जम्मू, 26 अक्टूबर 2026। जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने स्थित शिव मार्केट में रविवार देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने बाजार की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में एक होटल समेत बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है। शुरुआती रिपोर्टों में 15 से अधिक दुकानों और एक होटल के जलने की जानकारी सामने आई, जबकि स्थानीय भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने करीब 35 से 40 दुकानों के पूरी तरह जलने का अनुमान जताया। नुकसान का वास्तविक आंकड़ा प्रशासनिक आकलन के बाद ही स्पष्ट होगा।
आग इतनी तेजी से फैली कि बाजार में मौजूद दुकानदारों और स्थानीय लोगों को अपना सामान बचाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। घटनास्थल से उठते काले धुएं के गुबार दूर से दिखाई देने की खबरें भी सामने आईं। दमकल और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए अभियान चलाया। घटना में किसी की मौत की सूचना शुरुआती रिपोर्टों में नहीं थी।
जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने कैसे फैली आग?
शिव मार्केट जम्मू रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित एक व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में दुकानें, होटल, लॉज, ढाबे और खाने-पीने के प्रतिष्ठान हैं। बाजार में सूखे मेवे और कंबल बेचने वाली दुकानें भी हैं। ऐसे क्षेत्र में आग लगने से आसपास के कारोबार पर व्यापक असर पड़ने की आशंका रहती है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात आग भड़की और कुछ ही समय में आसपास की दुकानों तक फैल गई। घनी व्यावसायिक बसावट के कारण आग पर नियंत्रण पाने में दमकल कर्मियों को चुनौती का सामना करना पड़ा। आग की लपटें तेजी से बढ़ने के चलते कई दुकानों में रखा सामान, व्यापारिक सामग्री और अन्य संपत्ति नष्ट होने की आशंका है।
हालांकि, आग लगने की सटीक जगह, समय और शुरुआती घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

35 से 40 दुकानों के जलने का अनुमान
जम्मू के भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने घटनास्थल की स्थिति का जिक्र करते हुए अनुमान जताया कि आग में करीब 35 से 40 दुकानें पूरी तरह जल गई हैं। उन्होंने बताया कि आग एक दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण शुरू होने की आशंका है और फिर आसपास की दुकानों तक फैल गई।
लेकिन आग का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है। इसलिए शॉर्ट सर्किट को फिलहाल संभावित कारण के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में नुकसान की संख्या अलग बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में 15 से अधिक दुकानों और एक होटल के जलने की जानकारी है, जबकि विधायक ने 35 से 40 दुकानों का अनुमान दिया। अंतिम संख्या और क्षति का स्तर प्रशासन के विस्तृत निरीक्षण के बाद ही सामने आएगा।
करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका
शिव मार्केट में दुकानों और होटल को हुए नुकसान के कारण कारोबारियों को भारी आर्थिक चोट लगने की आशंका है। आग में दुकानों के भीतर रखा सामान, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और व्यापार से जुड़ी अन्य सामग्री नष्ट हुई हो सकती है। हालांकि, प्रत्येक प्रतिष्ठान को हुए नुकसान का अभी अंतिम आकलन उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय कारोबारियों के लिए यह घटना केवल संपत्ति के नुकसान तक सीमित नहीं है। कई दुकानदारों की रोजी-रोटी उनके कारोबार पर निर्भर होती है। यदि दुकानें लंबे समय तक बंद रहती हैं, तो उनके सामने आय, स्टॉक की भरपाई और कारोबार दोबारा शुरू करने जैसी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
अधिकारियों की ओर से नुकसान का आकलन किए जाने के बाद ही प्रभावित कारोबारियों की स्थिति और संभावित सहायता की जरूरत स्पष्ट होगी। विधायक विक्रम रंधावा ने भी कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद प्रशासन के साथ मुआवजे को लेकर चर्चा की जाएगी।
दमकल और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं
आग की सूचना मिलने पर दमकल और आपातकालीन सेवाओं ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। आग की गंभीरता को देखते हुए कई घंटे तक अग्निशमन अभियान चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
अधिकारियों का प्राथमिक उद्देश्य आग को फैलने से रोकना, प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करना और किसी अन्य खतरे की आशंका को कम करना था। स्थानीय लोग और दुकानदार भी अपनी संपत्ति बचाने की कोशिश में जुटे रहे।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद नुकसान का आकलन और आग लगने के कारणों की जांच महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने प्रतिष्ठान पूरी तरह नष्ट हुए और कितनों को आंशिक नुकसान पहुंचा।
क्या शॉर्ट सर्किट बना आग की वजह?
आग लगने की संभावित वजह को लेकर शॉर्ट सर्किट की बात सामने आई है। विधायक विक्रम रंधावा ने भी इसी आशंका का जिक्र किया। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी या शुरुआती अनुमान को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
आग लगने के कारणों की पुष्टि के लिए घटनास्थल का निरीक्षण, बिजली के उपकरणों और वायरिंग की स्थिति की जांच तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का अध्ययन जरूरी होगा। जांच से यह पता लगाया जा सकेगा कि आग बिजली संबंधी खराबी से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
व्यस्त बाजारों में बिजली की वायरिंग, अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। इस घटना के बाद बाजार की सुरक्षा व्यवस्था और आग से बचाव के इंतजामों की समीक्षा भी प्रासंगिक हो सकती है।
दुकानदारों के सामने कारोबार फिर खड़ा करने की चुनौती
शिव मार्केट में आग से प्रभावित दुकानदारों के सामने अब नुकसान का आकलन, सामान की भरपाई और कारोबार दोबारा शुरू करने की चुनौती होगी। जिन दुकानों में पूरा स्टॉक जल गया है, उनके मालिकों को आर्थिक नुकसान से उबरने में समय लग सकता है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से नुकसान का सही आकलन किए जाने के बाद प्रभावित लोगों की जरूरतों का पता चल सकेगा। मुआवजे या अन्य सहायता के बारे में कोई अंतिम निर्णय होने पर ही उसकी शर्तें और पात्रता स्पष्ट होंगी।
फिलहाल इस घटना में सबसे जरूरी है कि आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच हो, प्रभावित कारोबारियों को हुए नुकसान का सही रिकॉर्ड तैयार किया जाए और बाजार में भविष्य में ऐसी घटनाओं का जोखिम कम करने के उपायों की समीक्षा की जाए।

