उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। नीट परीक्षा पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी की लोहिया वाहिनी, छात्र सभा और यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता हाथों में सरकार विरोधी पोस्टर, बैनर और अखिलेश यादव की तस्वीरें लेकर पहुंचे थे। वे भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और जनता को मूल मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जा रही है।
स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद कई कार्यकर्ता पुलिस की बस पर चढ़ गए और वहीं से नारेबाजी करने लगे। कुछ कार्यकर्ता बस की छत पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगे, जिन्हें नीचे उतारने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कई कार्यकर्ताओं को पकड़कर बस में बैठाया और हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। इस दौरान सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन सड़क पर घसीटा, जिससे उनके कपड़े फट गए और हाथ-पैर छिल गए।
समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव आनंद यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें आम जनता की कमर तोड़ रही हैं। खाने-पीने की वस्तुएं भी महंगी होती जा रही हैं, लेकिन सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय सिर्फ राजनीतिक एजेंडा चला रही है।
उन्होंने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती समेत कई भर्तियां वर्षों से लंबित पड़ी हैं। सरकार ओबीसी वर्ग को उनका अधिकार देने से बच रही है और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। आनंद यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों में भी पक्षपात कर रही है।

प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे असली मुद्दों से ध्यान हटाकर हिंदू-मुस्लिम राजनीति कर रही है। उनका कहना था कि आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है।
समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव राज साहनी ने कहा कि NEET परीक्षा पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। इसके बावजूद सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय विरोध करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध, हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
राज साहनी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को जबरन बसों में भरकर ले जाया गया। कई कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की गई और उन्हें चोटें भी आईं।
हजरतगंज चौराहे पर हुए इस प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की थी। देर शाम तक इलाके में पुलिस की निगरानी बनी रही।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए विपक्ष अब सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर लगातार घेरने की रणनीति अपना रहा है। वहीं, भाजपा सरकार विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक नौटंकी बता रही है।
लखनऊ में सपाइयों का यह प्रदर्शन सिर्फ एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि युवाओं, छात्रों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर बढ़ते असंतोष का संकेत माना जा रहा है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प ने इस आंदोलन को और चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।