Close Menu
Newsofindia TvNewsofindia Tv

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    राजस्थान में घर की दीवार बनी मां-बेटी की मौत का कारण! अचानक भरभराकर गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबकर बुझ गईं दो जिंदगियां

    November 4, 2026

    जयपुर की 133 ग्राम पंचायतों में कल किसके सिर सजेगा सरपंच का ताज? आज ही नामांकन, जांच और नाम वापसी; शाम को आएगी फाइनल लिस्ट

    November 4, 2026

    ‘95% भारतीयों के सिर में गोबर भरा है, इन्हें वोट नहीं देना चाहिए’, पूर्व जज मार्कंडेय काटजू के बयान से मचा बवाल! बोले- और होनी चाहिए वोट चोरी

    November 4, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»देश»‘95% भारतीयों के सिर में गोबर भरा है, इन्हें वोट नहीं देना चाहिए’, पूर्व जज मार्कंडेय काटजू के बयान से मचा बवाल! बोले- और होनी चाहिए वोट चोरी
    देश

    ‘95% भारतीयों के सिर में गोबर भरा है, इन्हें वोट नहीं देना चाहिए’, पूर्व जज मार्कंडेय काटजू के बयान से मचा बवाल! बोले- और होनी चाहिए वोट चोरी

    Rajat KumarBy Rajat KumarNovember 4, 2026No Comments5 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    भारत: में मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण बुनियाद माना जाता है। देश का संविधान 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र नागरिकों को चुनाव में वोट डालने का अधिकार देता है। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने इसी अधिकार को लेकर ऐसी टिप्पणी की है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। काटजू ने दावा किया कि भारत के 95 प्रतिशत लोगों के दिमाग में गोबर भरा हुआ है और ऐसे लोगों को वोट देने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।

    उनका बयान यहीं नहीं रुका। उन्होंने कथित तौर पर यहां तक कहा कि देश में वोट चोरी और होनी चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार बड़ी संख्या में मतदाता उम्मीदवार की योग्यता और कामकाज देखने के बजाय जाति के आधार पर वोट डालते हैं। इस टिप्पणी के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या चुनावी व्यवस्था की कमियों पर सवाल उठाने के लिए मतदाताओं के अधिकार को ही निशाने पर लेना उचित है?

    किसने दिया 95 प्रतिशत भारतीयों को लेकर विवादित बयान?

    यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने एक यूट्यूब इंटरव्यू के दौरान की। बातचीत में उनसे वोट चोरी और भारतीय चुनाव व्यवस्था को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है और उनके अनुसार देश के अधिकांश मतदाता वोट देने के योग्य व्यवहार नहीं करते।

    काटजू ने दावा किया कि लगभग 95 प्रतिशत मतदाता उम्मीदवार की योग्यता, नीतियों और कामकाज पर ध्यान नहीं देते। इसके बजाय वे जाति और समुदाय के आधार पर मतदान करते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे लोगों के सिर में गोबर भरा हुआ है और उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसे मतदाता जाति के आधार पर वोट डालते हैं, तो वोट चोरी होने पर उन्हें शिकायत नहीं करनी चाहिए। उनका यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है।

    ‘और होनी चाहिए वोट चोरी’, आखिर क्यों कही यह बात?

    इंटरव्यू में काटजू ने वोट चोरी के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर मतदाता जाति और सांप्रदायिकता के आधार पर वोट डालते हैं, तो उनके अनुसार ऐसी स्थिति में और वोट चोरी होनी चाहिए।

    उनका तर्क था कि चुनाव में मतदाताओं को उम्मीदवार की योग्यता, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। लेकिन उनके मुताबिक बड़ी संख्या में लोग इन मुद्दों को नजरअंदाज कर जाति और धर्म के आधार पर मतदान करते हैं।

    हालांकि, यह उनकी व्यक्तिगत राय और राजनीतिक व्यवस्था पर उनकी आलोचना है। वोट चोरी या मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की हेराफेरी को लोकतांत्रिक व्यवस्था में गंभीर मामला माना जाता है। किसी मतदाता के चुनावी व्यवहार को लेकर असहमति उसके संवैधानिक अधिकार को अपने आप समाप्त नहीं करती।

    भारतीय लोकतंत्र को लेकर भी उठाए सवाल

    मार्कंडेय काटजू ने केवल मतदाताओं पर टिप्पणी नहीं की, बल्कि भारत में लोकतंत्र की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि देश में लगातार चुनावी माहौल बना रहता है और राजनीतिक दल चुनाव के दौरान हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों पर नफरत फैलाते हैं।

    उन्होंने तर्क दिया कि लगातार होने वाले चुनाव जातिवाद और सांप्रदायिकता को बढ़ावा देते हैं। उनके अनुसार लोकतंत्र की मौजूदा व्यवस्था इन सामाजिक समस्याओं को और मजबूत कर सकती है।

    यह टिप्पणी उनके राजनीतिक और सामाजिक विचारों को दर्शाती है। हालांकि, लोकतंत्र के पक्ष में एक महत्वपूर्ण तर्क यह है कि चुनाव नागरिकों को सरकार चुनने, बदलने और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगने का अवसर देते हैं। चुनावी प्रक्रिया में सुधार की मांग और मतदान के अधिकार को सीमित करने की मांग दो अलग-अलग बातें हैं।

