भारतीय शेयर बाजार में आने वाले महीनों में IPO की हलचल तेज रहने की संभावना है। कई बड़ी कंपनियां पहली बार आम निवेशकों के सामने अपने शेयर पेश करने की तैयारी कर रही हैं। इनमें हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की OYO, डिजिटल पेमेंट कंपनी Razorpay, फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Navi और इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी कंपनी Acko जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। इसके अलावा सोलर एनर्जी, औद्योगिक गैस, फिटनेस, कोयला और बेवरेज सेक्टर की कंपनियां भी IPO के जरिए बाजार से पूंजी जुटाने की योजना बना रही हैं।
संभावित IPO की इस सूची में कुल 10 कंपनियां शामिल हैं। इनके प्रस्तावित इश्यू का आकार हजारों करोड़ रुपये में हो सकता है। हालांकि, सभी कंपनियों की प्रक्रिया एक जैसी नहीं है। कुछ कंपनियां नियामकीय प्रक्रिया में आगे बढ़ चुकी हैं, जबकि कुछ अभी शुरुआती तैयारी और निवेश बैंकरों से बातचीत के चरण में हैं।
10 कंपनियां जिनके IPO पर रहेगी नजर
1. Avaada Electro IPO
सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली Avaada Electro का संभावित IPO करीब 7,600 करोड़ रुपये का हो सकता है। इसमें लगभग 1,600 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाने और करीब 6,000 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे जाने का प्रस्ताव है। कंपनी ने अपनी मॉड्यूल निर्माण क्षमता 8.5 गीगावॉट बताई है। IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कर्ज और उससे जुड़ी देनदारियों के भुगतान में इस्तेमाल हो सकता है।
2. Carlsberg India IPO
बेवरेज सेक्टर की Carlsberg India का संभावित इश्यू करीब 6,700 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इस पेशकश में मौजूदा शेयरधारक लगभग 8.64 करोड़ शेयर बेच सकते हैं। यह ऑफर फॉर सेल यानी OFS हो सकता है। इसका मतलब है कि IPO से जुटाई गई रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगी। कंपनी के पास अपने और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के जरिए संचालित ब्रुअरी नेटवर्क है।
3. Cult.fit IPO
फिटनेस और हेल्थ सेक्टर की Cult.fit भी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है। इसका संभावित IPO 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। इसमें करीब 950 करोड़ रुपये के नए शेयर और बाकी हिस्से में मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव है। कंपनी के फिटनेस सेंटर और पेड मेंबरशिप नेटवर्क पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल विस्तार, किराये के भुगतान और कर्ज चुकाने जैसे कामों में हो सकता है।
4. OYO IPO
हॉस्पिटैलिटी प्लेटफॉर्म OYO का IPO इस सूची के सबसे चर्चित इश्यू में से एक है। इसकी पैरेंट कंपनी PRISM पहले भी IPO की प्रक्रिया में आगे बढ़ चुकी है। पहले 6,650 करोड़ रुपये तक के फ्रेश इश्यू का प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन बाद में प्रस्तावित आकार घटाकर करीब 3,350 करोड़ रुपये किए जाने की जानकारी सामने आई। कंपनी की योजना कर्ज चुकाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने की है। संभावित नवंबर 2026 की समयसीमा पर भी बाजार की नजर बनी हुई है, हालांकि अंतिम तारीख की आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।
5. INOX Air Products IPO
औद्योगिक गैस बनाने और सप्लाई करने वाली INOX Air Products का संभावित IPO 10,000 से 11,000 करोड़ रुपये तक का हो सकता है। कंपनी औद्योगिक, इलेक्ट्रॉनिक और मेडिकल गैसों के कारोबार में सक्रिय है। प्रस्तावित पेशकश में प्रमोटरों की हिस्सेदारी बेचने यानी OFS की बड़ी भूमिका हो सकती है। निवेशकों के लिए कंपनी की बाजार हिस्सेदारी, ग्राहकों और कारोबार की स्थिरता अहम पहलू होंगे।
6. Mahanadi Coalfields IPO
