मुरादाबाद: दिवाली और धनतेरस से पहले चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। पिछले कुछ महीनों में चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। मुरादाबाद के सराफा बाजार में चांदी का भाव फरवरी 2026 के उच्चतम स्तर से करीब 1.06 लाख रुपये प्रति किलो नीचे आ गया है। कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के बाद त्योहारों की खरीदारी को लेकर बाजार में उत्साह बढ़ने लगा है। खास तौर पर चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और कम वजन वाले उपहार ग्राहकों की पसंद बन रहे हैं।
सबसे खास बात यह है कि चांदी की कीमत में गिरावट ऐसे समय आई है, जब दिवाली पर चांदी खरीदने को शुभ माना जाता है। ऐसे में कम कीमत का फायदा उठाकर लोग अपने बजट के अनुसार खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं।
फरवरी में 2.95 लाख रुपये पहुंचा था भाव, अब इतनी हुई कीमत
मुरादाबाद के सराफा बाजार में उपलब्ध भाव के मुताबिक, 4 फरवरी 2026 को एक किलो चांदी की कीमत 2,95,000 रुपये तक पहुंच गई थी। इसके बाद बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हुआ और कीमतों में धीरे-धीरे नरमी देखने को मिली।
2 नवंबर 2026 को चांदी का भाव घटकर 1,88,900 रुपये प्रति किलो रह गया। इस तरह फरवरी के उच्चतम स्तर की तुलना में एक किलो चांदी 1,06,100 रुपये सस्ती हो गई। यह गिरावट उन ग्राहकों के लिए राहत की खबर है, जो लंबे समय से कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे थे।
हालांकि, यह आंकड़ा मुरादाबाद के स्थानीय सराफा बाजार में दर्ज भाव पर आधारित है। अलग-अलग शहरों, कारोबारियों और बिक्री केंद्रों पर कीमत में अंतर हो सकता है। खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में ताजा भाव जरूर पता कर लेना चाहिए।

एक साल में चांदी ने दिखाए कई रंग
पिछले एक साल के दौरान चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिला। 2 नवंबर 2025 को एक किलो चांदी का भाव 1,53,300 रुपये था। इसके बाद 15 नवंबर 2025 को कीमत बढ़कर 1,90,000 रुपये और 14 दिसंबर को 2,38,000 रुपये तक पहुंच गई।
नए साल में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। 6 जनवरी 2026 को चांदी का भाव 2,48,500 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। इसके बाद 4 फरवरी को यह बढ़कर 2,95,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। यह इस अवधि का सबसे ऊंचा भाव रहा।
हालांकि, इसके बाद कीमतों में गिरावट शुरू हुई। जून 2026 में चांदी का भाव घटकर 2,58,500 रुपये प्रति किलो रह गया। आगे चलकर यह और नीचे आया तथा 2 नवंबर को 1,88,900 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। फरवरी के मुकाबले आई इस बड़ी गिरावट ने त्योहारों से पहले खरीदारी का माहौल बदल दिया है।
दिवाली पर चांदी के सिक्कों और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की मांग
दिवाली के मौके पर चांदी के सिक्के खरीदने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। कई परिवार इस अवसर पर चांदी के सिक्के, पूजा के बर्तन और देवी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदते हैं। इस बार भी सराफा बाजार में इन उत्पादों की मांग देखने को मिल रही है।
खरीदार खास तौर पर एक, पांच और दस ग्राम के चांदी के सिक्कों को पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा छोटी कटोरियां, पूजा में इस्तेमाल होने वाले सामान और सजावटी चांदी के उत्पाद भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
व्यापारियों के मुताबिक, कीमतों में गिरावट आने से उन लोगों का रुझान बढ़ा है, जो पहले महंगे भाव के कारण खरीदारी टाल रहे थे। अब ग्राहक अपने बजट के अनुसार छोटे वजन के उत्पाद खरीदने पर ध्यान दे रहे हैं।
कम वजन में आकर्षक डिजाइन वाले उत्पाद बने पसंद
सराफा बाजार में इस बार केवल पारंपरिक सिक्कों की ही मांग नहीं है। डाई कास्टिंग तकनीक से तैयार किए गए आकर्षक डिजाइन वाले चांदी के उत्पाद भी ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं। इन उत्पादों की खासियत यह है कि कम वजन में भी बेहतर बनावट और आकर्षक डिजाइन मिल जाता है।
कारोबारियों के अनुसार, चांदी के छोटे उपहार सोने की तुलना में कम बजट में खरीदे जा सकते हैं। इसलिए लोग रिश्तेदारों, परिचितों और परिवार के सदस्यों को शगुन देने के लिए भी इन्हें पसंद कर रहे हैं।
धनतेरस के दिन चांदी के सिक्कों और छोटे उपहारों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक बिक्री बाजार में ग्राहकों की संख्या और उस दिन के भाव पर निर्भर करेगी।
चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
कीमतों में गिरावट देखकर खरीदारी करने से पहले ग्राहकों को कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखनी चाहिए।
- ताजा भाव पूछें: चांदी का रेट रोज बदल सकता है। खरीदारी से पहले उसी दिन का स्थानीय भाव पता करें।
- शुद्धता जांचें: सिक्के या अन्य उत्पाद खरीदते समय चांदी की शुद्धता और उसकी गुणवत्ता की जानकारी लें।
- पक्का बिल लें: वजन, शुद्धता, कीमत और लागू टैक्स का विवरण बिल में जरूर देखें।
- मेकिंग चार्ज समझें: मूर्तियों और डिजाइन वाले उत्पादों पर निर्माण शुल्क अलग हो सकता है।
- अलग-अलग दुकानों पर तुलना करें: केवल कम कीमत देखकर खरीदारी न करें, बल्कि शुद्धता और कुल भुगतान की तुलना भी करें।
यह भी ध्यान रखें कि बाजार में कीमतों में आई गिरावट भविष्य में लगातार जारी रहेगी, इसकी गारंटी नहीं है। चांदी का भाव घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है।