    पहले भी विवादों में रहे हैं मार्कंडेय काटजू

    मार्कंडेय काटजू इससे पहले भी भारतीय नागरिकों और मतदान के व्यवहार को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। वर्ष 2012 में उन्होंने लगभग 90 प्रतिशत भारतीयों को ‘मूर्ख’ बताते हुए कहा था कि बड़ी संख्या में लोग जातिवाद, सांप्रदायिकता और अंधविश्वास से प्रभावित होकर फैसले लेते हैं।

    उस समय उन्होंने अपने बयान की सफाई देते हुए कहा था कि 90 प्रतिशत का आंकड़ा कोई गणितीय तथ्य नहीं, बल्कि उनकी राय को व्यक्त करने का तरीका था। उन्होंने यह भी कहा था कि उनका उद्देश्य लोगों को अपमानित करना नहीं, बल्कि सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करना था।

    वर्ष 2013 में उन्होंने अपने कुछ बयानों से लोगों की भावनाएं आहत होने पर खेद भी जताया था। ऐसे में उनका ताजा बयान पुराने विवादों की याद भी दिला रहा है।

    क्या संविधान किसी नागरिक से छीन सकता है वोट का अधिकार?

    भारत में मतदान का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत वयस्क मताधिकार के सिद्धांत से जुड़ा है। इसके अनुसार 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के भारतीय नागरिक, निर्धारित कानूनी शर्तों के अधीन, मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं।

    मतदान का अधिकार किसी व्यक्ति की जाति, धर्म, शिक्षा, राजनीतिक पसंद या किसी नेता के प्रति समर्थन के आधार पर तय नहीं होता। कानून में निर्धारित अयोग्यताओं और प्रक्रियाओं के अलावा किसी नागरिक को केवल इसलिए मतदान से वंचित नहीं किया जा सकता कि कोई दूसरा व्यक्ति उसके राजनीतिक फैसले से सहमत नहीं है।

    इसलिए काटजू की टिप्पणी को एक पूर्व न्यायाधीश की व्यक्तिगत राय के रूप में देखना जरूरी है, न कि किसी कानूनी आदेश या संवैधानिक बदलाव के रूप में। फिलहाल उनके बयान से मतदान के अधिकार में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    CJP प्रोटेस्ट को लेकर भी की टिप्पणी

    इसी बातचीत में काटजू ने CJP प्रोटेस्ट और उससे जुड़े कुछ लोगों की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका द्वारा कथित तौर पर पीस बॉन्ड भरे जाने पर सवाल उठाए।

    काटजू का दावा था कि पीस बॉन्ड भरने से आंदोलनकारियों की छवि प्रभावित हुई है और इससे उनके आंदोलन की क्षमता कमजोर पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों के बाद जनता का भरोसा कम हो सकता है।

    यह भी उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी है। संबंधित लोगों की प्रतिक्रिया और पूरे घटनाक्रम के अन्य पक्षों को जाने बिना इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

    95 प्रतिशत भारतीय Election News Markandey Katju जातिवाद भारतीय लोकतंत्र मतदान का अधिकार मार्कंडेय काटजू राजनीतिक विवाद राष्ट्रीय समाचार वोट चोरी सांप्रदायिकता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    Rajat Kumar
    Rajat Kumar

    Related Posts

    राजस्थान में घर की दीवार बनी मां-बेटी की मौत का कारण! अचानक भरभराकर गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबकर बुझ गईं दो जिंदगियां

    November 4, 2026

    जयपुर की 133 ग्राम पंचायतों में कल किसके सिर सजेगा सरपंच का ताज? आज ही नामांकन, जांच और नाम वापसी; शाम को आएगी फाइनल लिस्ट

    November 4, 2026

    यूपी चुनाव 2027 से पहले प्रियंका गांधी का मिशन शुरू, सपा के साथ गठबंधन की तैयारी; अखिलेश यादव से सीटों पर होगी सीधी बातचीत

    November 4, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisements
    • News of India Tv
    • Newsofindia TV
    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    आज का मौसम
    Widget weather
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    राशिफल
    Top Posts

    राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम 2026: गांवों में किसने जीता सरपंच का चुनाव? 16 जिलों में मतगणना के बाद सामने आने लगे नतीजे

    October 25, 20266,412 Views

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,567 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views
    About Us

    Newsofindia TV

    News of India TV is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    राजस्थान में घर की दीवार बनी मां-बेटी की मौत का कारण! अचानक भरभराकर गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबकर बुझ गईं दो जिंदगियां

    By Rajat KumarNovember 4, 2026

    राजस्थान के सलूंबर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां एक कच्चे…

    Also Read

    राजस्थान में घर की दीवार बनी मां-बेटी की मौत का कारण! अचानक भरभराकर गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबकर बुझ गईं दो जिंदगियां

    November 4, 2026

    जयपुर की 133 ग्राम पंचायतों में कल किसके सिर सजेगा सरपंच का ताज? आज ही नामांकन, जांच और नाम वापसी; शाम को आएगी फाइनल लिस्ट

    November 4, 2026

    ‘95% भारतीयों के सिर में गोबर भरा है, इन्हें वोट नहीं देना चाहिए’, पूर्व जज मार्कंडेय काटजू के बयान से मचा बवाल! बोले- और होनी चाहिए वोट चोरी

    November 4, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.