मुजफ्फरपुर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर है। योजना की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। इसके तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की किस्त सीधे भेजी जाएगी। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में भी हजारों किसान इस राशि का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन किस्त जारी होने से पहले ई-केवाईसी की स्थिति एक बार फिर महत्वपूर्ण हो गई है।
जिले की कृषि विभाग से संबंधित ई-केवाईसी रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरपुर में पीएम किसान योजना के तहत कुल 3,69,531 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से 3,69,051 किसानों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। वहीं, 480 किसानों का सत्यापन अभी लंबित बताया गया है। ऐसे किसानों को जल्द अपनी स्थिति की जांच करनी चाहिए, क्योंकि जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने पर भुगतान में रुकावट आ सकती है।
हालांकि, केवल ई-केवाईसी पूरी होना ही किस्त मिलने की गारंटी नहीं है। पात्रता, बैंक खाते, आधार लिंकिंग और जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन भी महत्वपूर्ण है।
30 अक्टूबर को जारी होगी पीएम किसान की 24वीं किस्त
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा से जारी की जानी है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जाएगी।
इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में मिलती है। हर किस्त में 2,000 रुपये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
यह सहायता किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों और घरेलू खर्चों में कुछ आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से दी जाती है। हालांकि, प्रत्येक पंजीकृत किसान को भुगतान तभी मिलता है, जब वह योजना की पात्रता और जरूरी सत्यापन की शर्तें पूरी करता हो।

मुजफ्फरपुर में 480 किसानों की e-KYC बाकी
जिले के किसानों से जुड़ी रिपोर्ट में ई-केवाईसी का आंकड़ा लगभग शत-प्रतिशत के करीब है। कुल 3,69,531 पंजीकृत किसानों में से 3,69,051 का सत्यापन पूरा हो चुका है। शेष 480 किसानों की ई-केवाईसी लंबित बताई गई है।
इन किसानों के लिए किस्त जारी होने से पहले अपनी जानकारी की जांच करना जरूरी है। यदि ई-केवाईसी अधूरी है, तो उसे ऑनलाइन या अधिकृत सेवा केंद्र की मदद से पूरा कराया जा सकता है। अंतिम समय में तकनीकी समस्या से बचने के लिए किसानों को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि जिन किसानों की ई-केवाईसी पूरी है, उन्हें भी अपना भुगतान स्टेटस देख लेना चाहिए। बैंक खाते की जानकारी में गलती, आधार लिंकिंग की समस्या या जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन लंबित होने से भुगतान प्रभावित हो सकता है।
मुजफ्फरपुर के किस प्रखंड में कितने किसान पंजीकृत?
जिले के 16 प्रखंडों में पीएम किसान योजना के तहत पंजीकृत किसानों की संख्या इस प्रकार बताई गई है:
| प्रखंड | पंजीकृत किसान |
|---|---|
| मोतीपुर | 48,302 |
| कुढ़नी | 40,063 |
| गायघाट | 36,544 |
| पारू | 36,016 |
| सरैया | 28,179 |
| मीनापुर | 27,544 |
| बोचहां | 22,259 |
| औराई | 21,297 |
| कटरा | 20,486 |
| सकरा | 18,934 |
| कांटी | 17,023 |
| साहेबगंज | 14,870 |
| मड़वन | 13,467 |
| मुशहरी | 12,106 |
| बंदरा | 7,309 |
| मुरौल | 5,132 |
| कुल | 3,69,531 |
आंकड़ों के अनुसार, मोतीपुर में सबसे अधिक 48,302 किसान पंजीकृत हैं। इसके बाद कुढ़नी और गायघाट का स्थान है। मुरौल में पंजीकृत किसानों की संख्या 5,132 बताई गई है।
ये आंकड़े प्रखंडवार पंजीकरण की संख्या दर्शाते हैं। इन्हें प्रत्येक प्रखंड में किस्त पाने वाले किसानों की अंतिम संख्या नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि वास्तविक भुगतान पात्रता और सत्यापन पर निर्भर करता है।
पीएम किसान की e-KYC कैसे पूरी करें?
यदि किसी किसान की ई-केवाईसी लंबित है, तो वह इसे पूरा करने के लिए ये कदम उठा सकता है:
- पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।
- उपलब्ध ई-केवाईसी विकल्प खोलें।
- मांगी गई आधार संबंधी जानकारी भरें और उपलब्ध प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी करें।
- यदि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी का विकल्प पूछें।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोर्टल पर अपनी स्थिति दोबारा जांचें।
ऑनलाइन प्रक्रिया में आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP की जरूरत पड़ सकती है। किसानों को अपनी जानकारी केवल आधिकारिक पोर्टल या अधिकृत सेवा केंद्र पर ही साझा करनी चाहिए।
बैंक खाता और जमीन के रिकॉर्ड भी जरूर जांचें
किस्त पाने के लिए ई-केवाईसी के साथ अन्य जरूरी शर्तों का पूरा होना भी आवश्यक है। किसान अपने बैंक खाते में आधार लिंकिंग, DBT से संबंधित स्थिति और भूमि रिकॉर्ड के सत्यापन की जानकारी जांचें। खाते का विवरण गलत होने या रिकॉर्ड में विसंगति मिलने पर भुगतान में देरी हो सकती है।
सरकार ने योजना में पात्रता और सत्यापन को महत्वपूर्ण बनाया है। कुछ मामलों में भूमि स्वामित्व या एक ही परिवार से एक से अधिक लोगों के लाभ लेने से संबंधित जांच भी की जा सकती है। इसलिए जिन किसानों के भुगतान में पहले से समस्या है, उन्हें पोर्टल पर उपलब्ध स्थिति और निर्देशों के अनुसार सुधार कराना चाहिए।
पीएम किसान का पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?
किसान अपनी किस्त की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध Know Your Status सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- पीएम किसान की वेबसाइट खोलें।
- Know Your Status विकल्प पर जाएं।
- अपना पंजीकरण नंबर दर्ज करें।
- मांगी गई सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।
- स्क्रीन पर उपलब्ध भुगतान, ई-केवाईसी और संबंधित जानकारी देखें।
यदि पंजीकरण नंबर याद नहीं है, तो पोर्टल पर उपलब्ध संबंधित विकल्पों से उसे खोजने की कोशिश करें। भुगतान से जुड़ी समस्या बनी रहने पर कृषि विभाग या अधिकृत सहायता केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।