सरकारी क्षेत्र की कोयला कंपनी Mahanadi Coalfields का संभावित IPO भी बड़ा इश्यू हो सकता है। अनुमानित आकार करीब 10,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इसकी पैरेंट कंपनी Coal India लगभग 66.18 करोड़ शेयरों की बिक्री OFS के जरिए कर सकती है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 218.31 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया था। इससे देश के घरेलू कोयला उत्पादन में इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी सामने आती है।
7. Inox Clean Energy IPO
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की Inox Clean Energy करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित IPO में लगभग 8,000 करोड़ रुपये के नए शेयर और 2,000 करोड़ रुपये तक का OFS शामिल हो सकता है। कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए कर सकती है।
8. Razorpay IPO
फिनटेक सेक्टर की Razorpay का IPO भी निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण हो सकता है। कंपनी ने गोपनीय तरीके से IPO दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया अपनाई है। संभावित इश्यू का आकार करीब 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। Razorpay ऑनलाइन पेमेंट, कारोबारियों के लिए भुगतान समाधान और अन्य वित्तीय तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराती है। इसकी आय, मुनाफे, खर्च और प्रतिस्पर्धा की स्थिति IPO दस्तावेजों में खास महत्व रखेगी।
9. Acko IPO
डिजिटल इंश्योरेंस कंपनी Acko भी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। संभावित इश्यू का आकार करीब 2,500 से 2,900 करोड़ रुपये हो सकता है। कंपनी IPO से पहले निवेश बैंकरों के साथ बातचीत और नियामकीय प्रक्रिया की तैयारी कर रही है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक इसकी लिस्टिंग 2027 की शुरुआत में हो सकती है, लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं है।
10. Navi IPO
Sachin Bansal की फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Navi भी IPO की तैयारी में जुटी है। कंपनी पहले 2022 में भी बाजार में उतरने की योजना बना चुकी थी। अब एक बार फिर करीब 3,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की संभावना पर काम हो रहा है। दिसंबर 2026 में प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने का संभावित लक्ष्य बताया गया है। कंपनी के लोन, वित्तीय सेवाओं और कारोबार की गुणवत्ता पर निवेशकों की नजर रहेगी।
IPO में Fresh Issue और OFS का क्या मतलब है?
IPO में निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि कंपनी फ्रेश इश्यू ला रही है या ऑफर फॉर सेल। फ्रेश इश्यू में कंपनी नए शेयर जारी करती है और उससे मिलने वाली रकम सीधे कंपनी के पास जाती है। इसका इस्तेमाल विस्तार, कर्ज चुकाने या कारोबार की जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
वहीं, OFS में मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं। इस स्थिति में IPO से मिलने वाला पैसा कंपनी के खाते में नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलता है। इसलिए केवल IPO के कुल आकार को देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
निवेश से पहले इन बातों पर जरूर दें ध्यान
किसी बड़ी कंपनी का IPO आना अपने आप में अच्छे रिटर्न की गारंटी नहीं है। निवेशकों को कंपनी की आय, मुनाफा, कर्ज, कैश फ्लो, कारोबार की संभावनाओं और प्रतिस्पर्धा का मूल्यांकन करना चाहिए। इसके साथ ही कंपनी किस कीमत पर शेयर बेच रही है, उसकी वैल्यूएशन उचित है या नहीं और जुटाई गई रकम कहां खर्च होगी, यह भी देखना जरूरी है।
IPO की तारीख, प्राइस बैंड, लॉट साइज और शेयर आवंटन की जानकारी अंतिम ऑफर दस्तावेज यानी RHP में स्पष्ट होती है। इसलिए केवल शुरुआती अनुमानों या बाजार में चल रही चर्चाओं के आधार पर आवेदन करने से बचना चाहिए।

