधन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक तरफ उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का अवसर है, तो दूसरी ओर 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को लेकर देशभर में जनभागीदारी का संदेश दिया जा रहा है।
सुबह करीब 9 बजे होने वाले संबोधन पर इसलिए खास नजर रहेगी कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर देश के सामने कौन-सा संदेश रखते हैं और ‘विकसित भारत 2047’ को लेकर नागरिकों से किस तरह की भागीदारी की अपील करते हैं।

