दिल्ली: में छठ पूजा से पहले यमुना नदी की सफाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने नदी में उतरकर डुबकी लगाई और दावा किया कि दिल्ली में यमुना का बड़ा हिस्सा पहले से साफ हुआ है। उनके इस कदम के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी दिलचस्प प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मनोज तिवारी को यमुना के बेहतर हुए पानी में तैराकी प्रतियोगिता करने का प्रस्ताव दे दिया।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने एक नया सवाल भी खड़ा कर दिया है। मनोज तिवारी के डुबकी लगाने के अगले ही दिन दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में यमुना पर सफेद झाग की मोटी परत दिखाई दी। ऐसे में नदी की सफाई को लेकर भाजपा के दावों और विपक्ष की आपत्तियों के बीच बहस और तेज हो गई है।
सोनिया विहार में डुबकी लगाकर मनोज तिवारी ने क्या कहा?
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने 29 अक्टूबर को दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में यमुना नदी में डुबकी लगाई। उन्होंने इस दौरान आचमन भी किया, जो धार्मिक परंपरा में जल ग्रहण करने की एक विधि है। तिवारी ने इस मौके पर कहा कि पिछले डेढ़ साल में यमुना की सफाई के लिए काफी काम हुआ है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हुए काम की सराहना की। उनका दावा था कि दिल्ली में यमुना के करीब 58 किलोमीटर के हिस्से में से लगभग 30 किलोमीटर तक सफाई का काम हुआ है।
मनोज तिवारी ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को शर्मिंदा करना नहीं, बल्कि दिल्ली के लोगों को साफ यमुना उपलब्ध कराने के प्रयासों को दिखाना है। उन्होंने नदी में पक्षियों की मौजूदगी का जिक्र करते हुए इसे पर्यावरण में सुधार का संकेत बताया।
किरेन रिजिजू ने क्यों दिया स्विमिंग प्रतियोगिता का चैलेंज?
मनोज तिवारी के वीडियो और यमुना की सफाई को लेकर किए गए दावों के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब यमुना का पानी काफी बेहतर हो गया है, तो क्यों न दोनों नेताओं के बीच नदी में तैराकी प्रतियोगिता आयोजित की जाए।
रिजिजू की यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। इसे विपक्ष के उन नेताओं पर तंज के तौर पर भी देखा गया, जो दिल्ली में यमुना प्रदूषण को लेकर सरकार को घेरते रहे हैं।
रिजिजू इससे पहले भी नदियों में तैराकी करते हुए अपने वीडियो साझा कर चुके हैं। ऐसे में उनका यह प्रस्ताव हल्के-फुल्के अंदाज में आया, लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।

केजरीवाल और राहुल गांधी को भी दिया था डुबकी लगाने का न्योता
मनोज तिवारी ने यमुना में डुबकी लगाने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी नदी में आने की चुनौती दी थी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यमुना की स्थिति में सुधार हुआ है और विपक्षी नेताओं को भी मौके पर आकर इसे देखना चाहिए।
तिवारी का कहना था कि भाजपा सरकार के प्रयासों से नदी की सफाई में तेजी आई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जो काम लंबे समय में नहीं हो पाया, उसमें अब तेजी से प्रगति हो रही है।
हालांकि, विपक्ष ने इन दावों को स्वीकार नहीं किया। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि मनोज तिवारी ने नदी के किस हिस्से में डुबकी लगाई और क्या उस स्थान की स्थिति पूरे दिल्ली क्षेत्र की यमुना का प्रतिनिधित्व करती है?
कालिंदी कुंज में जहरीले झाग ने बढ़ाई चिंता
इस राजनीतिक बहस के बीच 30 अक्टूबर को कालिंदी कुंज इलाके में यमुना पर सफेद झाग की मोटी परत दिखाई दी। नदी की सतह पर तैरता झाग एक बार फिर प्रदूषण और पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ाने लगा।
यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी और घाटों पर पहुंचते हैं। पूजा के समय व्रती पानी में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। ऐसे में नदी के पानी की गुणवत्ता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण सवाल बन जाते हैं।
यमुना में झाग दिखाई देना केवल नदी की बाहरी स्थिति का मामला नहीं है। पानी की वास्तविक गुणवत्ता जानने के लिए वैज्ञानिक जांच और प्रदूषण के मानकों की रिपोर्ट जरूरी होती है। इसलिए किसी एक स्थान पर डुबकी लगाने या झाग दिखाई देने के आधार पर पूरी नदी की स्थिति का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप
यमुना की सफाई दिल्ली की राजनीति का पुराना और संवेदनशील मुद्दा रहा है। भाजपा का दावा है कि उसकी सरकार नदी को साफ करने के लिए तेजी से काम कर रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी का आरोप है कि सरकार चुनिंदा स्थानों की स्थिति दिखाकर पूरे नदी क्षेत्र की सफाई का दावा कर रही है।
सौरभ भारद्वाज ने पल्ला से वजीराबाद तक के हिस्से का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र पहले से अपेक्षाकृत साफ रहा है। उनका तर्क है कि यमुना में प्रदूषण की समस्या आगे के हिस्सों में अधिक गंभीर होती है, खासकर उन स्थानों पर जहां नालों का पानी नदी में मिलता है।
वहीं, दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश वर्मा पहले कह चुके हैं कि पूरी यमुना को साफ करने में ढाई से तीन साल का समय लग सकता है। उनके अनुसार, पल्ला से वजीराबाद तक के हिस्से में सफाई का काम पूरा किया गया है, जबकि वजीराबाद से कालिंदी कुंज के बीच काम जारी है।
यमुना की सफाई पर अब असली परीक्षा
यमुना की सफाई को लेकर राजनीतिक दावों और जवाबी हमलों के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या नदी का पानी वास्तव में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित है? इसका जवाब केवल नेताओं के बयानों या सोशल मीडिया वीडियो से नहीं मिल सकता।
इसके लिए अलग-अलग घाटों और नदी के हिस्सों से पानी के नमूने लेकर नियमित जांच, प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण और सीवेज ट्रीटमेंट की प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। नदी में गिरने वाले नालों और औद्योगिक अपशिष्ट पर नियंत्रण के बिना स्थायी सुधार हासिल करना मुश्किल होगा।
छठ पूजा से पहले यमुना की स्थिति पर लोगों की नजरें टिकी हैं। मनोज तिवारी की डुबकी और किरेन रिजिजू का स्विमिंग चैलेंज भले ही राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया हो, लेकिन दिल्ली के लोगों और श्रद्धालुओं के लिए सबसे अहम मुद्दा साफ और सुरक्षित पानी है।

