राजस्थान में पंचायत चुनाव की हलचल अब गांवों तक पहुंच गई है। जयपुर जिले की 133 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए चुनावी मुकाबले की तस्वीर आज साफ होने जा रही है। बुधवार, 4 नवंबर को नामांकन दाखिल करने, उनकी जांच और नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होगी। गुरुवार, 5 नवंबर को इन ग्राम पंचायतों में मतदान कराया जाएगा।
इस चरण में चाकसू, कोटखावदा, माधोराजपुरा, फागी और सांगानेर पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतें शामिल हैं। प्रशासन के सामने शांतिपूर्ण मतदान कराने की जिम्मेदारी है, जबकि गांवों में उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की सक्रियता बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नाम वापसी के बाद कितने प्रत्याशी मैदान में बचते हैं और किस पंचायत में मुकाबला सबसे दिलचस्प बनता है।
आज ही नामांकन, जांच और नाम वापसी
पंच और सरपंच पदों के लिए 4 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक नामांकन पत्र जमा करने का समय दिया गया है। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा। नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। इसके बाद चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची प्रकाशित होगी।
इस प्रक्रिया के पूरी होते ही गांवों में चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर सामने आ जाएगी। जिन उम्मीदवारों ने नामांकन किया है, उनमें से कितने चुनाव मैदान में बने रहते हैं, यह आज दोपहर बाद स्पष्ट होगा।
पांच पंचायत समितियों की 133 ग्राम पंचायतों में चुनाव
जयपुर जिले के तीसरे चरण में पांच पंचायत समितियों की 133 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इनमें चाकसू, कोटखावदा, माधोराजपुरा, फागी और सांगानेर शामिल हैं।
इस चरण में कुल 3,74,816 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। मतदान के लिए 442 पोलिंग स्टेशन निर्धारित किए गए हैं। गांवों के स्तर पर होने वाला यह चुनाव स्थानीय नेतृत्व के चयन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव सीधे ग्रामीण मतदाताओं की भागीदारी से होगा।
सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 नवंबर को सुबह 7 बजे मतदान शुरू होगा और शाम 6 बजे तक चलेगा। मतदाता अपने गांव में सरपंच और संबंधित वार्ड के पंच पद के लिए वोट डालेंगे।
इन पदों के चुनाव में बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। उम्मीदवारों की अंतिम सूची मतदान से ठीक पहले तय होने के कारण बैलेट पेपर पर प्रत्याशियों के नाम हाथ से लिखे जाने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है।
मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना शुरू की जाएगी। इसके बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। हालांकि, सभी स्थानों पर परिणाम आने में लगने वाला समय मतगणना की स्थिति और प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
3.74 लाख से अधिक मतदाताओं के हाथ में गांवों की सरकार
इस चरण में 3 लाख 74 हजार से अधिक मतदाता अपने गांव के प्रतिनिधियों को चुनेंगे। सरपंच का पद गांव के विकास कार्यों, स्थानीय सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ा होता है। वहीं वार्ड पंच अपने वार्ड के लोगों की समस्याओं और जरूरतों को पंचायत तक पहुंचाने में भूमिका निभाते हैं।
ऐसे में ग्रामीण मतदाताओं के सामने उम्मीदवारों का स्थानीय काम, उपलब्धता, गांव की समस्याओं की समझ और विकास को लेकर उनकी योजनाएं महत्वपूर्ण मुद्दे हो सकते हैं।
पेयजल, सड़क, सफाई, नाली, बिजली, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ जैसे विषय ग्रामीण चुनावों में अक्सर चर्चा में रहते हैं। मतदाता इन मुद्दों के आधार पर अपने प्रतिनिधियों का चयन कर सकते हैं।
मतदान के बाद उपसरपंच का चुनाव भी होगा
पंच और सरपंच के चुनाव के बाद पंचायत स्तर पर उपसरपंच के चयन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 6 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा। इसमें चुने गए वार्ड पंच भाग लेंगे।
इस तरह 5 नवंबर को होने वाला मतदान ग्राम पंचायतों में नए नेतृत्व के चयन की दिशा तय करेगा और अगले दिन उपसरपंच के चुनाव के साथ स्थानीय पंचायत की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
उम्मीदवारों की अंतिम सूची कहां मिलेगी?
नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची और चुनाव चिह्न संबंधित निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी किए जाएंगे। मतदाता अपने क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय, संबंधित ग्राम पंचायत और निर्धारित मतदान केंद्र पर प्रदर्शित सूची से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध होने पर उम्मीदवारों की सूची देखी जा सकती है। मतदाताओं को सलाह है कि वे अपने वार्ड और ग्राम पंचायत की सही जानकारी पहले से जांच लें, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की परेशानी न हो।

