उरई, जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। कोटरा थाना क्षेत्र के सिकरी व्यास गांव में एक मां पर अपने ही डेढ़ वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना से पहले महिला का अपने पति से विवाद हुआ था। सुबह जब परिवार के लोगों को बच्चे की हालत का पता चला तो घर में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी महिला को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवाद, मानसिक स्वास्थ्य और परिवार में बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, महिला के मानसिक रूप से बीमार होने और उसका इलाज चलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों और महिला की मानसिक स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद बिगड़ा माहौल
जानकारी के अनुसार, सिकरी व्यास गांव निवासी राजेश कुमार बरार मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी पारो और चार बच्चे हैं। इनमें तीन बच्चे बड़े हैं, जबकि सबसे छोटा बेटा रितिक महज डेढ़ साल का था। राजेश के माता-पिता भी परिवार के साथ रहते हैं।
बताया गया कि सोमवार शाम को पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद की वजह को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं। शुरुआती जानकारी में खाने के दौरान हुई बहस और काम पर जाने को लेकर हुए विवाद का उल्लेख किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम और विवाद की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
परिवार के लोगों के अनुसार, रात में घर का माहौल सामान्य होने के बाद बच्चे अपने दादा-दादी के पास सोने चले गए थे। छोटा बेटा रितिक भी अपनी दादी के पास सोया हुआ था।

सुबह कमरे में पहुंचा पिता तो सामने आया खौफनाक मंजर
बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह घर में फिर से विवाद और तेज आवाजें सुनाई दीं। इसी दौरान महिला अपने छोटे बेटे के पास पहुंची। आरोप है कि उसने बच्चे की गर्दन दबा दी, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई।
घटना के समय परिवार के लोग घर में ही मौजूद थे। बच्चे की हालत देखकर पिता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बच्चे के गले पर दबाव के निशान मिले हैं। हालांकि, मौत की सटीक वजह और घटनाक्रम की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
मासूम की मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मानसिक बीमारी और इलाज की बात भी आई सामने
इस मामले में महिला के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। पति की ओर से पुलिस को बताया गया कि पारो पिछले कई महीनों से मानसिक परेशानी से जूझ रही थी और उसका इलाज मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कराया जा रहा था।
परिवार की ओर से यह भी बताया गया कि करीब एक महीने पहले पति से विवाद के बाद महिला ने बच्चे को पीटा था। पुलिस इस जानकारी को भी जांच में शामिल कर रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति की मानसिक बीमारी अपने आप में अपराध का कारण या घटना की पुष्टि नहीं करती। महिला की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति, इलाज के दस्तावेज और घटना के समय उसकी मानसिक अवस्था की जांच जरूरी होगी।
पुलिस ने आरोपी मां को हिरासत में लिया, दर्ज हुआ मुकदमा
घटना की सूचना मिलने के बाद कोटरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाने के लिए फील्ड यूनिट को भी बुलाया। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के कारणों की चिकित्सकीय पुष्टि हो सके।
पुलिस के अनुसार, पति की तहरीर के आधार पर आरोपी महिला के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। महिला को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। जांच में परिवार के सदस्यों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और महिला के इलाज से जुड़े दस्तावेज महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और विवाद के बाद आखिर क्या हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
चार बच्चों वाले परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस घटना का असर सिर्फ माता-पिता तक सीमित नहीं है। परिवार के बाकी तीन बच्चों के लिए भी यह बेहद कठिन परिस्थिति है। जिस घर में बच्चों की हंसी-खुशी होनी चाहिए थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
मामला कई गंभीर सवाल छोड़ता है। यदि महिला लंबे समय से मानसिक परेशानी से गुजर रही थी, तो क्या परिवार को समय रहते पर्याप्त चिकित्सकीय और सामाजिक सहायता मिल पाई थी? क्या पहले हुई घटनाओं के बाद बच्चे की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया था? इन पहलुओं की जांच भी जरूरी है।

