लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के इन फैसलों में पशुपालकों को आर्थिक सहायता देने, पशुओं का बीमा कराने, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने और प्रदेश में सड़क तथा औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक में कुल 22 प्रस्तावों पर मुहर लगने की जानकारी सामने आई है। इनमें एक गाय पालने पर ₹50,000 का अनुदान और पशु बीमा के प्रीमियम का 85 प्रतिशत सरकार द्वारा वहन किया जाना विशेष रूप से चर्चा में है। इसके अतिरिक्त चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं, सैनिक स्कूल के लिए भूमि हस्तांतरण और टेक्सटाइल पार्क से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
गाय पालने पर ₹50,000 का अनुदान, पशुपालकों को क्या होगा फायदा?
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट फैसलों में पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए एक गाय पालने पर ₹50,000 का अनुदान देने का प्रस्ताव प्रमुख है। यह सहायता पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि गाय के रखरखाव, चारे, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य आवश्यकताओं पर नियमित खर्च करना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन किसानों और छोटे परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। दूध की बिक्री से नियमित आमदनी का अवसर मिलता है, जबकि पशुओं के पालन से कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलता है।
सरकारी अनुदान से पात्र लाभार्थियों को गाय पालने की लागत का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ₹50,000 की सहायता के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और भुगतान की शर्तों की जानकारी संबंधित विभाग के विस्तृत दिशा-निर्देशों से ही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पशु बीमा के 85 प्रतिशत खर्च का भुगतान करेगी सरकार
कैबिनेट बैठक का दूसरा महत्वपूर्ण फैसला पशु बीमा से संबंधित है। रिपोर्ट के मुताबिक, पशु बीमा के प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। इससे पात्र पशुपालकों पर बीमा कराने का आर्थिक बोझ कम हो सकता है।
पशुओं की बीमारी, दुर्घटना या मृत्यु से किसानों और पशुपालकों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। खासकर छोटे पशुपालकों के लिए ऐसा नुकसान उनकी आमदनी और घरेलू बजट को प्रभावित कर सकता है।
बीमा सुरक्षा मिलने से निर्धारित शर्तों के तहत नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता प्राप्त करने का रास्ता खुलता है। हालांकि, बीमा की पात्रता, कवर की जाने वाली घटनाओं, प्रीमियम की वास्तविक राशि और दावे की प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक नियमों के आधार पर करनी होगी।

चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी
प्रदेश में सड़क संपर्क और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली लिंक परियोजना, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करना और परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाना है। बेहतर सड़क संपर्क से औद्योगिक गतिविधियों, कृषि उत्पादों की ढुलाई, व्यापार और क्षेत्रीय निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं बन सकती हैं।
हालांकि, परियोजनाओं के विकासकर्ता चयन को मंजूरी मिलना निर्माण कार्य पूरा होने के बराबर नहीं है। इनके निर्माण की समयसीमा और आगे की प्रक्रिया संबंधित विभागों के निर्णयों पर निर्भर करेगी।
शिक्षा कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा
कैबिनेट के फैसलों में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के स्वास्थ्य से संबंधित प्रस्ताव भी शामिल हैं। माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्ताव पारित हुआ है।
इस व्यवस्था से पात्र कर्मचारियों को इलाज के समय अपनी जेब से पूरा खर्च उठाने की जरूरत कम हो सकती है। गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है। वास्तविक लाभ, अस्पतालों की सूची और पात्रता की शर्तें लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होंगी।
सैनिक स्कूल मैनपुरी के लिए भूमि हस्तांतरण
कैबिनेट ने सैनिक स्कूल मैनपुरी के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। शिक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
इसके अतिरिक्त झांसी और ललितपुर में भंडारगृह निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है।
टेक्सटाइल पार्क, साइबर सुरक्षा और रोबोटिक्स पर जोर
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने से संबंधित प्रस्ताव भी बैठक का हिस्सा रहे। लखनऊ-हरदोई क्षेत्र में लगभग 1,000 एकड़ में विकसित होने वाले पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही प्रदेश में साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर और PRAGATI रोबोटिक्स पार्क की स्थापना से संबंधित प्रस्ताव भी पारित हुए।
इन पहलों का उद्देश्य औद्योगिक विकास, तकनीकी क्षमता और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना है। हालांकि, इनके वास्तविक परिणाम परियोजनाओं के क्रियान्वयन, निवेश और रोजगार सृजन पर निर्भर करेंगे।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026, प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवासों के निर्माण की वित्तीय मंजूरी, ऑडिटोरियम और वर्किंग वुमन हॉस्टल के निर्माण तथा लखनऊ और वाराणसी में सीवरेज-पेयजल से संबंधित सात परियोजनाओं के व्यय प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।

