बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! राजेन्दर से सीमा त्रिपाठी तक कई IAS अफसरों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

बिहार सरकार: ने एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों का आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक गृह, वित्त, मंत्रिमंडल सचिवालय, राजस्व एवं भूमि सुधार और राज्यपाल सचिवालय समेत कई अहम विभागों में बदलाव किए गए हैं।

इस फेरबदल में 1992 बैच से लेकर 2013 बैच तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है, जबकि कुछ को पुराने अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है।

दीपक कुमार सिंह बने राज्यपाल के प्रधान सचिव

Deepak Kumar Singh को राज्यपाल का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। वे फिलहाल सामान्य प्रशासन विभाग में महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त के पद पर कार्यरत थे।

सरकार ने उन्हें नई जिम्मेदारी के साथ-साथ महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। प्रशासनिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण नियुक्ति माना जा रहा है।

अरविंद कुमार चौधरी को मिली नई जिम्मेदारी

Arvind Kumar Chaudhary को गृह विभाग से हटाकर अपर मुख्य सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बनाया गया है।

इसके अलावा उन्हें:

  • बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद के परीक्षा नियंत्रक
  • बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष

का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक समन्वय मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

डॉ. बी. राजेन्दर को मिला निगरानी विभाग का अतिरिक्त प्रभार

B Rajender, जो वर्तमान में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं, उन्हें अब निगरानी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

निगरानी विभाग राज्य में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच से जुड़ा अहम विभाग माना जाता है। ऐसे में यह जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कुन्दन कुमार को गृह विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी

Kundan Kumar वर्तमान में उद्योग विभाग के सचिव हैं। अब उन्हें गृह विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

वे पहले से:

  • बिहार फाउंडेशन
  • बियाडा (BIADA)
  • आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण

की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

संजय कुमार सिंह अतिरिक्त प्रभार से मुक्त

Sanjay Kumar Singh, जो वित्त विभाग के सचिव हैं, उन्हें जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

सरकार का यह कदम विभागीय कार्यभार को संतुलित करने के तौर पर देखा जा रहा है।

सीमा त्रिपाठी को मिला अहम विभाग

Seema Tripathi वर्तमान में बिहार मानवाधिकार आयोग की सचिव हैं। अब उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

राजस्व और भूमि सुधार विभाग राज्य प्रशासन का बेहद महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है क्योंकि इससे सीधे जमीन, रिकॉर्ड और राजस्व से जुड़े फैसले प्रभावित होते हैं।

निलेश देवरे बने बिहार राज्य आवास बोर्ड के MD

Nilesh Ramchandra Deore, जो अभी सिविल विमानन विभाग में विशेष सचिव थे, उन्हें बिहार राज्य आवास बोर्ड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।

आवास बोर्ड राज्य में शहरी आवास और विकास परियोजनाओं से जुड़ा अहम संस्थान है।

इनायत खान और अरविंद वर्मा को अतिरिक्त प्रभार

Inayat Khan को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

वहीं Arvind Kumar Verma को उद्योग विभाग में विशेष सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजीव कुमार श्रीवास्तव अब वित्त विभाग में

Rajeev Kumar Srivastava, जो अब तक बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक थे, उन्हें अब अपर सचिव, वित्त विभाग बनाया गया है।

क्यों अहम माना जा रहा है यह फेरबदल?

विशेषज्ञों के अनुसार बिहार सरकार का यह प्रशासनिक बदलाव कई कारणों से महत्वपूर्ण है:

  • विभागों के बीच बेहतर समन्वय
  • प्रशासनिक कार्यों में तेजी
  • चुनावी और विकास कार्यों की तैयारी
  • विभागीय दक्षता बढ़ाना

राज्य सरकार समय-समय पर अधिकारियों के अनुभव और कार्यशैली के आधार पर ऐसे बदलाव करती रहती है।

प्रशासनिक हलकों में बढ़ी चर्चा

बड़े पैमाने पर हुए इस फेरबदल के बाद बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। कई वरिष्ठ अधिकारियों को अहम विभाग सौंपे जाने को सरकार की रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में और भी विभागीय बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

बिहार सरकार ने एक बार फिर बड़े स्तर पर IAS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां कर प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। दीपक कुमार सिंह, बी. राजेन्दर, सीमा त्रिपाठी और अरविंद कुमार चौधरी समेत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।

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